कई महिलाएं करियर या फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पाने के बाद ही प्रेग्नेंसी के बारे में सोचती हैं। ऐसे में एग फ्रीजिंग कराना सबसे बेहतरीन तरीका है। इससे भविष्य में मां बनने का सपना पूरा किया जा सकता है। Cleveland Clinic के अनुसार, महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ अंडों की संख्या भी लगातार कम होती जाती है। जन्म के समय लड़कियों में 10 से 20 लाख अंडे होते हैं, जो प्यूबर्टी तक आते-आते करीब तीन से चार लाख तक पहुंच जाते हैं। 40 साल की उम्र तक महिलाओं में लगभग 25 हजार एग्स रह जाते हैं और मेनोपॉज तक यह संख्या एक हजार तक हो जाती है। इसलिए महिलाओं के शरीर में अंडों की संख्या सीमित होती है। ऐसे में एग फ्रीजिंग एक अच्छा उपाय माना जाता है, लेकिन क्या एग फ्रीज कराने के बाद भविष्य में गर्भधारण की शत प्रतिशत गारंटी मिल जाती है? इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Hrishikesh Pai, Consultant Gynaecologist & IVF Specialist, Lilavati Hospital Mumbai and Fortis Hospitals Delhi & Chandigarh से बात की।
फ्रीजिंग एग से मां बनने की कितनी संभावना है?
Dr. Hrishikesh Pai कहते हैं, “एग फ्रीजिंग फर्टिलिटी को सुरक्षित रखने का बेहतरीन विकल्प है, लेकिन एग फ्रीजिंग कराने का मतलब यह नहीं है कि इससे प्रेग्नेंसी हो ही जाएगी। एग फ्रीजिंग के बाद प्रेग्नेंसी इस बात पर निर्भर करती है कि फ्रीज किए अंडों की क्वालिटी कैसी है, थॉइंग के बाद उनका जीवित रहना, सफल फर्टिलाइजेशन, सेहतमंद एम्ब्रियो का बनना, यूटरस में सफल इम्प्लांटेशन और सेहतमंद प्रेग्नेंसी होना जरूरी है। इसलिए कहा जाता है कि प्रेग्नेंसी कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है।”
एग फ्रीजिंग की सफलता किन फैक्टर्स पर निर्भर करती है?
Dr. Hrishikesh Pai के मुताबिक, “एग फ्रीजिंग की सफलता का सबसे बड़ा फैक्टर महिला की उम्र होती है कि उसने कब एग फ्रीज कराए हैं। अगर बढ़ती उम्र में एग फ्रीज हुए हैं, तो इसका असर उसकी क्वालिटी पर भी पड़ सकता है। अगर महिलाएं 25 से 32 साल के बीच एग फ्रीज कराती हैं, तो यह उम्र सबसे बेहतर मानी जाती है। इस उम्र में अंडों की क्वालिटी अच्छी होती है और उनमें क्रोमोसोमल असामान्यता का रिस्क कम होता है।”
Hopkins Medicine के अनुसार, महिलाओं को 37 साल की उम्र से पहले एग फ्रीज कराना बेहतर रहता है, क्योंकि 43 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते 90 फीसदी महिलाओं के एग्स असामान्य हो सकते हैं। जो महिलाएं 37 साल से पहले एग फ्रीज करा लेती हैं, उन्हें भविष्य में प्रेग्नेंट होने की सफलता दर बेहतर रहती है।
फ्रीज एग्स की संख्या
Dr. Hrishikesh Pai ने कहा, “मेरे पास कई कपल आते हैं, जो सोचते हैं कि एग फ्रीज हो गए हैं, तो अब भविष्य में प्रेग्नेंसी हो जाएगी, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। जब फ्रीज किए गए अंडों को फ्यूचर में इस्तेमाल किया जाता है, तो हर अंडा सफलतापूर्वक पिघल जाए, फर्टिलाइज हो जाए और सेहतमंद एम्ब्रियो बने, यह जरूरी नहीं होता। इसलिए कई एग फ्रीज करने की सलाह दी जाती है।”
Journal of Clinical Medicine में प्रकाशित स्टडी लंदन के Guy's Hospital में की गई थी। इस स्टडी में यह महत्वपूर्ण बात पाई गई कि महिला चाहे किसी भी उम्र की हो, अगर उसके 15 या उससे ज्यादा एग्स फ्रीज थे, तो सफलता की दर भी ज्यादा थी। 15 से उससे ज्यादा एग्स फ्रीज होने पर जीवित शिशु दर 45% रही, जबकि 15 से कम अंडे होने पर यह दर केवल 13% थी। इसके अलावा, जिन महिलाओं ने 38 साल से पहले एग फ्रीज कराए, उनकी दर 38 फीसदी थी।

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एग फ्रीजिंग की तकनीक
Dr. Hrishikesh Pai ने बताया कि एग फ्रीजिंग पूरी तरह लैब बेस्ड होती है। इसलिए सही फर्टिलिटी सेंटर का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि एग फ्रीजिंग में अंडों को तेजी से जमाया जाता है। अगर एग्स सही तरीके से फ्रीज न हुए हों, तो उनके भीतर बर्फ के क्रिस्टल बनने की संभावना ज्यादा हो सकती है। एग्स की क्वालिटी को बेहतर रखने के लिए IVF सेंटर्स में विट्रीफिकेशन तकनीक के जरिए एग्स को तेजी से फ्रीज किया जाता है, ताकि एग्स में क्रिस्टल्स न बनें।
Journal of Clinical Medicine में प्रकाशित इसी स्टडी के अनुसार, जो महिलाएं एग फ्रीज कराने आई थीं, उनकी एवरेज उम्र 37.1 साल थी। इनमें से प्रति महिला करीब 9.5 अंडे फ्रीज किए गए थे। एग्स के पिघलने के बाद उनके बचने की दर करीब 74 फीसदी रही और फर्टिलाइजेशन की दर 64% थी। जब एम्ब्रियो ट्रांसफर किया गया, तो प्रेग्नेंसी की दर 48 फीसदी थी और बच्चे के जन्म की दर 35% पाई गई।
महिला की मेडिकल कंडीशन
Dr. Hrishikesh Pai ने कहा, “कई महिलाएं सोचती हैं कि एग्स तो जल्दी फ्रीज करा लिए हैं और अब किसी भी उम्र में मां बना जा सकता है, तो ऐसा हर महिला के लिए संभव नहीं होता। जब कई सालों बाद एम्ब्रियो यूटरस में ट्रांसफर किए जाते हैं, तो महिला की वर्तमान मेडिकल कंडीशन को भी देखा जाता है। अगर उस समय महिला को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड की समस्या, मोटापा, एंडोमेट्रियोसिस या फाइब्रॉयड जैसी समस्याएं होती हैं, तो इम्प्लांटेशन और प्रेग्नेंसी की संभावना काफी कम हो जाती है।”
स्पर्म की क्वालिटी
Dr. Hrishikesh Pai ने बताया कि प्रेग्नेंसी सिर्फ एग्स पर ही नहीं, बल्कि स्पर्म पर भी निर्भर करती है। अगर पुरुष में स्पर्म काउंट कम है, स्पर्म कमजोर है या डीएनए की क्वालिटी प्रभावित है, तो प्रेग्नेंसी की सफलता का स्तर कम हो सकता है। ऐसे मामलों में ICSI जैसी मॉडर्न टेक्निक की मदद ली जा सकती है।
एग फ्रीजिंग के साइड इफैक्ट्स
Hopkins Medicine के अनुसार, हार्मोनल दवाओं के कारण महिलाओं को एग फ्रीज कराने के समय कुछ साइड इफैक्ट्स महसूस हो सकते हैं। हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाओं के मूड में तेजी से बदलाव होना, अचानक तेज गर्मी और पसीना आना, सिरदर्द होना, मतली, उल्टी होना, पेट फूलना या भारीपन लगना शामिल हैं।
एग फ्रीजिंग किन महिलाओं को करानी चाहिए?
Dr. Hrishikesh Pai ने बताया कि जो महिलाएं करियर के कारण जल्द प्रेग्नेंट नहीं होना चाहती, कैंसर या कीमोथेरेपी से पहले फर्टिलिटी को सेफ करना चाहती हैं, समय से पहले ओवरी की क्षमता कम होने का रिस्क होना या फैमिली में समय से पहले मेनोपॉज की हिस्ट्री है, वे समय रहते एग फ्रीज करा सकती हैं।
निष्कर्ष
Dr. Hrishikesh Pai सलाह देते हैं कि महिलाओं को यह समझना जरूरी है कि एग फ्रीजिंग के बाद प्रेग्नेंसी जरूर होगी, तो यह कंफर्म नहीं कहा जा सकता। एग फ्रीजिंग के बाद प्रेग्नेंसी की संभावना कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है, लेकिन अगर सही उम्र में पर्याप्त मात्रा में एग फ्रीज करा दिए हैं और प्रेग्नेंसी के समय कपल सही मेडिकल कंडीशन में हैं, तो प्रेग्नेंसी की संभावना काफी बढ़ सकती है। इसके अलावा, सही फर्टिलिटी सेंटर और अनुभवी डॉक्टर भी इस प्रोसेस को बेहतर बना सकते हैं।
FAQ
क्या Egg Freezing सभी महिलाओं के लिए जरूरी है?
नहीं। यह हर महिला के लिए जरूरी प्रक्रिया नहीं है। एग फ्रीजिंग कराने का फैसला उम्र, ओवरी रिजर्व, भविष्य की पारिवारिक योजना और मेडिकल स्थिति को ध्यान में रखकर डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।क्या एग फ्रीजिंग कराने से आगे चलकर समय से पहले पीरियड्स बंद हो सकता है?
बिल्कुल नहीं। यह प्रोसेस शरीर के नेचुरल एग रिजर्व को नुकसान नहीं पहुंचाती। इसलिए एग फ्रीजिंग कराने वाली महिलाओं में मेनोपॉज उसी उम्र में आता है जो उनकी प्रकृति और आनुवंशिकी के अनुसार तय है। इसका मेनोपॉज की उम्र से कोई संबंध नहीं है।
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Jul 15, 2026 15:34 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jul 15, 2026 15:34 IST
Modified By : Aneesh RawatJul 15, 2026 15:34 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Hrishikesh D Pai