Tue Sep 29, 2026 | 05:59 PM IST

Medically Reviewed by Vandana Rajput , Antenatal and Postnatal Nutrition & Diabetes Educator

हिल्सा मछली खाने के फायदे क्या हैं, जिसके व्यापार पर बांग्लादेश ने लगाया बैन?

विवादों से घिरी हिल्सा मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन और कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसे बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इससे हार्ट हेल्थ में सुधार होता है और इसका सेवन करने से ब्रेन हेल्थ भी बेहतर होती है।
हिल्सा मछली खाने के फायदे क्या हैं, जिसके व्यापार पर बांग्लादेश ने लगाया बैन?हिल्सा मछली खाने के फायदे क्या हैं, जिसके व्यापार पर बांग्लादेश ने लगाया बैन?

पिछले दिनों आपने यह खबर जरूर सुनी होगी जिसमें हिल्सा मछली को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच अजीब सा विवाद छिड़ गया है। सूत्रों की मानें, तो बांग्लादेश ने हिल्सा मछली के निर्यात पर बैन लगा दिया है। जानकारी के लिए बता दें कि बंगालियों की पसंदीदा मछलियों में से एक हिल्सा मछली है। दुर्गा पूजा में इसे बड़े ही चाव से खाया जाता है और इसके असंख्य फायदे भी हैं।

नोएडा सेक्टर 71 स्थित कैलाश अस्पताल में Consultant - Dietetics वंदना राजपूत बताती हैं कि हिल्सा मछली में कई तरह के पोषक तत्व हैं, जैसे हाई क्वालिटी का प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड आदि। इसका सेवन करने से हार्ट हेल्थ बेहतर होती है और इसमें मौजूद विटामिन इम्यूनिटी को बूस्ट करके बीमार होने से रोकती है।

हिल्सा मछली इतनी खास क्यों है?

हिल्सा मछली, जो बंगालियों के बीच इलिश के नाम से जानी जाती है। यह बहुत खास मछली है और यह अपने अनोखे मक्खन जैसे स्वाद, प्रचुर प्राकृतिक तेलों और बंगाल तथा बांग्लादेश में मछलियों की रानी के रूप में अपने गहरे सांस्कृतिक महत्व के कारण बेहद खास मानी जाती है। यही नहीं, हिल्सा मछली लोककथाओं व सदियों पुराने साहित्य से गहराई से जुड़ी हुई है। इसे त्योहार और विवाह जैसे शुभ समारोहों और दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों के दौरान उपहार में एक-दूसरे को दिया जाता है।

बांग्लादेश ने हिल्सा मछली के निर्यात पर क्यों लगाया बैन?

Benefits Of Eating Hilsa FishBenefits Of Eating Hilsa Fish

बांग्लादेश ने हिल्सा मछली के निर्यात पर बैन लगाया और इसके पीछे असल में बांग्लादेश की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियां मुख्य वजह हैं। असल में बांग्लादेश में इस साल घरेलू स्तर पर हिल्सा मछली का उत्पादन कम हुआ है, जिस वजह से इसकी कीमतें आसमान छू रही हैं। वहीं, निर्यात के कारण स्थानीय लोगों तक हिल्सा मछली नहीं पहुंच रही है या इसकी कीमत आसमान छू रही है। ऐसे में बांग्लादेश के निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए अपनी ही राष्ट्रीय मछली को खरीदना मुश्किल हो रहा है। हर नागरिक तक हिल्सा मछली पहुंचे, इसी कोशिश में बांग्लादेश सरकार ने उचित और सस्ती दरों पर पर्याप्त मात्रा में राष्ट्रीय मछली कराने तथा इसकी कीमतों को नियंत्रित करने के लिए यह सख्त कदम उठाया है।

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हिल्सा मछली खाने के फायदे- Benefits of eating Hilsa fish

Hilsa Fish Benefits For Heart HealthHilsa Fish Benefits For Heart Health

1.  हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

हिल्सा मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह ट्राइग्लीसराइड्स को कम करने, ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने के लिए भी जानी जाती है। इस तरह देखा जाए, तो इसकी वजह से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है और हार्ट हेल्थ लंबे समय तक स्वस्थ बनी रहती है।

Nature में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध पत्र से इस बात की पुष्टि होती है कि हिल्सा मछली प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड (जैसे EPA और DHA) और मिनरल्स जैसे सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन का एक अच्छा स्रोत है। इस रिपोर्ट में आगे स्पष्ट किया गया है कि यह हार्ट के लिए बहुत फायदेमंद है।

2. ब्रेन हेल्थ के लिए बेहतर

हिल्सा मछली में हेल्दी फैट्स होते हैं। आमतौर पर हम फैट का सेवन नहीं करते हैं, लेकिन हिल्सा मछली में पाए जाने वाले हेल्दी फैट्स हमारे ब्रेन हेल्थ में सुधार करते हैं। इससे मेंटल हेल्थ बेहतर होती है, याद्दाश्त पर अच्छा असर पड़ता है और दिमाग के शुरुआती विकास में भी मदद मिलती है।

3. मांसपेशियों का निर्माण

विशेषज्ञ बताते हैं कि 100 ग्राम हिल्सा में लगभग 22 ग्राम हाई-क्वालिटी प्रोटीन होता है। कहने की जरूरत नहीं है कि मांसपेशियों के रिपेयर के लिए प्रोटीन कितना जरूरी है। इसके अलावा, प्रोटीन का सेवन करने से लंबे समय तक पेट भरे होने का एहसास बना रहता है। इस तरह, आप ओवर ईटिंग से भी बच जाते हैं।

4. हड्डियों को मजबूती

हिल्सा मछली विटामिन डी, कैल्शियम और फॉस्फोरस का प्राकृतिक स्रोत है। विशेषज्ञ के अनुसार इसकी पकी हुई मुलायम कांटों को खाया जाता है, तो यह शरीर को अतिरिक्त कैल्शियम और फास्फोरस प्रदान करता है। इससे हड्डियों को मजबूती मिलती है और यह क्षतिग्रस्त होने से बचाता है।

5. जरूरी पोषक तत्व

हिल्सा मछली में विटामिन-बी 12 भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह नर्व सेल्स के लिए फायदेमंद है। वहीं, इसकी मदद से थायराइड को पूरा सपोर्ट मिलता है। इस तरह देखा जाए, तो हिल्सा मछली का सेवन करने से समग्र स्वास्थ्य को लाभ मिलता है।

साल 2025 में Nature Scientific Reports में प्रकाशित वैज्ञानिक शोध पत्र से पता चलता है हिलसा मछली के अंडे प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और मिनरल्स से भरपूर होते हैं, जो हमारे समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

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हिल्सा मछली खाते समय रखें इन बातों का ध्यान

हिल्सा मछली कांटों से भरी होती है, इसलिए इसका सेवन करने से पहले कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, यह भी जानना जरूरी है कि हिल्सा मछली किन लोगों को नहीं खानी चाहिए। इस बारे में Dietetics वंदना राजपूत बताती हैं-

  • हिल्सा मछली हमेशा हाथ से और धीरे-धीरे खाएं, ताकि कांटे गले में न फंसे।
  • प्रेग्नेंट महिलाएं हिल्सा मछली न खाएं। इसमें हैवी मेटल (मर्करी) होते हैं, जो शिशु के विकास को बाधित कर सकते हैं।
  • सी-फूड से एलर्जी होने की स्थिति में भी हिल्सा मछली नहीं खानी चाहिए।
  • अगर किसी को अस्थमा या रेस्पिरेटरी संबंधी समस्या है, उन्हें भी हिल्सा मछली खाने से बचना चाहिए।
  • जिन लोगों को पाचन संबंधी परेशानी, उन्हें इससे दूरी बनानी चाहिए। इसका सेवन करने से गैस या ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।
  • किडनी से संबंधित समस्या होने पर भी हिल्सा मछली का सेवन नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

इसमें कोई दो राय नहीं है कि हिल्सा मछली खाने में स्वादिष्ट और इसके अपने ही विशेष गुण है। बंगालियों के लिए यह खास मछली है, क्योंकि उनके कई त्योहार आदि में इसका उपयोग किया जाता है। बहरहाल, हिल्सा मछली स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद मानी जाती है। जो लोग नॉन-वेजिटेरियन हैं और हिल्सा मछली खाते हैं, वे इसे अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं। हालांकि, सी-फूड से एलर्जी होने पर इसका सेवन करना सही नहीं होगा।

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FAQ

  • क्या मछली के तेल के कैप्सूल सीधे मछली खाने जितने फायदेमंद हैं?

    मछली के तेल के कैप्सूल की तुलना में साबुत मछली खाना अधिक फायदेमंद होता है। साबुत मछली खाने से केवल ओमेगा-3 ही नहीं, बल्कि प्रोटीन, विटामिन D और कई मिनरल्स का पूरा लाभ मिलता है।
  • क्या तली हुई (Deep Fried) मछली खाने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है?

    ज्यादा तलने से मछली के हेल्दी ओमेगा-3 फैट्स नष्ट हो जाते हैं। मछली का भरपूर लाभ उठाने के लिए इसे बेक, ग्रिल या भाप में पकाकर खाना ही फायदेमंद है।

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Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 29, 2026 16:26 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Vandana Rajput