क्या आपके साथ ऐसा होता है कि दोस्तों के बीच रहते हुए भी अकेलापन महसूस हो रहा है? ऐसा लग रहा है कि इस भीड़ में आप बिल्कुल अलग-थलग हो गए हैं? न अपनी बात ठीक से कह पा रहे हैं और न ही किसी की बात समझ पा रहे हैं? अक्सर लोग अपनी इस स्थिति को समझ नहीं पाते हैं और खुद को दूसरों से पूरी तरह अलग कर लेते हैं। आपको बता दें कि लोगों के बीच रहकर भी अकेलापन महसूस होना सही नहीं है। इसके पीछे कई तरह के कारण जिम्मेदार होते हैं।
इस बारे में माइंडवेल काउंसल की संस्थापक, काउंसलर और फैमिली थेरेपिस्ट अर्चना सिंघल (Archana Singhal, Counsellor & Family Therapist and Founder of Mindwell Counsel) कहती हैं, "अक्सर भीड़ में रहते हुए भी वही लोग अकेलापन महसूस करते हैं, जिनकी इन लोगों के साथ इमोशनल कनेक्शन नहीं होता है या जिन लोगों को जजमेंट का डर बना रहता है। असल में, अकेलापन महसूस करने के बीच कई अन्य वजहें भी जिम्मेदार हैं, जिन्हें विस्तार से समझना बहुत जरूरी है।"
लोगों के बीच रहकर भी अकेलापन महसूस होने के कारण
Feeling Lonely In A Crowd Reasons
- भावनात्मक दूरीः जब लोगों के बीच रहते हुए भी हम अपनी बात सही तरह से शेयर न कर पाएं, हर बार लगे कि कोई हमारी बातों को समझता नहीं है या सच बातें साझा करते हुए भी घबराहट महसूस हो, तो ऐसे में अपने यार-दोस्तों के साथ भी भावनात्मक दूरी हो जाती है। PLOS ONE जर्नल में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध पत्र के अनुसार जब सच्चे व गहरे संबंधों की कमी होती है, तब भी अकेलेपन का एहसास होता है।
- गलत समझे जाने डरः जब हर समय गलत समझे जाने का डर होता है, तो अक्सर लोग अपने मन की बात कहने से हिचकने लगते हैं। इस तरह के लोग भी दोस्तों के साथ रहते हुए भी अकेलापन महसूस करते हैं। विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि ऐसे लोग अपनी असली पर्सनैलिटी को भी छिपाने की कोशिश करते हैं, जो उन्हें अकेलेपन से भर देता है।
- शर्मीलापन महसूस करनाः कई लोग बहुत ज्यादा शर्मीले होते हैं और इस बात को लेकर कॉन्शस होते हैं कि वे कैसे दिख रहे हैं? कोई उनके बारे में क्या सोचेगा आदि। इस तरह की बातें भी अक्सर लोगों को गहराई तक अकेलेपन से घेर लेती हैं। दरअसल, जब आप अपने असली व्यक्तित्व को सामने पेश नहीं कर पाते हैं, तो ऐसे में मन में अपने आप खोखलापन भर जाता है। 2020 में Frontiers in Psychology जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट से पता चलता है, सोशल मीडिया का अत्यधिक इस्तेमाल और साइबर बुलिंग (Cyberbullying) अकेलेपन को बढ़ाता है। ऐसा खासकर किशोरों में देखने को मिलता है।
- अधिक अपेक्षाएंः कुछ लोगों की अपेक्षाएं यानी उम्मीदें बहुत ज्यादा होती हैं। ये लोग हमेशा दूसरों के अटेंशन की उम्मीद करते हैं। जब ऐसा नहीं होता है, तो उन्हें लगता है कि उन्हें अहमियत नहीं दी जा रही है। इसके उलट वे यही मानकर चलते हैं कि उनकी अनदेखी की जा रही है।
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इससे निपटने के लिए क्या करें?
अगर आप उन लोगों में से हैं, जो अक्सर भीड़ में भी अकेलापन महसूस करते हैं, तो परेशान न हों। इससे निपटने के लिए एक्सपर्ट द्वारा बताए गए कुछ टिप्स अपना सकते हैं, जैसे-
- खुद से पहल करेंः हमेशा दूसरे ही बातचीत की शुरुआत करें, इस मानसिकता में सुधार करने की जरूरत है। कभी-कभी अकेलेपन से उबरने के लिए जरूरी है कि जब भी आप दोस्तों के बीच हों, वहां बातचीत करें। खुद से पहल करें। यकीन मानिए, यह बहुत आसान है।
- एकांत और अकेलेपन का फर्क समझेंः कई बार भीड़ में भी अकेले रहना अच्छा लगता है। यह स्थिति मन को शांति देती है और खुशी का एहसास कराती है। वहीं जब हम दूसरों से बातचीत करने में असमर्थ होते हैं, जजमेंट का डर होता है, तो अकेलापन घेर लेता है। इन दोनों के अंतर को समझकर आप समस्या से निपट सकते हैं।
- समान रुचि वाले लोगों से मिलेंः अगर आपको ऐसे लोगों से घुलने-मिलने में दिक्कत आती है, जिनकी रुचियां आपसे अलग हैं, तो बेहतर है कि आप उनसे मिलें, जिनकी रुचियां आपके समान हों। इससे आपको बातचीत का समान विषय मिल जाता है और अपनी बातों के सिलसिले को आगे बढ़ाना आसान हो जाता है।
- सपोर्ट ग्रुप की मदद लेंः दोस्तों के बीच भी अकेलेपन से जूझ रहे हैं, बातचीत की पहल करते हुए डर लगता है, तो ऐसे सपोर्ट ग्रुप से मिलें, जहां आप जैसे कई अन्य लोग मौजूद हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बुक क्लब या वर्कशॉप का हिस्सा बनना फायदेमंद होता है। इससे बात करने की हिचक दूर होती है। साथ ही कई नए दोस्त बनाने का मौका मिलता है।
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निष्कर्ष
सबसे पहले आप अकेलापन और एकांत का फर्क समझें। अगर भीड़ में रहते हुए भी अकेलेपन का एहसास होता है, तो इसे इग्नोर न करें। कई बार मानसिक तनाव भी इसका कारण हो सकता है। हां, अगर आप उन लोगों में से हैं, जो बातचीत की पहल करने से डरते हैं, किससे कैसी बात करनी है, यह नहीं समझ पाते हैं, तो बेहतर है कि एक्सपर्ट की मदद लें या सपोर्ट ग्रुप का हिस्सा बनें। इससे अकेलेपन से डील करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, इस बात का ध्यान रखें कि अगर मेंटल हेल्थ से जुड़ी कोई समस्या है, तो उसे इग्नोर न करें।
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FAQ
क्या डिप्रेशन या एंग्जायटी जैसी मानसिक स्थितियां भी भीड़ में अकेलापन महसूस होने की वजह बन सकती हैं?
हां, क्रोनिक डिप्रेशन और सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर (SAD) में लोग अकेलेपन से घिर जाते हैं और भावनात्मक रूप से कटा हुआ महसूस करते हैं।यदि कोई व्यक्ति अकेलेपन के कारण डिप्रेशन में जा रहा हो, तो उसे क्या करना चाहिए?
ऐसे मामलों में कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) और इंटरपर्सनल थेरेपी (IPT) काफी मददगार साबित होती हैं। वैसे बेहतर होगा की आप इस संबंध में सीधे प्रोफेशनल से मिलें।
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Oct 09, 2026 11:14 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Archana Singhal
