Kapha Imbalance In Winter: आयुर्वेद में तीन मुख्य दोष होते हैं, वात, कफ और पित्त। ये सभी शरीर की जैविक ऊर्जाओं और कार्यों को नियंत्रित करते हैं। साथ ही इन्हीं दोषों से व्यक्ति का शारीकि-मानसिक स्वास्थ्य तय होता है। आयुर्वेद में तीनों दोषों को संतुलित बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। अगर हम कफ दोष की बात, करें तो यह पृथ्वी और जल तत्वों से बना है, जो शरीर को स्थिरता, संरचना और पोषण प्रदान करता है। इसकी मदद से जोड़ों को लुब्रिकेशन मिलता है और यह ऊर्जा का भंडारण भी करता है। बहरहाल, यह एक मुख्य सवाल जरूर मन में उठता है कि क्या सर्दियों के दिनों में कफ अंसतुलित हो सकता है? आखिर इसका सच क्या है? अगर आप भी यह जानना चाहते हैं, तो जरूर इस लेख को पढ़ें। इस बारे में जानने के लिए हमने सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से बात की।
क्या सर्दी में कफ असंतुलन बढ़ जाता है?- Does Winter Increases Kapha Imbalance
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आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा की मानें, तो सर्दियों (शीत ऋतु) में शरीर में कफ दोष का असंतुलन बढ़ जाता है। सवाल है ऐसा क्यों होता है? इस बारे में एक्सपर्ट समझाते हैं, "ठंडे मौसम के कारण शरीर में कफ का संचय होने लगता है, क्योंकि कफ के गुण ठंड से मिलते-जुलते हैं। इसके अलावा, सर्दियों में हमारी पाचन क्षमता धीमी हो जाती हे। ठंड से पाचन अग्नि कमजोर होती है, जिससे भोजन ठीक से पच नहीं पाता और कफ बढ़ता है।" कफ अंसतुलन के कारण कई समस्याएं भी होने लगती हैं। इस बारे में आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं, "सर्दियों में कफ असंतुलन के कारण सर्दी-खांसी और बलगम जैसी समस्याएं होने लगत है। दरअसल कफ का स्वभाव ठंडा, भारी और स्थिर होता है। इसलिए ठंड बढ़ने की वजह से शरीर में कफ जमा होने लगता है। इस तरह ठंड का मौसम कफ को असंतुलित कर देता है।"
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सर्दियों में कफ असंतुलन के लक्षण- Kapha Dosha Symptoms

सर्दियों में कफ असंतुलन होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, जैसे-
- आलस्य और भारीपन
- शरीर में भारीपन महसूस होना
- जकड़न महसूस होना
- सर्दी-खांसी और नाक-गले में बलगम जमना
- पाचन क्षमता कमजोर होना
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सर्दियों में कफ को संतुलित कैसे करें?- Balancing Kapha Dosha Naturally
सर्दियों में कफ को संतुलित करना मुश्किल नहीं है। आपको अपनी डाइट और लाइफस्टाइल पर फोकस करना होता है, जैसे-
- अच्छी डाइट लेंः सर्दियों में कफ संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि आपको क्या खाना है और क्या नहीं, इसकी पर्याप्त जानकारी हो। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की मानें, तो इन दिनों आप गर्म चीजों का सेवन अधिक करें, जैसे सूप, मूंग दाल, भुनी सब्जियां, बाजरा आदि लें। वहीं, मीठे और तैलीय पदार्थों का सेवन इन दिनों कम करें। अदरक की चाय और सौंफ का पानी पीना लाभकारी हो सकता है।
- एक्सरसाइज करेंः सर्दियों में कफ को संतुलित बनाए रखने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करें। इससे शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार होता है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट शरीर को गर्म रखने के लिए अभ्यंग करने की सलाह भी देते हैं। नहाने से पहले या बाद में सरसों के तेल से अपने शरीर की मालिश करें।
- अच्छी नींद लेंः आयुर्वेद की मानें, तो रात को अच्छी नींद लें और दिन में सोने से बचें। दरअसल जब आप दिन में नींद लेते हैं, तो इससे आपका कफ बढ़ सकता है।
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निष्कर्ष
यह स्पष्ट है कि सर्दियों में कफ असंतुलित हो जाता है। हालांकि, यह कोई ऐसा समस्या नहीं है, जिसे मैनेज न किया जाए। अपनी जीवनशैली और खानपान की आदतों को बैलेंस करके आप कफ असंतुलन में सुधार कर सकते हैं। इसके अलावा, अभ्यंग और पर्याप्त नींद लेने जैसी अच्छी आदतें भी आपकी सेहत में सुधार के लिए जरूरी हैं।
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FAQ
शरीर में कफ कब बढ़ता है?
जब सर्दी (वायरस के कारण) या साइनस संक्रमण (बैक्टीरिया के कारण) होता है तो आमतौर बलगम गाढ़ा बनने लगता है। वैसे तो बलगम की समस्याएं अस्थायी होती हैं। हालांकि, इस बात को इग्नोर नहीं किया जा सकता है कि कफ बढ़ने से कई अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।सर्दी में कफ को संतुलित कैसे करें?
सर्दियों में कफ को संतुलित करना मुश्किल नहीं है। इसके लिए पौष्टिक आहार लें, अच्छी लाइफस्टाइल अपनाएं, रेगुलर अच्छी नींद लें और रेगुलर वर्कआउट करें।कफ बढ़ने से कौन-कौन से रोग होते हैं?
कफ बढ़ने से सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश, छाती में बलगम बनना आदि समस्याएं हो सकती हैं। कुछ गंभीर मामलों में सांस लेने में तकलीफ (अस्थमा, ब्रोंकाइटिस), पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। यहां तक कि कफ बढ़ने की वजह से शरीर में भारीपन, सुस्ती, डिप्रेशन भी हो सकता है।
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Jan 08, 2026 16:10 IST
Modified By : Meera Tagore Jan 08, 2026 16:10 IST
Modified By : Meera TagoreJan 08, 2026 16:10 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shrey Sharma