Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr V Rajasekhar , Senior Consultant – Interventional Cardiology & Electrophysiology | Certified TAVR Operator | Clinical Director

एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में क्या अंतर है? डॉक्टर से जानें कब पड़ती है किसकी जरूरत

हार्ट ब्‍लॉकेज होने पर अक्‍सर दो नाम सुनने काे म‍िलते हैं पहला है एंज‍ियोग्राफी और दूसरा है एंज‍ियोप्‍लास्‍टी। दोनों हार्ट में ब्‍लॉकेज को ठीक करने की प्रक्र‍ियाएं हैं, लेक‍िन इनमें फर्क है। डॉक्‍टर से समझें अंतर।

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हार्ट ब्‍लॉकेज के इलाज में दो प्रक्र‍ियाओं की मदद ली जाती है, पहली है एंज‍ियोग्राफी और दूसरी है एंज‍ियोप्‍लास्‍टी।
एंज‍ियोग्राफी एक टेस्‍ट है ज‍िसमें ब्‍लड वेसल्‍स की जांच से पता चलता है क‍ि उसमें कोई ब्‍लॉकेज है या नहीं। जबक‍ि एंजि‍योप्‍लास्‍टी एक ट्रीटमेंट है ज‍िसमें ब्‍लॉक हुई धमन‍ियों को चौड़ा किया जाता है ताक‍ि ब्‍लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद म‍िल सके। संक्षेप में कहें, तो ब्‍लॉकेज ढूंढने की जांच को एंजि‍योग्राफी कहते हैं और ब्‍लॉकेज खोलने की प्रक्र‍िया को एंजि‍योप्‍लास्‍टी कहा जाता है। डॉक्‍टर से जानें इन दोनों प्रक्र‍ियाओं में और क्‍या-क्‍या अंतर होते हैं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Rajasekhar, Cardiologist At Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।

एंज‍ियोग्राफी vs एंज‍ियोप्‍लास्‍टी में अंतर समझें

  Angiography Angioplasty
क्या है? हार्ट में ब्‍लॉकेज को चेक करने की जांच। हार्ट ब्‍लॉकेज को ठीक करने की प्रक्र‍िया।
कब होता है? जब हार्ट ब्‍लॉकेज का शक हो। जब एंजियोग्राफी में गंभीर ब्लॉकेज मिले।
समय करीब 15 से 20 म‍िनट। करीब 30 म‍िनट।
स्टेंट की जरूरत नहीं। स्टेंट लगाया जाता है। (हर केस में नहीं)
उद्देश्य हार्ट की धमन‍ियों में ब्‍लॉकेज है या नहीं। ब्‍लॉक हुई धमनी को खोलना और ब्‍लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाना।
कैसे होता है? कैथेटर के जरिए डाई डालकर एक्स-रे होता है। गुब्बारे और स्टेंट की मदद से धमनी को खोला जाता है।

Cardiologist Dr. V Rajasekhar ने बताया क‍ि एंज‍ियोग्राफी को हार्ट में ब्‍लॉकेज पता लगाने की जांच कह सकते हैं वहीं एंज‍ियोप्‍लास्‍टी हार्ट में ब्‍लॉकेज का इलाज है। एंज‍ियोग्राफी से पता चलता है क‍ि हार्ट में ब्‍लॉकेज कहां है और क‍ितना है? वहीं दूसरी ओर, एंज‍ियोप्‍लास्‍टी से पता चलता है क‍ि बैलून से नस खोलने के बाद ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर हुआ या नहीं।

  • एंजि‍योग्राफी एक जांच है इसल‍िए उसमें स्टेंट की जरूरत नहीं होती, लेक‍िन एंज‍ियोप्‍लास्‍टी में खुली हुई आर्टरी दोबारा ब्‍लॉक न हो इसके ल‍िए स्‍टेंट का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है।
  • एंज‍ियोग्राफी में कैथेटर से डाई डालकर एक्स-रे इमेज ली जाती है, वहीं दूसरी ओर एंज‍ियोप्‍लास्‍टी में बैलून और स्टेंट की मदद से नस को खोला जाता है।
  • सरकारी अस्‍पताल में एंज‍ियोग्राफी की कीमत 15 हजार और प्राइवेट में कीमत 50 हजार रूपए तक हो सकती है।
  • सरकारी अस्‍पताल में एंज‍ियोप्‍लास्‍टी की कीमत 50 हजार से डेढ़ लाख और प्राइवेट में ढाई से चार लाख रूपए तक हो सकती है।

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एंज‍ियोग्राफी क्‍या है?

एंज‍ियोग्राफी की मदद से हार्ट ब्‍लॉकेज का पता चलता है। हार्ट की धमन‍ियों को देखने के ल‍िए नस के जर‍िए एक पतली ट्यूब डाली जाती है ज‍िसे कैथेटर कहते हैं। इसके बाद डाई डालकर एक्‍स-रे क‍िया जाता है ताक‍ि धमन‍ियों में ब्‍लाॅकेज का पता चल सके। एंजियोग्राफी से मिलने वाली एक्‍स-रे इमेज को एंजियोग्राम (Angiogram) कहते हैं।

एंज‍ियोग्राफी कब की जाती है?

  • हार्ट में फैट, कोलेस्‍ट्रॉल या अन्‍य पदार्थ जमा होने की स्‍थ‍ित‍ि को एथेरोस्क्लेरोसिस कहते हैं। इसका पता लगाने के ल‍िए एंजियोग्राफी की जाती है। इसका पता लगाना जरूरी है क्‍योंक‍ि इससे हार्ट अटैक या स्‍ट्रोक का खतरा हो सकता है।
  • पेरिफेरल आर्टरी डिजीज की स्‍थ‍ित‍ि ज‍िसमें पैरों की मांसपेश‍ियों तक ब्‍लड की सप्‍लाई कम हो जाए।
  • जब ब्‍लड क्‍लॉट बनने से फेफड़ों तक जाने वाली धमनियां ब्लॉक हो जाएं।
  • जब क‍िडनी तक ब्‍लड पहुंचाने वाली ब्‍लड वेसल्‍स में ब्‍लॉकेज आ जाए।
  • द‍िमाग तक जाने वाली ब्‍लड वेसल्‍स में उभार द‍िखाई दे।

एंज‍ियोग्राफी कैसे की जाती है?

  • एंज‍ियोग्राफी के दौरान एनेस्‍थीस‍िया द‍िया जाता है।
  • कलाई या पैर के पास मौजूद धमनी में छोटा चीरा लगाया जाता है।
  • एक पतली कैथेटर धमनी में डाली जाती है।
  • कैथेटर की मदद से एक खाई डाई को डाला जाता है ताक‍ि एक्‍स-रे में ब्‍लड वेसल्‍स साफ द‍िखाई दें।
  • आधे घंटे से भी कम समय में यह प्रक्र‍िया पूरी हो जाती है।

क्‍या एंज‍ियोग्राफी का कोई साइड इफेक्‍ट है?

आमतौर पर एंज‍ियोग्राफी सुरक्ष‍ित मानी जाती है। हालांक‍ि, कट वाली जगह पर कुछ समय तक हल्‍का दर्द हो सकता है। National Health Service, UK के मुताब‍िक, कुछ मामलों में कट वाली जगह पर छोटी गांठ या ब्‍लड क्‍लॉट हो सकता है जो आमतौर पर कुछ द‍िनों में ठीक हो जाता है। साथ ही त्‍वचा पर नीला या काला न‍िशान नजर आ सकता है। कुछ लोगों को डाई से एलर्जी भी हो सकती है।

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एंज‍ियोप्‍लास्‍टी क्‍या है?

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Dr. V Rajasekhar ने बताया क‍ि अगर हार्ट में ब्‍लॉकेज का पता चलता है, तो डॉक्‍टर ब्‍लॉकेज को खोलने के ल‍िए एंज‍ियोप्‍लास्‍टी करते हैं। हालांक‍ि, हर ब्‍लॉकेज में एंज‍ियोप्‍लास्‍टी की जरूरत नहीं होती है। हल्‍के ब्‍लॉकेज का इलाज दवा और हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल से क‍िया जाता है।

एंज‍ियोप्‍लास्‍टी कब की जाती है?

  • क‍िसी धमनी में अचानक ब्‍लड क्‍लॉट हो जाए। ऐसी स्‍थ‍िति‍ में हार्ट अटैक भी आ सकता है। ऐसी स्‍थ‍िति‍ से बचने के ल‍िए एंज‍ियोप्‍लास्‍टी की जाती है।
  • एंज‍ियोग्राफी में नस में ज्‍यादा संकुचन या ब्‍लॉकेज द‍िखाई दे, तो ब्‍लड सर्कुलेशन प्रभाव‍ित हो सकता है। ऐसी स्‍थ‍ित‍ि में भी डॉक्‍टर एंज‍ियांप्‍लास्‍टी कराने की सलाह देते हैं।

एंज‍ियोप्‍लास्‍टी कैसे की जाती है?

  • एंज‍ियोप्‍लास्‍टी में डॉक्‍टर एनेस्‍थीस‍िया देकर एक छोटा चीरा लगाते हैं।
  • कैथेटर को भीतर डालते हैं ज‍िसके आगे छोटा गुब्‍बारा लगा होता है।
  • इसे फुलाकर ब्‍लॉकेज वाली जगह पर लाया जाता है।
  • इससे जमा हुआ प्‍लाक दबता है और ब्‍लड वेसल चौड़ी हो जाती है।
  • इसके बाद गुब्‍बारे को न‍िकाल लया जाता है।

क्‍या एंज‍ियोप्‍लास्‍टी का कोई साइड इफेक्‍ट है?

एंजियोप्लास्टी एक सुरक्षित प्रक्रिया मानी जाती है, लेकिन किसी भी ऐसी प्रक्रिया जिसमें शरीर के अंदर उपकरण डाले जाते हैं कुछ जोखिम हो सकते हैं। MedlinePlus के मुता‍ब‍िक, कैथेटर डालने से कुछ समय तक दर्द महसूस हो सकता है। हल्‍की ब्‍लीड‍िंग भी हो सकती है। कुछ मामलों में धमनी दोबारा ब्‍लॉक भी हो सकती है।

न‍िष्‍कर्ष:

एंज‍ियोग्राफी एक जांच है ज‍िससे पता चलता है क‍ि हार्ट में कहां और क‍ितना ब्‍लॉकेज है। एंजियोग्राफी से मिलने वाली एक्‍स-रे इमेज को एंजियोग्राम कहते हैं। वहीं दूसरी ओर, एंज‍ियोप्‍लास्‍टी एक इलाज प्रक्र‍िया है ज‍िसमें हार्ट के ब्‍लॉकेज का इलाज क‍िया जाता है। इसमें एक छोटा बैलून फुलाकर ब्‍लॉकेज को खोला जाता है। हर ब्‍लॉकेज के ल‍िए एंज‍ियोप्‍लास्‍टी की जरूरत हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ ब्‍लॉकेज दवा की मदद से ठीक हो सकते हैं।

FAQ

  • क्या हर एंजियोप्लास्टी में स्टेंट लगता है?

    नहीं। स्टेंट तब लगाया जाता है जब नस दोबारा संकरी होने का खतरा होता है। यह एंजियोप्लास्टी के दौरान हर मरीज को नहीं लगाया जाता।
  • क्या एंजियोप्लास्टी के बाद ब्लॉकेज दोबारा हो सकता है?

    हां, कुछ मामलों में धमनी में दोबारा ब्‍लॉकेज हो सकता है। इसे रोकने के लिए दवाएं, स्वस्थ जीवनशैली और नियमित जांच जरूरी होती है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 06, 2026 13:58 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr V Rajasekhar

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