विपरीत करनी आसन से दूर होती हैं पीठ, पेट और कमर की परेशानियां, एक्सपर्ट से जानें करने का तरीका और सावधानियां

विपरीत करनी आसन आपके पेट, कमर और पीठ के लिए बहुत लाभदायक होता है। यह आसन करने से मानसिक शांति भी मिलती है।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiUpdated at: Aug 03, 2021 13:02 IST
विपरीत करनी आसन से दूर होती हैं पीठ, पेट और कमर की परेशानियां, एक्सपर्ट से जानें करने का तरीका और सावधानियां

बीमारियों से बचाव के लिए और शरीर को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए लोग एक बार फिर योग की ओर लौट रहे हैं। निरोगी काया के लिए योग को दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। आज के इस लेख में हम बात करेंगे विपरीत करनी आसन की। जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि विपरीत का मतलब है ‘उल्टा’ और करनी का मतलब है ‘करना’। विपरीत करनी संस्कृत का शब्द है। इस आसन को अंग्रेजी में लेग्स अप द वॉल पोज (Legs Up the Wall pose) भी कहा जाता है। 

Inside2_viparitkarniasan

विपरीत करनी आसन करने से शरीर को कई लाभ मिलते हैं। इस आसन को करने से बढ़ती उम्र के लक्षणों को रोका जा सकता है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि व्यक्ति का एक हाथ या पैर बढ़ने लग जाता है तो ऐसी समस्याओं को भी यह रोकता है। दिल्ली के संबीम (Sunbeam) स्कूल में योग शिक्षिका उदिता शर्मा से हमने जाना कि विपरीत करनी आसन करने का सही तरीका क्या है। साथ ही इसे करते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। तो आइए विस्तार से इस आसन के बारे में जानते हैं।

विपरीत करनी आसन के फायदे

योग शिक्षिका उदिता शर्मा ने इस आसन को करने के निम्न फायदे बताए-

पैरों में दर्द को करे दूर

यह आसन पैरों में दर्द व थकावट को दूर करता है। जब हम यह आसन करते हैं तब हाथों और कोहनियों की सहायता से जब कमर और पैरों को उठाते हैं, तो इससे हमारे पैर को रिलैक्स मिलता है और थकावट दूर हो जाती है।

पीठ दर्द से राहत

इस आसन को करने से हमारी पीठ दर्द से सहायता मिलती है। जब हमारी कमर ऊपर की तरफ जाती है तब कमर की मांसपेशियों को रिलैक्स मिलता है। जिससे पीठ का दर्द दूर होता है और पेट की समस्याएं भी दूर होती हैं। पाचन संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं।

सिर दर्द से छुटकारा

यह आसन सिर दर्द से भी छुटकारा दिलाता है। यह आसन करने से हमारा ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है जिससे सिर का दर्द ठीक होता है। इस आसन को करने से मन शांत होता है जिस कारण सिर दर्द भी दूर हो जाता है।

इसे भी पढ़ें : सिर दर्द, खांसी, दस्त जैसी इन 6 समस्याओं में फायदेमंद है कनक चंपा, जानें अन्य औषधीय लाभ

पेट में ऐंठन करे दूर

महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन होती है तो उसे भी यह आसन ठीक करता है। जब हमारे कूल्हे 45 डिग्री में ऊपर की तरफ रखते हैं तो उससे पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिससे यह ऐंठन ठीक हो जाता है। पीरियड्स में दीवार की सहायता से इस आसन को करने से आराम मिलता है।

अनिद्रा से छुटकारा

आजकल अनिद्रा की समस्या बहुत बढ़ रही है। इस आसन को करने से अनिद्रा की समस्या कुछ हद तक ठीक हो सकती है। जब हम यह आसन करते हैं तब इसमें होल्ड करते हैं तब हमारा पूरा मन शांत होता है। नकारात्मक विचारों का फ्लो कम होता है। ओवरथिकिंग कम होती है, जिसकी वजह से नींद ठीक आती है। रोजाना करने से पीठ दर्द, कमर दर्द और अनिद्रा की समस्या को दूर कर सकते हैं। 

इसे भी पढ़ें : स्वस्थ शरीर के लिए गहरी और अच्छी नींद है जरूरी, इन 5 घरेलू उपायों से अनिद्रा की परेशानी को करें दूर

Inside1_viparitkarniasan

विपरीत करनी आसन करने का तरीका

  • पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं।
  • दोनों हाथों को शरीर से चिपकाकर रखें।
  • पूरे शरीर को शिथिल करें।
  • धीरे-धीरे दोनों पैरों को उठाएं।
  • जब तक 45 डिग्री का कोण न आ जाए तब तक पैरों को उठाएं। 
  • हाथों को कमर को सहारा देते हुए कूल्हे को ऊपर उठाएं।
  • धीरे-धीरे पैरों को ऊपर उठाएं। जब तक कि पैर एक सीधी रेखा में न आ जाएं। इस प्रक्रिया को करते समय ध्यान रहे कि कोहनियां जमीन पर टिकी रहेंगी। 
  • पीठ जमीन से लगभग 45 डिग्री उठी होनी चाहिए। 
  • यह मुद्रा ही विपरीत करनी है।
  • इस मुद्रा को बनाएं रखें।
  • 30 से 60 सैकेंड के लिए सांस लें। 
  • अब धीरे-धीरे हाथों से कमर को सहारा देते हुए पैरों को नीचे लाएं और कूल्हे को जमीन पर रखें। और आराम करें।

सावधानियां

  • जिन्हें हाई या लो ब्लड प्रेशर की समस्या है, वे इस आसन को न करें। 
  • जिसको गर्दन या पीठ से संबंधित कोई समस्या है तो वह इस आसन को न करें या फिर अनुभवी शिक्षक की सहायता से ही इस आसन को करें। 
  • अगर आंखों से संबंधित समस्याएं जैसे मोतियाबिंद तो भी इस आसन को न करें। 
  • इस आसन को खाली पेट ही करें। 
  • मासिक धर्म चक्र के दौरान यह आसन न करें। क्योंकि रक्त का प्रवाह विपरीत होने लगता है। 

विपरीत करनी आसन आपके पेट, कमर और पीठ के लिए बहुत लाभदायक होता है। यह आसन करने से मानसिक शांति भी मिलती है।

Read more Articles on Yoga in Hindi

 
Disclaimer