बिना साफ किए चश्मा लगाने से खराब हो सकती हैं आंखें, जानें चश्मा लगाते समय किन बातों का रखें ध्यान

कुछ लोग चश्‍मे को ब‍िना साफ क‍िए ही इस्‍तेमाल करते हैं पर इससे आंखों की सेहत खराब हो सकती है, आप भी करते हैं तो इस लेख को व‍िस्‍तार से पढ़ें

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Sep 06, 2021 16:15 IST
बिना साफ किए चश्मा लगाने से खराब हो सकती हैं आंखें, जानें चश्मा लगाते समय किन बातों का रखें ध्यान

 अगर आप अपने चश्‍मे को साफ क‍िए बगैर ही पहन लेते हैं तो आपकी आंखों में इंफेक्‍शन हो सकता है, आंखें कमजोर हो सकती हैं और देखने की क्षमता भी जा सकती है इसल‍िए चश्‍मे को साफ रखना भी जरूरी है। चश्‍मे को साफ न करने के कारण, चश्‍मे में मौजूद कीटाणु आंखों में ट्रांसफर हो जाते हैं और आंखों से जुड़ी बीमारी का कारण बनते हैं। इसल‍िए आपको अपने चश्‍मे को साफ रखना चाह‍िए, चश्‍मे को धूल-मिट्टी से बचाकर रखना चाह‍िए और उसका फ्रेम समय-समय पर बदलने रहना चाह‍िए। कुछ लोग चश्‍मे को बार-बार छूते हैं ज‍िससे इंफेक्‍शन हो सकता है इसल‍िए इस आदत से भी बचें। इस लेख में हम चश्‍मे को साफ रखने का सही तरीका, ब‍िना साफ क‍िए चश्‍मे को लगाने से साइड इफेक्‍ट्स और बचाव के बारे में बात करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के लि‍ए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।

eye infection

(image source:wpengine.netdna)

ब‍िना साफ क‍िए चश्‍मा लगाने से हो सकता है इंफेक्‍शन (Dirty spectacles can cause infections in eyes)

चश्‍मा अगर गंदा हो तो उसमें बैक्‍टीर‍िया पनप सकते हैं ज‍िससे आपकी आंखों में कई तरह के इंफेक्‍शन हो सकते हैं जैसे- 

1. कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis)

गंदा या ब‍िना साफ क‍िए चश्‍मे को लगाने से कंजक्टिवाइटिस के लक्षण आ सकते हैं। ये इंफेक्‍शन बैक्‍टीर‍िया के कारण होता है। कंजक्टिवाइटिस इंफेक्‍शन के ल‍िए ज‍िम्‍मेदार बैक्‍टीर‍िया आपके चश्‍मे से आंखों में ट्रांसफर हो सकता है ज‍िसके कारण आंखें संक्रमित हो जाती हैं। कंजक्टिवाइटिस के लक्षणों की बात करें तो आईल‍िड्स में सूजन आ जाती है, आंखों से आंसू न‍िकलते हैं, आंखों मे जलन हो सकती है, आंखें लाल हो जाती हैं। इसे ठीक करने के ल‍िए डॉक्‍टर एंटीबायोट‍िक दवा देते हैं।

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2. ब्लेफराइटिस (Blepharitis)

ब्लेफराइटिस भी आंखों से जुड़ी बीमारी है ज‍िसमें पलकों में सूजन आ जाती है, पलकें लाल हो जाती है और दर्द होता है। सूजन के अलावा आंखों में दर्द होता है, पलकों के आसपास का ह‍िस्‍सा लाल हो जाता है और पपड़ी बनने लगती है। इस इंफेक्‍शन को रोकने के ल‍िए डॉक्‍टर एंटीबायोट‍िक्‍स देते हैं। इसल‍िए आपको इस बीमारी से बचने के ल‍िए गंदे चश्‍मे को आंखों पर लगाने से बचना चाह‍िए क्‍योंक‍ि ये बीमारी भी गंदगी के कारण हो सकती है। 

3. केरेटाइटिस (Keratitis)

ये एक तरह का कॉर्न‍ियल इंफेक्‍शन है जो बैक्‍टीर‍िया के कारण होता है। इस इंफेक्‍शन के होने पर आंखों में दर्द होता है, सूजन हो सकती है। आंखों में धुंधलापन हो सकता है। आंखों को इंफेक्‍शन से बचाने के ल‍िए आपको चश्‍मे को हमेशा साफ करके पहनना चाह‍िए नहीं तो नजर कमजोर हो सकती है। इससे बचने के ल‍िए डॉक्‍टर मरीज को एंटी-बैक्‍टीर‍ियल आई ड्रॉप दे सकते हैं।

4. कॉर्नियल अल्सर (Corneal ulcer)

ब‍िना साफ क‍िए चश्‍मे पहनने से कॉर्न‍ियल अल्‍सर का खतरा हो सकता है। कॉर्न‍ियल अल्‍सर एक घाव है जो कॉर्न‍िया में बनता है। कॉर्न‍ियल अल्‍सर से आंख में दर्द होता है साथ ही आंख लाल हो सकती है। इस इंफेक्‍शन में आंख से तरल पदार्थ भी न‍िकल सकता है। कॉर्न‍ियल अल्‍सर होने पर आंखें धुंधली हो सकती हैं। कॉर्न‍ियल अल्‍सर होने पर डॉक्‍टर एंटीबायोट‍िक्‍स आई ड्रॉप दे सकते हैं।  

अपने चश्मे को कैसे साफ रखें? (How to clean spectacles)

clean specs

(image source:bvoptometry.com)

चश्‍मे को साफ करके ही आपको लगाना चाह‍िए और चश्‍मे को साफ करने का तरीका बेहद आसान है, हर बार जब भी आप चश्‍मे को लगाएं उससे पहले उसे इन स्‍टेप्‍स के जर‍िए क्‍लीन कर लें-

  • अगर आपके पास आईग्‍लास लेंस क्‍लीनर न हो तो आप चश्‍मे को साफ गुनगुने पानी में भी साफ कर सकते हैं। 
  • आप चश्‍मे के लेंस को एंटी-बैक्‍टीर‍ियल ड‍िटर्जेंट से भी साफ कर सकते हैं। 
  • चश्‍मे को साफ करने के लि‍ए आप माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। 
  • माइक्रोफाइबर कपड़े पर लेंस क्‍लीनर डालकर हल्‍के हाथ से लेंस क्‍लीन कर सकते हैं।
  • चश्‍मे को साफ करने के बाद जब वो सूख जाए तब उसे आंखों पर लगाएं। 

चश्‍मा लगाते समय क‍िन बातों का ध्‍यान रखें? (Tips to wear eye glasses)

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(image source:hakimoptical)

  • चश्‍मा लगाने से पहले आप ध्‍यान दें कि लेंस गंदा या धूल में तो नहीं है, ऐसा है तो पहले चश्‍मे को अच्‍छी तरह से साफ कर लें। 
  • चश्‍मा लगाने से पहले हमेशा आपको साफ माइक्रोफाइबर कपड़े से चश्‍मे को साफ करना है। 
  • चश्‍मा उतारने के बाद आपको उसे चश्‍मे के बॉक्‍स में रखना चाह‍िए।
  • चश्‍मे को पकड़ते समय उसके लेंस पर उंगली लगाने से बचें। 
  • अगर आपके चश्‍मे में क‍िसी तरह की कोई लकीर है तो उसे लगाने के बजाय तुरंत बदलवा लें। 
  • चश्‍मे का नंबर हमेशा प्रश‍िक्ष‍ित डॉक्‍टर से ही लें, दुकान से मशीन के द्वारा टेस्‍ट करवाने से आपकी आंखों में मौजूद बीमारी का पता नहीं लग सकेगा। 

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चश्‍मे पर खरोंच होना सही नहीं है 

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(image source:wordpress.com)

चश्‍मा अगर अच्‍छी क्‍वॉल‍िटी का नहीं है या आप उसे ब‍िना केस के रखते हैं तो चश्‍मे पर न‍िशान आ सकते हैं या स्‍क्रैचेस पड़ सकते हैं। ये खरोंच के न‍िशान आपकी आंखों के ल‍िए ठीक नहीं होते। कई बार चश्‍मे का लेंस धुंधला आ जाता है क्‍योंक‍ि कि‍सी खास जगह से लेंस फट जाता है या खराब हो जाता है ऐसे में आपको चश्‍मा तुरंत बदल देना चाह‍िए। आपको चश्‍मा खरीदते समय भी दुकानदान से चश्‍मे की वारंटी के बारे में पूछना चाह‍िए। चश्‍मे का लेंस खराब होने का कारण केवल उसमें खरोंच आना ही नहीं है, अगर आप चश्‍मे को केस में या बॉक्‍स में नहीं रखते हैं तो भी चश्‍मा खराब हो सकता है। आपको चश्‍मे को हमेशा साफ ड‍िब्‍बे में रखना चाहि‍ए इससे चश्‍मा गंदा भी नहीं होगा और उस पर खरोंच के न‍िशान भी नहीं पड़ेंगे।

आपको आदत डालनी है क‍ि चश्‍मे को छूने से पहले और बाद में अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्‍छी तरह से साफ करना है, इससे जर्म्स आपके हाथों से चश्‍मे पर या चश्‍मे से हाथों पर ट्रांसफर नहीं होंगे। अगर आपको लग रहा है क‍ि चश्‍मा आपके मुताब‍िक ठीक नहीं है तो आप डॉक्‍टर से संपर्क करके अपने चश्‍मे को बदलवाकर अपनी आंखों को हेल्‍दी रख सकते हैं। 

(main image source:patientpop, staticflickr.com)

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