Fri Sep 11, 2026 | 07:29 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

तरबूज खाने का सही समय क्या है? आयुर्वेदाचार्य ने बताए गलत समय पर खाने के नुकसान

उत्तर भारत में जिस तरह से गर्मी का कहर बढ़ता जा रहा है, ऐसे में तरबूज खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके साथ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि तरबूज को सही समय पर खाना महत्वपूर्ण होता है, नहीं तो इसके नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं।

भीषण गर्मी (Excessive Heat) के कारण लोग उन फलों को खाना ज्यादा पसंद करते हैं, जिनमें पानी ज्यादा होता है। इसमें तरबूज लोगों की पहली पसंद होता है, लेकिन तरबूज को सही समय पर खाना भी बहुत जरूरी है। हाल ही में मुंबई में तरबूज खाने के बाद हुए फूड पॉइजनिंग से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। इसलिए हमने हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से बात की। उन्होंने बताया कि तरबूज खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन इसे खाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें।

गर्मियों में तरबूज क्यों खाना चाहिए?

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं, “तरबूज खाने का सही समय अप्रैल से लेकर जून तक होता है, जब लू का मौसम होता है। बारिश से पहले ही तरबूज खाया जा सकता है। गर्मी में शरीर का लिम्फ और प्लाज्मा यानी जो रस धातु है उसमें बहुत ज्यादा पित्त बढ़ जाता है। इससे शरीर में गर्मी बढ़ सकती है। तरबूज खाने से शरीर में मौजूद पित्त को निकाल देता है। इसलिए गर्मियों में तरबूज खाने की सलाह दी जाती है।”

तरबूज कब खाना चाहिए?

डॉ. श्रेय ने कहा, “आमतौर पर कहा जाता है कि तरबूज सुबह खाना चाहिए, लेकिन सुबह-सुबह खाने का तो कोई फायदा नहीं है। सुबह के समय कफ बढ़ा हुआ होता है, ऐसे में रस धातु कफ को एक्टिवेट कर सकता है। इस वजह से मैं तरबूज सुबह खाने की सलाह नहीं देता हूं। तरबूज खाने का सबसे सही समय तब होता है, जब सूरज अपने चरम पर होता है। इसका मतलब लगभग सुबह 11:00 से लेकर शाम 4:00 बजे तक ही खाना चाहिए। यह समय पित्त वृद्धि का होता है, जो तरबूज खाने पर प्यास, डिहाइड्रेशन और बेहोशी जैसी समस्याओं से बचाता है।”

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गलत समय पर तरबूज खाने पर क्या होता है?

अगर तरबूज सुबह-सुबह खाया जाए या रात में, तो इसके नुकसान भी हो सकते हैं।

  1. पेट भारी होना और आम (टॉक्सिन्स) की समस्या हो सकती है।
  2. गलत समय पर तरबूज का सेवन कफ दोष को कम करने की बजाय शरीर में वाटर रिटेंशन की दिक्कत हो सकती है।
  3. जिन लोगों को साइनस की दिक्कत होती है, उनका गलत समय पर तरबूज खाना, इस परेशानी को बढ़ा सकता है।
  4. कुछ लोगों को स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
  5. अगर तरबूज में मौजूद शुगर सही तरीके से डाइजेस्ट न हो, तो ब्लड शुगर स्पाइक कर सकता है।

तरबूज खाते समय कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए?

डॉ. श्रेय ने बताया है कि तरबूज खाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।  

  • खाना खाने के तुरंत बाद तरबूज नहीं खाना चाहिए।
  • खाने से एक घंटा पहले तरबूज खाया जा सकता है। इससे भूख अच्छी लगती है।
  • तरबूज काटने के बाद उसे खुले में न छोड़ें।
  • एक ही समय में बहुत ज्यादा तरबूज नहीं खाना चाहिए।

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निष्कर्ष

गर्मियों में तरबूज खाना फायदेमंद होता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि इसका सेवन सही समय पर होना चाहिए। सही समय पर तरबूज खाने से जो भी शरीर में पसीने के जरिए लिक्विड लॉस हुआ है, उसे कम करता है। इसलिए भीषण गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखने का यह सेहतमंद तरीका है।

FAQ

  • तरबूज खाने के तुरंत बाद पानी क्यों नहीं पीना चाहिए?

    तरबूज में पानी और शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। इसके ऊपर से पानी पीने से पेट का pH संतुलन बिगड़ सकता है और पाचन धीमा हो जाता है, जिससे दस्त या ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।
  • क्या तरबूज से ब्लड शुगर बढ़ सकता है?

    तरबूज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) ज्यादा होता है। अगर इसे गलत समय पर या बहुत अधिक मात्रा में खाया जाए, तो यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। डायबिटीज के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।
  • क्या बारिश के मौसम में तरबूज खाना सुरक्षित है?

    बारिश शुरू होने के बाद हवा में नमी बढ़ जाती है और डाइजेस्टिव सिस्टम कमजोर हो जाता है, इसलिए बारिश में तरबूज खाने से पेट के इंफेक्श का खतरा बढ़ सकता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 28, 2026 13:38 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Apr 28, 2026 13:38 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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