Tue Sep 15, 2026 | 06:46 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetan Sharma , Consultant - Ayurveda

बारिश के मौसम में क्यों जरूर खाना चाहिए कंटोला? आयुर्वेदाचार्य से जानें इस मौसमी सब्जी के 7 फायदे

बारिश के मौसम में कंटोला की सब्जी खाने के कई फायदे हैं। छोटे से आकार की कांटेदार सब्जी पाचन से लेकर ब्लड शुगर मैनेज करने में बहुत असरदार होती है। इस लेख में आयुर्वेदाचार्य ने कंटोला की सब्जी खाने के कई फायदे बताए हैं।

बारिश के मौसम में कंटोला खाना कई लोगों को पसंद होता है, लेकिन इसके फायदों की जानकारी नहीं होती। अंग्रेजी में स्पाइनी गॉर्ड (Spiny Gourd) कहे जाने वाली कांटेदार आकार की सब्जी में डाइटरी फाइबर, विटामिन और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad ने बताया कि इसे कम तेल में पकाकर खाना ज्यादा बेहतर रहता है, ताकि शरीर को इसके ज्यादा से ज्यादा फायदे मिल सकें।

कंटोला खाने के 7 फायदे

Frontier में प्रकाशित जर्नल के मुताबिक कंटोला के कई फायदे हो सकते हैं।

 

फायदे

डायबिटीज मैनेज करना 

कंटोला इंसुलिन के स्त्राव को बढ़ाता है।
ग्लूकोज का स्तर कंट्रोल होता है।
पैंक्रियाज की β-कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने में मदद करता है।

किडनी के लिए फायदेमंद

डायबिटीज या दवाओं के कारण किडनी को होने वाले नुकसान से बचाता है।
ब्लड में यूरिया नाइट्रोजन, यूरिक एसिड और क्रिएटिनिन के स्तर को सुधारता है। 

कोलेस्ट्रॉल और हार्ट के लिए मददगार

कंटोला में मौजूद फ्लेवोनॉट्स, स्टेरोल्स और सैपोनिन आंतों में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकने में मदद करता है। 

एंटी-ऑक्सीडेंट और इम्यून सिस्टम में फायदेमंद 

यह फ्लेवोनॉट्स और फेनोलिक्स से भरपूर है, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं।  

सूजन और दर्द कम करने में सहायक

कंटोला के फल का अर्क गठिया और शरीर की सूजन तथा दर्द को कम करने में असरदार है।

पाचन में मददगार

हाई डाइटरी फाइबर (21 से 22%) होने के कारण डाइजेशन में मदद करता है और कब्ज को दूर करता है। 

त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद 

कंटोला के कच्चे फल का रस चेहरे पर लगाने से मुंहासे ठीक होते हैं।
भुने हुए बीजों और पत्तियों का इस्तेमाल स्किन से जुड़ी समस्याओं के इलाज में किया जाता है। 

एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-कैंसर

कंटोला के अर्क में E. coli और Staphylococcus जैसे हानिकारक बैक्टीरिया को रोकने की क्षमता है।
यह ल्यूकेमिया, ओवेरियन और सर्वाइकल कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है।

Dr. Chetan Sharma कहते हैं कि मानसून में डाइट लेते समय पाचन क्षमता और व्यक्ति की प्रकृति को ध्यान में रखना चाहिए। हालांकि, कंटोला हर उम्र के लोग खा सकते हैं, क्योंकि इसके कई फायदे हो सकते हैं।

1. डाइजेशन के लिए बेहतर

Dr. Chetan Sharma ने बताया कि कंटोला में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो आंतों के नॉर्मल फंक्शन में मदद करता है। इससे मल त्याग करने में मदद मिलती है। जिन लोगों की डाइट में सब्जियां और फाइबर की मात्रा कम होती है, उन्हें कंटोला अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। हालांकि, कंटोला की मात्रा बहुत ज्यादा न रखें, क्योंकि ज्यादा फाइबर लेने के बजाय इसे धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर रहता है और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।

2. वजन कंट्रोल करने में मददगार

Dr. Chetan Sharma के अनुसार, वैसे तो वजन कम करने के लिए किसी एक फूड पर निर्भर नहीं हुआ जा सकता। इसके लिए पूरे खान-पान का महत्व होता है। कंटोला जैसी सब्जियां भोजन में फाइबर बढ़ाने में मदद कर सकती हैं और इससे काफी देर तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें कंटोला को कम तेल और हल्के मसालों में पकाना चाहिए।

3. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

Dr. Chetan Sharma ने कहा कि कंटोला में विटामिन C और कई पोषक तत्व होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं। हालांकि, सिर्फ कंटोला खाने से इम्यूनिटी बढ़ने का दावा नहीं किया जा सकता, लेकिन बारिश के मौसम में ऐसी सब्जियां खाना जरूरी होता है।

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यह भी पढ़ें- क्या प्रेगनेंसी में कंटोला की सब्जी खाना चाहिए? जानें इसके फायदे और सावधानियां

4. ब्लड शुगर मैनेज करने में मददगार

Dr. Chetan Sharma कहते हैं, “फाइबर से भरपूर सब्जियों को बैलेंस्ड डाइट में शामिल करने से ग्लूकोज के अवशोषण प्रभावित हो सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज कंटोला को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि कंटोला को डायबिटीज की दवा न समझा जाए, बल्कि इसे सब्जी के तौर पर डाइट में शामिल करना चाहिए।”

5. हार्ट के लिए फायदेमंद

Dr. Chetan Sharma का कहना है कि हार्ट के लिए फाइबर और पोटैशियम से भरपूर सब्जियों को बेहतर माना जाता है। कंटोला खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है। इसलिए हार्ट को बेहतर रखने के लिए कंटोला को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

6. स्किन के लिए बेहतर

Dr. Chetan Sharma के अनुसार, कंटोला में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो स्किन के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। कई लोग कंटोला के फल का रस स्किन पर लगाते हैं, जिससे मुंहासों को आराम मिल सकता है।

7. सूजन में फायदेमंद

Frontier में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों को जोड़ों की समस्या होती है, उनके लिए कंटोला खाना काफी फायदेमंद हो सकता है। इस फल का अर्क गठिया की सूजन कम करने में काफी असरदार साबित हो सकता है।

कंटोला खाते समय किन बातों का ध्यान रखें?

Dr. Chetan Sharma कहते हैं, “कंटोला को अच्छी तरह साफ करके और अच्छी तरह पकाकर खाना चाहिए। मानसून में सब्जियों की साफ-सफाई पर खास ध्यान रखना जरूरी है। इसे बिना वजह ज्यादा तेल में न पकाएं और अगर किसी को एलर्जी हो, तो कंटोला बिल्कुल न लें।”

आयुर्वेदाचार्य की सलाह

Dr. Chetan Sharma सलाह देते हैं कि आयुर्वेद में मौसम के अनुसार डाइट लेने पर खास जोर दिया जाता है। अक्सर लोग बारिश के मौसम में तली-भुनी चीजें जैसे पकौड़े, समोसे और दूसरी हाई-कैलोरी चीजें बहुत ज्यादा खाने लगते हैं, लेकिन आयुर्वेद मानसून में ताजी और मौसमी सब्जियों को संतुलित मात्रा में खाने की सलाह देता है। कंटोला में कई न्यूट्रिशन होते हैं, जो मानसून में बहुत फायदेमंद हो सकते हैं, इसलिए इसे डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

निष्कर्ष

कंटोला को मानसून के सीजन में डाइट में जरूर शामिल किया जाना चाहिए, ताकि इसमें मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल सके। हालांकि, कंटोला को किसी भी बीमारी का इलाज या सप्लीमेंट नहीं समझना चाहिए, लेकिन इसे बैलेंस्ड डाइट के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या कंटोला खाने का कोई साइड इफेक्ट भी हो सकता है?

    कंटोला सामान्यतः सुरक्षित है, लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने पर कुछ लोगों को हल्की एसिडिटी, पेट में गैस या दस्त की शिकायत हो सकती है। लो ब्लड शुगर की दवा ले रहे लोगों को इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए।
  •  क्या गर्भवती महिलाओं के लिए कंटोला खाना सुरक्षित है?

    संतुलित मात्रा में पकाया गया कंटोला खाना सुरक्षित है। इसमें मौजूद फोलिक एसिड गर्भ में पल रहे बच्चे के न्यूरल ट्यूब विकास के लिए फायदेमंद होता है। हालांकि, इसे कच्चा या बहुत मसालेदार बनाकर खाने से बचें।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 15, 2026 18:01 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetan Sharma

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