मछली की गिनती हमेश ही सुपरफूड में होती है क्योंकि यह शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान करती है। इसमें हाई क्वालिटी वाला प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन D, आयोडीन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं। जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, मछली का सही मात्रा में सेवन दिल, दिमाग और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है। खासकर ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर में सूजन को कम करने, कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखने और मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
1 दिन में कितनी मछली खानी चाहिए?
डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि मछली की मात्रा उम्र और हेल्थ कंडीशन के अनुसार अलग-अलग होनी चाहिए। वयस्कों के लिए सामान्य तौर पर एक दिन में लगभग 100 से 150 ग्राम पकी हुई मछली सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन इसे रोज खाने की बजाय सप्ताह में 2 से 3 बार लेना ज्यादा सही है।
इसे भी पढ़ें: यूरिक एसिड में मांस-मछली खाना चाहिए या नहीं? जानें डायटिशियन और रिसर्च क्या कहते हैं
- बच्चों के लिए मछली की मात्रा कम यानी लगभग 50 से 75 ग्राम होनी चाहिए और इसे भी सप्ताह में 1 से 2 बार तक सीमित रखना चाहिए।
- बुजुर्गों के लिए हल्की पचने वाली मछली 80 से 100 ग्राम तक लेना बेहतर माना जाता है, ताकि उन्हें पाचन से जुड़ी समस्या न हो।
- प्रेग्नेंट महिलाओं को भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार सीमित मात्रा में मछली का सेवन करना चाहिए, क्योंकि कुछ मछलियों में पारा (mercury) की मात्रा ज्यादा हो सकती है।
मछली खाने का सही तरीका क्या है?
डाइटिशियन अर्चना जैन सलाह देती हैं कि मछली को हमेशा हेल्दी तरीके से पकाना चाहिए। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार इसे ग्रिल, स्टीम या हल्के मसालों के साथ पकाकर खाना सबसे अच्छा होता है। ज्यादा तेल और मसालों में पकी हुई मछली सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। ताजी और अच्छी क्वालिटी वाली मछली का चुनना भी बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह के इंफेक्शन या टॉक्सिन्स से बचा जा सके।

इसे भी पढ़ें: क्या मछली खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है? High Cholesterol Patients एक्सपर्ट से जानें
डाइटिशियन की सलाह
प्रेग्नेंट महिलाओं, छोटे बच्चों और किडनी या लिवर की समस्या वाले लोगों को मछली का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। कुछ मछलियों में भारी धातुएं ज्यादा हो सकती हैं, इसलिए इनको चुनने में सावधानी जरूरी है। एलर्जी वाले लोगों को भी इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
निष्कर्ष
डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार मछली बेहद पौष्टिक होती है, लेकिन इसका सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में करना चाहिए। वयस्कों के लिए 100-150 ग्राम और सप्ताह में 2-3 बार मछली खाना पर्याप्त माना जाता है, जबकि बच्चों और बुजुर्गों के लिए इसकी मात्रा कम होनी चाहिए। ज्यादा मछली खाने से पारा बढ़ना, किडनी पर दबाव, एलर्जी और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
All Image Credit- magnific
FAQ
क्या रोज मछली खाना सही है?
रोज मछली खाना जरूरी नहीं है, सप्ताह में 2-3 बार इसका सेवन पर्याप्त होता है।ज्यादा मछली खाने के क्या नुकसान हैं?
ज्यादा मछली खाने से पारा बढ़ सकता है, किडनी पर दबाव पड़ सकता है और एलर्जी या पाचन समस्याएं हो सकती हैं।क्या मछली वजन बढ़ा सकती है?
अगर इसे डीप फ्राई करके खाया जाए तो यह कैलोरी बढ़ा सकती है और वजन बढ़ने का कारण बन सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jun 09, 2026 15:37 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jun 09, 2026 15:37 IST
Modified By : Akanksha TiwariJun 09, 2026 15:37 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Archana Jain