डायबिटीज के रोगी जरूर लें ये 6 हर्ब्स और मसाले, Luke coutinho से जानें इन्हें लेने का तरीका और फायदे

डायबिटीज में अगर इन जड़ी बूटियों और मसालों का सेवन करें तो, आसानी से शुगर कंट्रोल हो सकती है। तो, जानते हैं डायबिटीज में इन हर्ब्स और मसाले के फायदे।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Sep 13, 2021
डायबिटीज के रोगी जरूर लें ये 6 हर्ब्स और मसाले, Luke coutinho से जानें इन्हें लेने का तरीका और फायदे

डायबिटीज लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारी है, जिसका सबसे बड़ा कारण है आपकी आलसी जीवनशैली और खराब डाइट। डायबिटीज को लेकर सबसे चिंताजनक बात ये है कि ये एक साथ कई बीमारियों का कारण बन जाती है। जैसे कि डायबिटीज और मोटापा एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। तो, बढ़ा हुआ ब्लड शुगर आपके ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है और दिल की बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है। ऐसे में सबसे जरूरी है कि आप अपनी लाइफ स्टाइल में खाने-पानी से लेकर सोने व जागने सहित एक्सरसाइज और योग जैसे बड़े बदलावों को शामिल करें। पर वेलनेस कॉच ल्यूक कॉन्टिनहो (Luke Coutinho) की मानें, तो डायबिचटीज में एक सही डाइट के साथ कुछ जड़ी बूटियों और मसालों का सेवन करें तो, ये हमारे लिए तेजी से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा ये डायबिटीज में और भी कई तरीकों से फायदेमंद हैं। तो, आइए जानते हैं क्या हैं ये  हर्ब्स और मसाले (Herbs spices for diabetes) और कैसे करें इनका सेवन। 

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डायबिटीज के रोगियों के लिए हर्ब्स और मसाले - Herbs spices for diabetes

1. दालचीनी (Cinnamon benefits for diabetes)

दालचीनी में बायोएक्टिव घटक होते हैं जो ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं। ये खास कर डायबिटीज टाइप 2 से पीड़ित लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है। दरअसल,  टाइप 2 मधुमेह में फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, एचडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर पर इसका लाभकारी प्रभाव हो सकता है। इसके अलावा दालचीनी इंसुलिन रेजिस्टेंस को करके शुगर को पचाने और इसे कंट्रोल करने में मदद करता है। इसके अलावा एक ग्राम पिसी हुई दालचीनी लेने से कोलेस्ट्रॉल को लगभग 18% और ब्लड शुगर के स्तर को 24% तक कम कम कर सकती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसे खाने में शामिल करना चाहिए और इसे ऐसे भी चबाना चाहिए। इसके अलावा डायबिटीज में दालचीनी के रेगुलर सेवन से लिवर को हेल्दी रखने में मदद करता है। 

दालचीनी का सेवन कैसे करें?

  • -आप रोजाना 1 से 2 ग्राम दालचीनी चाय या फिर अपनी ग्रीन टी में मिला कर ले सकते हैं। 
  • -आप इसे अपने दलिया, स्मूदी पर भी छिड़क सकते हैं।
  •  - खाना पकाने और बेकिंग में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • -फलों को काट कर उस पर दालचीनी पाउडर डाल कर खाएं।
  • -आप दालचीनी पाउडर को अपने सलाद में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • -दालचीनी पाउडर को दही में मिला कर खाएं। 

हालांकि, अपनी डायबिटीज की स्थिति के अनुसार उपयुक्त उचित खुराक के लिए हमेशा डॉक्टर से परामर्श लें। अगर आप खून को पतला करने वाली दवा लेते हैं तो दालचीनी के सेवन से बचें।

2. हल्दी (Turmeric for Diabetes)

हल्दी के फायदे की बात करें तो, ये हमेशा से ही इम्यूनिटी बूस्टर हर्ब माना जाता रहा है। हल्दी की खास बात ये है कि इसमें एक केमिकल करक्यूमिन (Curcumin) पाया जाता है। हल्दी का सारा गुण इसी एक्टिवएजेंट में है। इसी के कारण हल्दी एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-एथेरोस्क्लोरोटिक, दिल को हेल्दी रखने और वजन कम करने में मददगार है। पर इसका सबसे ज्यादा फायदा डायबिटीज के मरीजों को मिलता है। डायबिटीज में हल्दी का सेवन ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मददगार है। ये शुगर के लेवन को अचानक से बढ़ने से रोकता है। साथ ही इसके कुछ फाइटोकैमिकल्स डायबिटीज के मरीजों को दिल की बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। ये टिशूज और सेल्स को हेल्दी रखते हैं। इसके अलावा ये किडनी को भी हेल्दी रखने में मदद करते हैं और डायबिटीज के कारण इन्हें होने वाले नुकसानों से बचाते हैं। साथ ही डायबिटीज के मरीजों में ये रिकवरी को तेज करता है। दरअसल, डायबिटीज का स्किन पर प्रभाव पड़ता है और  कोई भी घाव तेजी से ठीक नहीं होता है। ऐसे में हल्दी हीलिंग और रिकवरी को तेज करने में मददगार है।

हल्दी का सेवन कैसे करें?

  • -अपने खाना पकाने में कच्ची या पीसा हुआ हल्दी शामिल करें ताकि आपको  करक्यूमिन ज्यादा मात्रा में मिल पाए। 
  • -हल्दी वाली चाय पिएं।
  • -हल्दी वाला दूध पिएं। 

ध्यान रहे कि अगर आप हल्दी वाला सप्लीमेंट लेने के बारे में सोच रहे हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसे लें। कोशिश करें कि करक्यूमिन के लिए इसके नेचुरल सोर्स का इस्तेमाल करें। 

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3. मेथी (Fenugreek for Diabetes)

मेथी एक जड़ी बूटी है जिसे डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए। इसकी हाइपोग्लाइसेमिक गतिविधि के कारण, यह ग्लूकोज सहिष्णुता और लो ब्लड शुगर के स्तर में सुधार कर सकता है। इसके अलावा, इसकी फाइबर सामग्री कार्बोहाइड्रेट और शुगर के अवशोषण को धीमा कर देती है। जिससे शरीर में ब्लड शुगर लेवल तेजी से नहीं बढ़ता। दरअसल, मेथी का ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल पर  सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और ये इन दोनों को संतुलित करने में मदद करते हैं। इसलिए मेथी के बीज ब्लड ग्लूकोज के स्तर को कम करके और ग्लूकोज सहनशीलता में सुधार करके शरीर में शुगर के मेटाबोलिज्म को बेहतर बनाते हैं। साथ ही हर दिन अपनी डाइट में 100 ग्राम मेथी के बीज के पाउडर को शामिल करने से फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल में कमी आती है। ग्लूकोज सहिष्णुता में सुधार लाता है और बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मददगार है। इसके अलावा अंकुरित मेथी में नींबू और काला नमक मिला कर खाने से शरीर को फाइबर मिलता है और ये डायबिटीज में कब्ज की समस्या को दूर करता है। 

मेथी का सेवन कैसे करें? 

  • -1 से 2 चम्मच मेथी दाना रात भर पानी में भिगो दें। अगली सुबह, खाली पेट ये बीज खाएं और इसका पानी पी लें। इस उपाय को रोजाना अपनाएं।
  • -आप मेथी के आटे से बनी बेक की हुई चीजें भी खा सकते हैं।
  • -अंकुरित मेथी में नींबू और काला नमक मिला कर खाएं। 
  • -मेथी के बीज को पीस कर गर्म पानी के साथ रोज सुबह इसका सेवन करें। 
  • -मेथी पाउडर को छाछ में मिला कर पिएं। 
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4. करी पत्ता (Curry leaves for diabetes)

डायबिटीज में करी पत्ता का सेवन हमेशा से ही बहुत फायदेमंद माना जाता है। ये हाई ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है। इस जड़ी बूटी में कई खनिज खून में सामान्य ग्लूकोज स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा, इसका कार्बोहाइड्रेट चयापचय को प्रभावित करता है। यह ऑक्सीडेटिव तनाव के जोखिम को भी कम करता है। इसके अलावा डायबिटीज रोगियों के बीच फास्टिंग और पोस्टप्रैन्डियल ब्लड ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने में इसका हाइपोग्लाइसेमिक गुण काफी मददगार साबित हुआ है। करी पत्ता फाइबर की मात्रा से भरपूर होता है। फाइबर पाचन को धीमा करता है और मेटाबोलाइज को तेज करता है। जिससे आपका ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है। करी पत्ता आपकी इंसुलिन गतिविधि को बढ़ावा देता है और जब शरीर इंसुलिन का ठीक से उपयोग करने में सक्षम होता है, तो ब्लड शुगर अपने आप स्थिर होने लगता है।  

करी पत्ता का सेवन कैसे करें? 

  • -चाय में करी पत्ता का इस्तेमाल करें और इसका सेवन करें। 
  • -रोजाना सुबह खाली पेट कुछ करी पत्ते चबाएं।
  • -आप अपने सूप या सलाद में करी पत्ता का पाउडर मिला कर इसका सेवन करें।
  • -करी पत्ता की चटनी और जूस बना कर सेवन करें।

5. एलोवेरा (aloe vera for diabetes)

डायबिटीज में लिवर की बीमारियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में एलोवेरा एक लिवर डिटॉक्स टॉनिक की तरह काम करता है। इसका नियमित उपयोग पित्त प्रणाली को टोन करता है और शुगर और फैट को नियंत्रित करता है। इसके अलावा डायबिटीज में एलोवेरा जूस के फायदे कई हैं। इसके सेवन से पहले तो ब्लड शुगर संतुलित रहता है और दूसरा ये मेटाबोलिज्म को तेज करता है औक डायबिटीज में कब्ज की समस्या से निजात दिलाता है। एलोवेरा में लेक्टिन और एन्थ्राक्विनोन जैसे यौगिकों की उपस्थिति के कारण ये डायबिटीज में मददगार है। साथ ही ये फैट के चपाचय में भी मददगार है। इसका रेगुलर सेवन सूजन में कमी लाता है और घाव व चोटों का तेजी से उपचार करता है। 

एलोवेरा का सेवन कैसे करें? 

  • -सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस का सेवन करें।
  • -एलोवेरा स्मूदी का सेवन करें।
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6. ऑरगेनो 

ऑरगेनो डायबिटीज टाइप-2 से पीड़ित लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है। ऑरगेनो के फ्लेवोनोइड और फेनोलिक यौगिक शरीर में सूजन को कम कर सकते हैं। इसका सेवन करने से मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द, त्वचा में जलन या सूखी खांसी जैसी कुछ सूजन संबंधी स्थितियों में मदद मिल सकती है। इसके अलावा डाबिटीज में ये ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी मददगार है। 

ऑरगेनो का सेवन कैसे करें? 

  • -ऑरगेनो की पत्तियों का सूखा कर अपने खाने में शामिल करें।
  • -सलाद में इसकी पत्तियां मिलाएं।
  • -ऑरगेनो की चाय पिएं। 

ध्यान रखें कि डायबिटीज में स्वस्थ रहने के लिए 4 चीजें बेहद जरूरी है। संतुलित पोषण, पर्याप्त व्यायाम, गुणवत्तापूर्ण नींद और भावनात्मक डिटॉक्स पर काम करें। तो इन बातों का ध्यान रखें और अपना डायबिटीज कंट्रोल करें।

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