मौजूदा जीवनशैली ऐसी हो गई है कि इसका हमारी फर्टिलिटी पर गहरा असर पड़ने लगता है। विशेषकर, खानपान की बुरी आदतें और एक्सरसाइज न करना। इसकी वजह से अक्सर लोगों का वजन बढ़ जाता है, जो कि कई गंभीर बीमारियों की ओर इशारा करता है। बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि तेजी से वजन का घटना या बढ़ना भी हमारे लिए सही नहीं है? विशेषकर, फर्टिलिटी पर इसका बुरा असर पड़ता है। कैसे? समझने के लिए इस लेख को पूरा पढ़ें। इस बारे में जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट एवं IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की है।
तेजी से घटते-बढ़ते वजन का फर्टिलिटी पर असर
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हार्मोनल असंतुलन
जब तेजी से वजन घटता या बढ़ता है, तो इसकी वजह से हमारे शरीर में हार्मोनल असंतुलन होने लगता है। ध्यान रखें कि फर्टिलिटी पूरी तरह हार्मोन्स के सही होने पर निर्भर करती है। खासकर, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन पर। शरीर के फैट टिश्यूज एस्ट्रोजन बनाने में मदद करता है। जब वजन बहुत तेजी से घटता या बढ़ता है, तो एस्ट्रोजन का स्तर अचानक गड़बड़ा जाता है। यह हार्मोनल असंतुलन ओव्यूलेशन (अंडा बनने की प्रक्रिया) को रोक सकता है या अनियमित कर सकता है।
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पीरियड्स पर असर
बार-बार वजन का घटना-बढ़ना महिलाओं के नजरिए से बिल्कुल सही नहीं है। इसकी वजह से पीरियड साइकिल बुरी तरह प्रभावित होते हैं। आपको बता दें कि जब शरीर का वजन तेजी से घटने लगता है, तो शरीर स्टार्वेशन मोड यानी भुखमरी की स्थिति में चला जाता है। ऐसे में शरीर खुद को स्वस्थ बनाए रखने पर इतना अधिक ध्यान देता है कि गर्भधारण के लिए खुद तैयार नहीं कर पाता है, जिससे पीरियड्स रुक जाते हैं। इसी स्थिति को एमेनोरिया कहा जाता है। वहीं दूसरी ओर, जब तेजी से वजन बढ़ने लगता है, तो इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या हो जाती है, जो PCOS का कारण बन सकती है। यह भी पीरियड्स को अनियमित कर देता है, जिससे फर्टिलिटी प्रभावित होती है।
एग और स्पर्म की क्वालिटी पर असर
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अचानक वजन का घटना या बढ़ना सिर्फ महिलाओं की फर्टिलिटी को प्रभावित नहीं करता है। इसका असर पुरुषों पर भी दिखता है। जैसे क्रैश डाइटिंग करने या वजन के अचानक बढ़ने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस महिलाओं में एग की क्वालिटी को खराब करता है। इसी तरह, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी आती है, जिससे स्पर्म काउंट और उनकी गतिशीलता घटने लगती है।
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निष्कर्ष
अचानक वजन का तेजी से घटना या बढ़ना सही नहीं है। इसका बुरा असर फर्टिलिटी पर नजर आता है। फिर चाहे, वह पुरुष हो या स्त्री। वजन को स्थिर बनाए रखने के लिए क्रैश डाइट न करें। हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट फॉलो करें, रेगुलर वर्कआउट करें। अगर इसके बावजूद फर्टिलिटी से जुड़ी कोई भी परेशानियां हो तो इस संबंध में एक्सपर्ट की सलाह लेना न भूलें।
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FAQ
तेजी से वजन घटने के बाद क्या फर्टिलिटी दोबारा ठीक हो सकती है?
हां, पौष्टिक डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज की मदद से फर्टिलिटी को फिर से सामान्य किया जा सकता है।गर्भधारण करने के लिए हर महीने कितना वजन घटाना सुरक्षित है?
आपका वजन कितना ज्यादा है, आपकी हाइट क्या है, इस तरह के तमाम सवालों के जवाब जानने के बाद ही यह तय होता है कि हर महीने आपको कितना वजन कम करना है? बेहतर होगा कि आप इस संबंध में डाॅक्टर से मिलें।क्या पुरुषों का वजन तेजी से बदलने से भी फर्टिलिटी प्रभावित होती है?
हां, पुरुषों में अचानक वजन बदलने से हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जो कि उनकी फर्टिलिटी और स्पर्म की क्वालिटी पर असर डाल सकता है।
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Jun 23, 2026 15:51 IST
Modified By : Meera Tagore Jun 23, 2026 15:51 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta