बकुल (मौलश्री) पेड़ के छाल, फल और फूल में होते हैं कई औषधीय गुण, आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके फायदे-नुकसान

बकुल को मौलश्री भी कहा जाता है। इसके फल, फूल और छाल में कई तरह औषधीय गुण पाए जाते हैं। जानें इसके स्वास्थ्य फायदे, नुकसान और इसे लेने का तरीका

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Apr 07, 2021Updated at: Apr 07, 2021
बकुल (मौलश्री) पेड़ के छाल, फल और फूल में होते हैं कई औषधीय गुण, आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके फायदे-नुकसान

क्या आपने कभी मौलसिरी प्लांट (Moulsiri Plant) का नाम सुना है? आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है। इसके फूल, फल और छाल सभी में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसके फूलों में काफी अच्छी सुगंध होती है, जो तन और मन दोनों को शांति देता है। इसके फूलों के सूख जाने के बाद भी यह सुगंधित रहती है। इसका वानस्पतिक नाम मिमसोप्स एलेन्गी Mimsops Allengi) है। इसे अंग्रेजी में बुलेट वुड ट्री (Bullet Wood Tree) के नाम से जाना जाता है। यह दांत और पेट से जुड़ी सारी समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है। इसके साथ ही यह हृयद को भी स्वस्थ रखता है और ल्यूकोरिया की समस्या को भी ठीक करने में मदद करता है। राम हंस चेरीटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा से जानें बकुल या मौलसिरी के स्वास्थ्य लाभ, नुकसान और इसे लेने का तरीका (bakul or Moulsir of Health Benefits, Side Effects and Uses)   

बकुल या मौलसिरी के स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits of Bakul or Moulsiri)

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सिर दर्द में राहत दिलाए (Relieve Headache)

आजकल सिर दर्द की समस्या बेहद सामान्य हो गई है। ऑफिस, घर की टेंशन और तनाव की वजह से लोगों में सिर दर्द की समस्या काफी बढ़ रही है। ऐसे में बकुल के फूलों का चूर्ण काफी फायदेमंद हो सकता है। कुछ दिनों तक नियमित रूप से इसका सेवन करने पर सिरदर्द में राहत मिल सकती है। यह स्ट्रेस और टेंशन को कम करके सिरदर्द में आराम दिलाता है।

दांतों से संबंधित रोग करे दूर (Remove Teeth Related Diseases)

दांतों से संबंधित रोगों को ठीक करने के लिए बकुल के छाल और बीज का चूर्ण बेहद लाभकारी होता है। इससे दांत में दर्द, दांतों में कीड़ा और दांतों के हिलने की समस्या ठीक होती है। इसके अलावा बकुल के 2 फूलों को रोजाना चबाने से दांत बहुत मजबूत होते हैं। आप चाहें तो इसके चर्ण को मंजन करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही यह मुंह के छालों, मसूड़ों की सूजन और मुंह से संबंधी सभी रोगों को दूर करने में भी मदद करता है।

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खांसी-जुकाम में फायदेमंद (Beneficial in Cough and Cold)

बकुल के फूलों का पानी और इसके चूर्ण का इस्तेमाल आयुर्वेद में खांसी को ठीक करने के लिए किया जाता है। अकसर मौसम बदलने पर छोटे बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वालों को खांसी की समस्या होती है। ऐसे में अगर कुछ बकुल के फूलों को रात को पानी में भिगो दिया जाए और सुबह उसे पिया जाए तो इससे खांसी में आराम मिल सकता है। इसे 3-5 दिन तक पीने से आपकी खांसी ठीक हो सकती है। इसके साथ ही आप चाहें तो इसका सेवन अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने के लिए भी कर सकते हैं।  

हृदय के लिए लाभकारी (Beneficial for Heart)

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए मौलसिरी या बकुल काफी लाभकारी होता है। आयुर्वेद में बकुल का इस्तेमाल हृदय रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है। इसके लिए बकुल के 5-10 फूलों के अर्क का सेवन करने से हृदय रोगों को ठीक किया जा सकता है। मौलसिरी में हृदय संबंधी रोगों को ठीक करने का गुण पाया जाता है। अगर आप भी अपने हृदय को स्वस्थ और हेल्दी बनाना चाहते हैं तो नियमित रूप से इसका सेवन कर सकते हैं।       

पेट के रोगों में फायदेमंद बकुल (Beneficial in Stomach Diseases) 

बकुल को पेट के रोगों को ठीक करने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इसके सेवन से बच्चों या बड़ों में कब्ज (Constipation) की समस्या ठीक होती है। बकुल के बीजों को पीसकर या घी में मिलाकर खाने से कब्ज ठीक हो जाता है। आपका पेट एकदम साफ हो जाता है। इसके साथ ही इसके सेवन से डायरिया या दस्त की समस्या भी ठीक होती है। इसके अलावा यह पेट में गैस और एसिडिटी की समस्या को भी ठीक करता है।

ल्यूकोरिया में फायदेमंद मौलसिरी (Beneficial Moulsiri in Leucorrhea)

आजकल महिलाओं में व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) की समस्या बढ़ती जा रही हैं। महिलाओं में यह समस्या बेहद सामान्य है। महिलाएं इसके लिए कई मेडिकल ट्रीटमेंट (Medical Treatment) भी लेती हैं। लेकिन आप चाहें तो इसे मौलसिरी के सेवन से भी ठीक कर सकते हैं। मौलसिरी में औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो सफेद पानी निकलने की समस्या को ठीक करने में मदद करता है। आयुर्वेद में इसे ल्यूकोरिया के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।

पेट के अल्सर को ठीक करे (Heal Stomach Ulcers)

मौलसिरी या बकुल पेट के अल्सर में भी फायदेमंद होता है। इसके सेवन से पेट के अल्सर को ठीक किया जा सकता है। आयुर्वेद में इसे ठीक करने के लिए बकुल का सेवन करना लाभकारी होता है। इसका सेवन आपको डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। 

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बकुल के नुकसान (Side Efects of Bakul or Moulsiri)

बकुल का सेवन गर्भवती महिलाओं (Pregnant women) को बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही अगर आप स्तनपान करवाती हैं या आप किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं तो इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें। साथ ही इसका ज्यादा सेवन करने से भी बचना चाहिए। वरना आपको इसके फायदों की जगह नुकसान भी हो सकता है। 

बकुल के उपयोगी भाग (Useful Parts of Bakul)

  • - बकुल फूल (Flower)
  • - फल (Fruit)
  • - बीज (Seeds)
  • - छाल (Bark)
  • - पत्ते (Leaves)

कैसे करें बकुल का सेवन (How to consume Bakul)

  • चूर्ण : 1-2 ग्राम
  • काढ़ा : 20-50 मिली

वैसे तो इसका सेवन करना एकदम सुरक्षित होता है यह शरीर के कई रोगों को दूर करने में मदद करता है। लेकिन अगर आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो आपको डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करना चाहिए। 

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