Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

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ओवर थिंकिंग कम करने के लिए बेस्ट आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, दिमाग को मिल सकती है शांति

ओवरथिंकिंग आज के समय की एक आम मानसिक समस्या बन गई है, जो तनाव, चिंता, अनिद्रा और फोकस में कमी का कारण बन सकती है। आयुर्वेद के अनुसार, इसका संबंध दोषों के असंतुलन से होता है। 

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ओवरथिंकिंग एक ऐसी समस्या बन गई है, जिससे हर उम्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं। किसी बात को बार-बार सोचते रहना, भविष्य की चिंता करना, छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव लेना और दिमाग में लगातार कुछ न कुछ चलते रहना मेंटल हेल्थ पर बुरा असर डाल सकता है। ओवरथिंकिंग के कारण व्यक्ति को चिंता, तनाव, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और फोकस की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित कर सकती है। इस लेख में हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानिए, ओवर थिंकिंग कम करने के लिए बेस्ट आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां कौन सी हैं?

ओवरथिंकिंग में कौन सी जड़ी बूटी मदद करती है?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, ओवरथिंकिंग कम करने के लिए कुछ खास जड़ी-बूटियां काफी प्रभावी मानी जाती हैं। इनमें जटामांसी, अश्वगंधा, कौंच और ब्राह्मी प्रमुख हैं। ये सभी औषधियां मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ मन को शांत करने में भी मदद करती हैं।

1. जटामांसी

डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, ओवरथिंकिंग के लिए जटामांसी को सबसे श्रेष्ठ औषधि माना जाता है। आयुर्वेद में इसे एक प्रभावी रसायन और मन को शांत करने वाली जड़ी-बूटी बताया गया है। जटामांसी नाड़ियों को बल देने के साथ-साथ उन्हें शांत भी करती है। इसके अलावा यह वेदनास्थापक यानी दर्द को कम करने वाले गुणों से भी युक्त होती है।

2. अश्वगंधा

अश्वगंधा आयुर्वेद की सबसे फेमस रसायन औषधियों में से एक है। यह शरीर और मस्तिष्क दोनों को मजबूती प्रदान करती है। डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, अश्वगंधा तनाव के प्रभाव को कम करने और मानसिक सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करती है। नियमित रूप से उचित मात्रा में इसका सेवन करने से मन अधिक संतुलित महसूस कर सकता है और नकारात्मक विचारों की तीव्रता कम हो सकती है।

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3. कौंच

कौंच को तंत्रिका तंत्र के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा के अनुसार, इसका मुख्य कार्य नसों को ताकत प्रदान करना है। जब नाड़ियां मजबूत होती हैं तो मानसिक कार्यक्षमता भी बेहतर होती है। ओवरथिंकिंग से होने वाली मानसिक थकान और कमजोरी को कम करने में कौंच सहायक हो सकता है।

4. ब्राह्मी

ब्राह्मी, जिसे वैज्ञानिक रूप से बाकोपा मोनिएरी (Bacopa monnieri) कहा जाता है, आयुर्वेद की प्रमुख मेध्य रसायन औषधियों में से एक है। डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि ब्राह्मी शीत वीर्य प्रकृति की जड़ी-बूटी है, जो मस्तिष्क को ठंडक और शांति प्रदान करती है। इसे स्मरण शक्ति, एकाग्रता और मानसिक संतुलन बढ़ाने के लिए जाना जाता है। आयुर्वेद में इसे न्यूरॉन्स को पोषण देने और मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने वाली औषधि माना गया है।

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5. हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए सर्पगंधा भी हो सकती है उपयोगी

डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को ओवरथिंकिंग के साथ हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी है, तो एक्सपर्ट की सलाह पर सर्पगंधा का उपयोग किया जा सकता है। आयुर्वेद में सर्पगंधा को ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और मानसिक उत्तेजना को कम करने वाली औषधि माना गया है। हालांकि इसका सेवन केवल चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही करना चाहिए।

निष्कर्ष

ओवरथिंकिंग केवल मानसिक आदत नहीं, बल्कि यह वात असंतुलन और मानसिक तनाव का संकेत भी हो सकती है। आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, जटामांसी, अश्वगंधा, कौंच और ब्राह्मी जैसी जड़ी-बूटियां नाड़ियों को पोषण देकर मन को शांत करने में मदद कर सकती हैं। हालांकि किसी भी आयुर्वेदिक औषधि का सेवन शुरू करने से पहले योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है।

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FAQ

  • ओवरथिंकिंग क्या होती है?

    किसी बात के बारे में जरूरत से ज्यादा और बार-बार सोचना, जिससे तनाव और चिंता बढ़ने लगे, उसे ओवरथिंकिंग कहते हैं।
  • आयुर्वेद के अनुसार ओवरथिंकिंग का कारण क्या है?

    आयुर्वेद में इसे मुख्य रूप से वात दोष के असंतुलन से जोड़ा जाता है, जिससे मन चंचल और अस्थिर हो जाता है।
  • ब्राह्मी का मानसिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?

    ब्राह्मी फोकस और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 31, 2026 13:53 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • May 31, 2026 13:53 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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