Mon Oct 12, 2026 | 08:57 AM IST

Medically Reviewed by Dr Naveen Polavarapu , Gastroenterologist

पेट ही नहीं, पूरे शरीर को प्रभावित कर सकती है खराब गट हेल्थ, डॉक्‍टर से जानें इसके नुकसान

अपच, गैस, एस‍िड‍िटी या पाचन की कोई भी समस्‍या होने से व्‍यक्‍त‍ि की द‍िनचर्या प्रभाव‍ित हो जाती है। सोच‍िए अगर पूरी पाचन प्रणाली ही ब‍िगड़ जाए, तो इससे सेहत पर क्‍या असर पड़ेगा? डॉक्‍टर से जानें खराब गट हेल्थ के नुकसान।  
पेट ही नहीं, पूरे शरीर को प्रभावित कर सकती है खराब गट हेल्थ, डॉक्‍टर से जानें इसके नुकसानपेट ही नहीं, पूरे शरीर को प्रभावित कर सकती है खराब गट हेल्थ, डॉक्‍टर से जानें इसके नुकसान

कई बार लोगों को ऐसा लगता है क‍ि खराब गट हेल्‍थ का मतलब है खराब पाचन। जबक‍ि खराब गट हेल्‍थ का बुरा असर पूरे शरीर पर पड़ता है। मुंह, इसोफेगस, पेट, छोटी आंत, बड़ी आंत, रेक्‍टम, गुदा ये सभी गट हेल्‍थ के अंतर्गत ही आते हैं। गट हेल्‍थ अच्‍छी है, तो पूरी सेहत अच्‍छी रहती है, लेक‍िन अगर गट हेल्‍थ खराब है, तो पूरे शरीर को इसके नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। गट हेल्‍थ के खराब होने से बार-बार गैस, कब्‍ज, दस्‍त, बार-बार अपच, एस‍िड‍िटी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। आगे जानेंगे गट हेल्‍थ सेहत को कैसे प्रभाव‍ित करती है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Naveen Polavarapu, Senior Consultant Gastroenterologist, Liver Specialist & Advanced Therapeutic Endoscopist & Endosonologist At Yashoda Hospitals, Hitec City से बात की।

Gastroenterologist & Liver Specialist Dr. Naveen Polavarapu ने कहा ''जब गट हेल्‍थ खराब होती है, तो इसका असर पेट खराब होने के मुकाबले कहीं ज्‍यादा मात्रा में शरीर पर पड़ता है। खराब गट हेल्‍थ से पोषक तत्वों के एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया, इम्यून सिस्टम और माइक्रोबायोम का संतुलन प्रभाव‍ित होता है। ये सभी मेटाबोलिक, इंफ्लेमेटरी और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं।''

शरीर में सूजन बढ़ सकती है

आंतों में लगातार सूजन से शरीर में भी सूजन बढ़ सकती है। इससे ऑटोइम्‍यून‍ बीमार‍ियों का खतरा बढ़ सकता है और मेटाबोल‍िक स‍िंड्रोम की समस्‍या हो सकती है। साल 2015 में मेड‍िकल जर्नल International Journal Of Molecular Sciences में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, गट हेल्‍थ खराब होने से सूजन बढ़ सकती है ज‍िससे मोटापा बढ़ता है, इंफ्लेमेटरी बाउल ड‍िजीज का खतरा बढ़ सकता है और डायब‍िटीज जैसी समस्‍याओं के साथ इसका संबंध देखा गया है।

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मेंटल हेल्‍थ बि‍गड़ सकती है

गट माइक्रोब‍ियल असंतुल‍न से मूड स्‍व‍िंग्‍स, साेचने-समझने की क्षमता में गड़बड़ी और अन‍िद्रा जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। साल 2020 में मेड‍िकल जर्नल Clinical And Translational Medicine में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, आंतों के बैक्टीरिया में बदलाव मूड, भावनाओं, व्यवहार और द‍िमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे बाइपोलर डिसऑर्डर हो सकता है।

पोषक तत्‍वों की कमी हो सकती है

Dr. Naveen Polavarapu ने कहा ''जब गट हेल्‍थ ब‍िगड़ जाती है, तो डिस्बायोसिस (आंतों में बैक्‍टीर‍िया ब‍िगड़ जाने की स्‍थि‍त‍ि), लंबे समय तक रहने वाली सूजन या आंतों में बदलाव आता है, तो पेट फूलना, पोषक तत्‍वाें का ठीक से एब्‍जॉर्ब न हो पाना या पोषक तत्‍वों की कमी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। इससे थकान, वजन में बदलाव या एनीम‍िया भी हो सकता है।''

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हार्ट और क‍िडनी की सेहत प्रभाव‍ित हो सकती है

गट हेल्‍थ के खराब होने के कारण हार्ट और क‍िडनी की सेहत भी प्रभाव‍ित होती है। गट में बैक्‍टीर‍िया के असंतुलन से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, हार्ट डि‍जीज का खतरा बढ़ जाता है। गट हेल्‍थ खराब होने से शरीर में अपश‍िष्‍ट पदार्थों की मात्रा बढ़ सकती है और क‍िडनी की कार्यक्षमता प्रभाव‍ित हो सकती है। साल 2023 में मेड‍िकल जर्नल Cureus में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, गट माइक्रोबायोटा में असंतुलन (Dysbiosis) से हार्ट डि‍जीज जैसे धमनियों में प्लाक जमना और कार्डियोमेटाबोलिक समस्याओं का संबंध देखा गया है।

गट हेल्‍थ को मजबूत कैसे बनाएं?

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  • गट हेल्‍थ को मजबूत बनाने के ल‍िए धूम्रपान और अल्‍कोहल से परहेज करें।
  • चीनी की मात्रा को सीम‍ित करें क्‍योंक‍ि ज्‍यादा चीनी आंतों के माइक्रोबायोम के संतुलन को खराब कर सकती है।
  • ज्‍यादा जरूरी होने पर या केवल डॉक्‍टर की सलाह पर ही एंटीबायोटिक खाएं क्‍योंक‍ि ये बैड के साथ गुड बैक्‍टीर‍िया को भी खत्‍म कर देती है।
  • ज्‍वार, बाजरा, रागी जैसे साबुत अनाजों को डाइट में शाम‍िल करें।
  • हेल्‍दी फैट्स जैसे अखरोट, अलसी के बीज का भी सेवन करें, इससे गट हेल्‍थ को मजबूत बनाने में मदद मि‍लती है।

खराब गट हेल्‍थ के खतरे से कैसे बचें?

सही खान-पान, माइक्रोबायोम को बेहतर बनाने वाली थेरेपी, इंफेक्‍शन या सूजन वाली स्थितियों का इलाज और जीवनशैली में बदलाव जैसे तरीकों और शुरुआती पहचान और सही इलाज के जरिए गट की सेहत को ठीक किया जा सकता है और आगे होने वाले खतरों को कम किया जा सकता है।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • पेट में दर्द होना।
  • मल में खून आना।
  • बार-बार उल्‍टी या उल्‍टी में खून आना।
  • पेट फूलना।
  • भूख न लगना।

न‍िष्‍कर्ष:

गट हेल्‍थ खराब होने से शरीर में सूजन बढ़ सकती है ज‍िससे मोटापा, इंफ्लेमेटरी बाउल ड‍िजीज, डायब‍िटीज जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। इससे मेंटल हेल्‍थ भी प्रभाव‍ित हो सकती है, मूड स्‍व‍िंग्‍स और अन‍िद्रा जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। शरीर में पोषक तत्‍वों की कमी हो सकती है ज‍िससे इंफेक्‍शन और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा हार्ट और क‍िडनी की कार्यक्षमता प्रभाव‍ित हो सकती है और इन अंगों से जुड़ी बीमार‍ियों का खतरा बढ़ सकता है।

FAQ

  • क्‍या गट हेल्‍थ त्‍वचा को भी प्रभाव‍ित करती है?

    गट में सूजन और माइक्रोबायोम में बदलाव की वजह से त्‍वचा में सूजन में सूजन नजर आ सकती है। 
  • गट हेल्‍थ का वजन से क्‍या संबंध है?

    अगर गट हेल्‍थ खराब होगी, तो शरीर का मेटाबॉल‍िज्‍म धीमा हो जाएगा ज‍िसके कारण वेट लॉस करने में परेशानी हो सकती है और वजन बढ़ सकता है। 

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  • Current Version

    Jul 27, 2026 18:57 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Naveen Polavarapu