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क्या बेल का फल किडनी के लिए अच्छा है? डॉक्टर से जानें, तब खाएं

किडनी के लिए बेल का फल: इस मौसम में आपको हर तरफ बेल का फल मिल जाएगा। लोग इस फल को खाते हैं और इसका जूस पीते हैं। लेकिन, आज हम जानेंगे कि किडनी के लिए बेल का फल कितना फायदेमंद है?

किडनी के लिए बेल का फल: बेल का फल अपने खास न्यूट्रीएंट्स, फाइबर और रफेज की वजह से जाना जाता है। इस मौसम में आपको यह फल हर तरफ मिल जाएगा। लोग बेल के फल से इसका गूदा निकालकर खाते हैं। कुछ लोग इसका शरबत बनाकर पूरी गर्मी पीते हैं तो बच्चों को इससे बनी स्मूदी खूब पसंद आती है। लेकिन, इस फल को ज्यादा खाने वालों में वह लोग शामिल हैं जिन्हें कब्ज या पेट से जुड़ी दिक्कत रहती है। दरअसल, इसका फाइबर और रफेज आंतों की गति को तेज करने और मत त्याग को आसान बनाने में मदद करता है। पर क्या किडनी के लिए भी लैक्सेटिव गुणों वाला यह फल फायदेमंद (Bel fruit for kidney) है? आइए, जानते हैं इस बारे में Dr. Shrey srivastava, Senior Consultant-Internal Medicine,Sharda Hospital से।

क्या बेल का फल किडनी के लिए अच्छा है-Is bel fruit is good for kidney patient in hindi?

Dr. Shrey srivastava बताते हैं कि बेल के पेड़ का फल, जिसे आम तौर पर वुड एप्पल के नाम से भी जाना जाता है, अपने औषधीय गुणों और स्वास्थ्य लाभों के लिए प्रसिद्ध है, खासकर पारंपरिक चिकित्सा में। जबकि यह माना जाता है कि यह शरीर के लिए कई फायदेमंद है, किडनी के स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों पर सावधानीपूर्वक विचार करने की जरूरत है। बेल के फल में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और आहार फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन संबंधी समस्याओं में मदद कर सकता है और प्रतिरक्षा को बढ़ा सकता है। इसके सूजन-रोधी गुण समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

हालांकि, जब किडनी के स्वास्थ्य की बात आती है, तो बेल के फल का सेवन करने से पहले किसी स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से परामर्श करना जरूरी है, खासकर अगर आपको पहले से ही किडनी की समस्या है। फल में मौजूद कुछ यौगिक दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं या संवेदनशील व्यक्तियों में किडनी की समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, बेल के फल का अत्यधिक सेवन पाचन संबंधी परेशानी, डिहाइड्रेशन या असंतुलित इलेक्ट्रोलाइट्स का कारण बन सकता है, जो किडनी के कार्य को प्रभावित कर सकता है।

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किडनी रोगियों के लिए सावधानियां-Precautions for Kidney Patients

  • -सबसे पहले तो किडनी के मरीजों को ज्यादा बेल के सेवन से बचना चाहिए। बेल फल ब्लड शुगर के स्तर में महत्वपूर्ण गिरावट का कारण बन सकता है, जो किडनी रोगियों के लिए दिक्कत बढ़ा सकती है।
  • -किडनी के मरीजों के लिए बेल जैसे भारी फल को पचाना मुश्किल हो सकता है। फिल्ट्रेशन का काम और प्रभावित हो सकता है इसलिए इस फल के सेवन से बचें।
  • -बेल के फल में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है, जिसे किडनी के लिए इसे संसाधित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अपने पोटेशियम के स्तर को सही रखने के लिए किडनी के मरीजों को बेल का फल नहीं खाना चाहिए।

बेल फल का सेवन कैसे करें-How to have bel for healthy kidney?

अगर आप किडनी के मरीज हैं और बेल खाने का मन हो रहा है तो बेल के फल का पतला सा रस बनाकर पिएं। जिसमें बिलकुल भी गूदा न हो और पानी की मात्रा ज्यादा हो। अगर आप स्मूदी बना रहे हैं तो इसे दही के साथ पतला सा बनाएं ताकि यह नुकसानदेह न हो। स्वाद के लिए आप बेल की चटनी खा सकते हैं जिसमें ज्यादा मसाले न हो।

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ध्यान रखें:

Dr. Shrey बताते हैं कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, अपने आहार में कोई भी नया फल या सप्लीमेंट शामिल करने से पहले हमेशा पेशेवर चिकित्सा सलाह लें, खासकर जब किडनी के स्वास्थ्य से संबंधित हो। एक डॉक्टर आपको उचित मात्रा के बारे में मार्गदर्शन कर सकता है और अगर आवश्यक हो तो आपके किडनी के कार्य की निगरानी करने में मदद कर सकता है। इसलिए, जबकि बेल के फल में संभावित स्वास्थ्य लाभ हैं, इसे खाने से पहले सावधान और जानकारी रखना महत्वपूर्ण है। इतना ही नहीं बेल फल के सप्लीमेंट लेने से पहले किसी स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से सलाह लें, क्योंकि वे अन्य दवाओं के साथ परस्पर क्रिया कर सकता है जिससे आपको रिएक्शन हो सकता है।

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Mar 26, 2025 11:42 IST

    Published By : Pallavi Kumari

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