मधुमेह रोगी हल्दी का सेवन करें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 12, 2011
Quick Bites

  • मधुमेह रोगियों के लिए हल्दी किसी औषधी की तरह है।
  • हल्दी प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने के लिए जानी जाती है।
  • घाव पर हल्दी लगाने से घाव जल्द भर जाता है।
  • आंवले के रस में हल्दी व शहद मिलाकर सेवन करें।

मधुमेह के उपचार में हल्दी अत्यंत लाभकारी तरीके से काम करती है। हल्दी का उपयोग पुराने जमाने से ही भोजन और घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है। हल्दी का सबसे ज्यादा उपयोग दाल व सब्जी में किया जाता है क्योंकि यह दाल व सब्जी का रंग पीला करता है और भोजन को स्वादिष्ट भी बनाता है। मधुमेह रोगियों के लिए हल्दी किसी औषधी से कम नहीं है। मधुमेह के रोगियों को प्रतिदिन गरम दूध में हल्दी चूर्ण मिलाकर पीना चाहिए। दरअसल, हल्दी में वातनाशक गुण होते हैं जिससे मधुमेह की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है। आइए जानें मधुमेह रोगियों के लिए हल्दी का सेवन कैसे लाभदायक है।
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हल्‍दी और मधुमेह 

आमतौर पर मधुमेह रोग का उपचार सभी चिकित्सा पद्धतियों से किया जाता है, किंतु हमारे दैनिक आहार और मसालों में मधुमेह रोग एवं उससे होने वाली समस्याओं की रोकथाम व नियंत्रण की अद्भुत क्षमता पाई जाती है। इन मसालों में से ही एक है हल्दी।

 

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है हल्‍दी    

मधुमेह के अधिक बढ़ जाने पर आजीवन इंसुलिन लेने की आवश्यकता पड़ सकती है। मधुमेह पीडि़त को जरा सी चोट लगने पर भी घाव हो जाता है या फिर वह स्थान नीला पड़ जाता है और उस स्‍‍थान पर दर्द होने की आशंका बढ़ जाती है। मधुमेह रोगी यदि प्रतिदिन आधा चम्मच हल्दी का सेवन करे तो उन्हें फायदा होगा। सालों से हल्दी प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने के लिए जानी जाती है। यानी इसके नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। मधुमेह रोगी के घाव या चोट पकने की स्थिति से पहले ही ठीक हो जाते है। किसी कारण से मधुमेह रोगी को लगी अंदरूनी चोट भी जल्दी ही ठीक हो जाती है।

 

एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर हल्‍दी

हल्दी से मधुमेह का रोग भी ठीक हो जाता है। हल्दी एक फायदेमंद औषधि है। हल्दी किसी भी उम्र के व्यक्ति को दी जा सकती है चाहे वह बच्चा हो, जवान हो, बूढ़ा हो और यहां तक की गर्भवती महिला ही क्यों न हो। यह शरीर से खून की गंदगी को दूर करती है और रंग को साफ करती है। हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण पाया जाता है। इस कारण घाव पर हल्दी लगाने से घाव जल्द भर जाता है और ऐसे में यदि मधुमेह रोगी प्रतिदिन किसी न किसी रूप में हल्दी का सेवन करें तो उसके घाव बढ़ने की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी।
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हल्‍दी की सेवन विधि 

मधुमेह के रोगियों को रोजाना ताजे आंवले के रस या सूखे आंवले के चूर्ण में हल्दी का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है। मधुमेह में आंवले के रस में हल्दी व शहद मिलाकर सेवन करने से भी मधुमेह रोगी को लाभ मिलता है। मधुमेह के रोगी 2 ग्राम हल्दी, 2 ग्राम  जामुन की गुठली का चूर्ण, 500 मिलीग्राम कुटकी मिलाकर दिन में चार बार सादे पानीं से खायें मधुमेह के साथ-साथ जिससे गुर्दे तथा आंतों के रोग भी दूर होते है।

हल्दी में प्रोटीन, वसा खनिज पदार्थ रेशा, आहार फाइबर, मैंगनीज, पोटेशियम, कारबोहा‍‍इड्रेट, कैल्शियम, फास्‍फोरस, लोहा, ओमेगा, विटामिन ए, बी, सी के स्रोत तथा कैलोरी भी पाई जाती है।


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Image Source : Getty

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