घी और पान के पत्ते का कॉम्बिनेशन नया नहीं है। पुराने समय में घरोंं में इसका चलन था। घी को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए उसमें पान का पत्ता डाला जाता है क्योंकि उसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण घी को खराब नहीं होने देते। घी बनाने समय लोग उसमें कई चीजें मिलाते हैं जिसमें से एक है पान का पत्ता। घी में जब पान का पत्ता मिलाया जाता है, तो पूरे घर में उसकी महक फैल जाती है। माना जाता है कि यह नुस्खा गट हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है और इससे पाचन की समस्याएंं दूर होती हैं। जानते हैं कि क्या वाकई घी बनाते समय पान का पत्ता डालने से गट हेल्थ सुधरती है या यह केवल एक रसोई का सामान्य नुस्खा है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
घी में पान का पत्ता डालने से बढ़ जाते हैं गुण

Ayurveda Expert, Dr. Shrey Sharma ने बताया कि जब हम घी बनाते समय उसमें पान का पत्ता डालते हैं, तो पान का रस या तत्व घी में मिल जाते हैं। इससे घी के गुण बढ़ जाते हैं। आयुर्वेद में पान के पत्ते को अग्निवर्धक माना है इसलिए यह पाचन के लिए अच्छा है और हार्ट के लिए भी फायदेमंंद है। पान के पत्ते में एंंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कब्ज और अन्य गैस्ट्रिक समस्याओंं को दूर करने में मदद करता है।
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क्या कहती है स्टडी?
साल 2020 में Pharma Innovation Journal नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, घी में 1.5 प्रतिशत पान के पत्ते का अर्क मिलाने से उसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण बढ़ जाते हैं जो कि गट हेल्थ के लिए फायदेमंंद होते हैं और किसी सिंथेटिक एडिटिव को डाले बगैर घी में ऑक्सीडेशन को रोका जा सकता है।
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गट हेल्थ के लिए क्यों बेस्ट है घी और पान के पत्ते का कॉम्बिनेशन?
- जब पान के पत्ते के गुण घी में मिल जाते हैं, तो मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद मिलती है जिससे गैस और अपच जैसी समस्याएंं दूर होती हैं।
- पान के पत्ते की तासीर ठंडी होती है। यह पेट को ठंडा रखता है। पान का पत्ता जीईआरडी (GERD) में बहुत फायदेमंद माना जाता है क्योंंकि यह शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को कम करने में मदद करता है।
- पान के पत्ते में पॉलीफेनॉल, फ्लेवोनोइड्स जैसे तत्व और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो न्यूट्रिएंट्स को बेहतर ढंंग से एब्जॉर्ब होने में मदद करते हैं और गट हेल्थ को सुधारते हैं।
निष्कर्ष:
गट हेल्थ को मजबूत बनाने के लिए घी और पान के पत्ते का कॉम्बिनेशन बेहद फायदेमंद है। इससे गैस, अपच, जीईआरडी जैसी पाचन समस्याएंं दूर होती हैं, मेटाबॉलिज्म तेज होता है और पोषक तत्व बेहतर ढंग से शरीर में एब्जॉर्ब हो पाते हैं।
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FAQ
दिनभर में कितने पान के पत्ते खा सकते हैं?
दिनभर में एक से दो पान के पत्ते ही खाएं। इससे ज्यादा खाने से मुंह में जलन हो सकती है या मुंह में छाले भी हो सकते हैं।पाचन के लिए क्योंं फायदेमंद है घी?
घी मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाकर कब्ज से राहत दिलाता है और पेट की जलन और एसिडिटी को दूर करने में मदद करता है।
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Jun 25, 2026 11:42 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jun 25, 2026 11:42 IST
Modified By : Yashaswi MathurJun 25, 2026 11:42 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma