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मानसून में जरूर खाएं पोई साग, एक्सपर्ट से जानें इसके फायदे और कुछ सावधानियां

पोई साग खाने से आपका दिल, दिमाग, शरीर सभी दुरुस्त रहते हैं। इसके सेवन से आपके शरीर को जरूरी मिनरल्स मिल जाते हैं।   

बारिश के मौसम में गर्मागर्म पोई साग खाने से आपके शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। पोई एक बेल है, जो बारिश के मौसम में जलभराव जैसी स्थितियों से बच जाती है, इसलिए इसे इस मौसम में खाने से कोई परेशानी नहीं होती है। इसकी पत्तियों को साफ करना आसान होता है। नमामी लाइफ में न्युट्रीशनिस्ट डॉ. शैली तोमर का कहना है कि पोई साग (Benefits of poi saag) को मालाबार स्पीनिच के नाम से भी जाना जाता है। यह पालक की ही एक वैरायटी है। पोई साग में विटामिन ए, बी12, विटामिन सी, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीज आदि पोषक तत्त्व पाए जाते हैं। 

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न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि रोजाना 100 ग्राम पोई साग खाने से 100 फीसद विटामिन सी और विटामिन ए मिलता है। यह दोनों ही पोषक तत्त्व स्ट्रांग इम्युनिटी (Malabar spinach for strong immunity) के लिए जरूरी हैं। यह दिखने में पालक की तरह ही होता है, लेकिन इसके पत्ते पालक से ज्यादा गुदेदार और डंडियां थोड़ी मुलायम और मोटी होती हैं। 

पोई साग खाने के फायदे (Malabar spinach health benefits)

न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि पोई साग पालक का एक अच्छा विकल्प है। इसे मानसून में खाना भी पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे शरीर में फोसफोरस की कमी पूरी होती है और यह पोटैशियम की मात्रा भी अच्छी होती है। मानसून में पोई साग खाने के निम्न फायदे हैं-

इम्युनिटी करे स्ट्रांग

मानसून में पोई साग खाने से इम्युनिटी मजबूत होती है। पोई साग में विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है, यह विटामिन इम्युनिटी को बूस्ट करने के लिए बहुत जरूरी है। मानसून में होने वाली सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी परेशानियां भी इसके सेवन से दूर रहती हैं। साथ ही इस साग को खाने से त्वचा को बहुत फायदा मिलता है। विटामिन सी से युक्त फूड्स खाने से शरीर में आयरन का अवशोषण (absorption) भी अच्छे से होता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। 

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गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद

पोई साग (Malabar spinach) में फोलेट की भी भरपूर मात्रा पाई जाती है, यह फोलेट गर्भवती महिलाओं के लिए आवश्यक होता है। न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि 100 ग्राम पोई साग में 100 mcg फोलेट होता है। प्रेगनेंसी में फोलेट का लेवल कम होने से भ्रूण के विकास में दिक्कत हो सकती है। 

दिल को रखे स्वस्थ

पोई साग में पाए जाने वाले फोलेट से दिल की बीमारियां दूर रहती हैं। यह दिल के लिए एक आवश्यक साग है। न्युट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि फोलेट के सेवन से हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना कम हो जाती है। 

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आंखों का स्वास्थ्य

पोई साग में विटामिन ए भरपूर मात्रा में होता है जो आंखों के स्वास्थ्य और बेहतर इम्युनिटी के लिए जरूरी है। विटामिन ए अच्छी सेहत के लिए जरूरी है। 

तनाव को करे दूर

पोई साग दिखने में जितना हरा होता है उतना ही जीवन में भी हरियाली लाता है। पोई साग खाने से डिप्रेशन व तनाव जैसी परेशानियां दूर रहती हैं। पोई साग में ऐसे एमिनो एसिड्स पाए जाते हैं जो ब्रेन हेल्थ के लिए लाभकारी होते हैं। 

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अनिद्रा को करे दूर

पोई साग में मैंग्नेशियम पाया जाता है जो नींद न आने की समस्या को दूर करता है। पोई साग अच्छी नींद के लिए जरूरी है। मालाबार स्पीनिच यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स (यूटीआई) के विरूद्ध भी काम करता है। 

त्वचा को जवां बनाए रखने में कारगर

पोई साग को पुई साग भी कहा जाता है। इस साग में जोक्सांथिन, ल्युटिन और बेटा जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो इम्युनिटी को बूस्ट करते हैं और हार्ट को प्रोटेक्ट करते हैं। साथ ही त्वचा को जवां बनाए रखने के लिए जरूरी होते हैं। तो पोई साग को खाने से त्वचा पर जल्दी झाइयां नहीं होती हैं।

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पेट को रखे दुरुस्त

पोई साग में कैल्शियम की मात्रा भी भरपूर होती है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है। पोई साग दिन की कैल्शियम की 12 फीसद जरूरत पूरी कर देता है। पोई साग में फाइबर की मात्रा भी अच्छी होती है, जोकि बेहतर डाइजेशन के लिए जरूरी है। पोई खाने से कब्ज की परेशानी दूर होती है। पोई साग में सोल्युबल फाइबर होता है जो वजन कम करने के लिए एक जरूरी फाइबर है। 

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सावधानियां

  • न्युट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि पोई साग में पोटैशियम की अधिकता होती है, इसलिए यह ब्लड प्रेशर को कम करता है। तो अगर किसी को लो ब्लड प्रेशर की समस्या है तो इस साग को न खाएं। 
  • डायरिया होने पर पोई साग को न खाएं, क्योंकि पोई साग में सोल्युबल और इसोल्युबल फाइबर होता है जो कि डायरिया की परेशानी को बढ़ सकता है। 
  • पोई साग में ऑक्सलेट होता है और इसे ज्यादा खाने से किडनी में स्टोन की समस्या हो सकती है। 
  • पोई साग का ऑक्सालेट अमाउंट कम करने के लिए इसे अच्छे पकाना जरूरी है। अच्छे से पका हुआ साग ही खाएं। 
  • सेंसटिव स्किन वाले लोगों में यह गले में खुजली, आंखों में खुजली और स्किन रैशेज की समस्या पैदा कर सकता है। अगर आप एलर्जिक हैं तो पहले इस साग को जांच लें। 

इस तरह करें उपयोग

पोई को साग के रूप में , जूस के रूप में, दाल में डालकर, सूप के रूप में आदि कई तरीकों से उपयोग में लाया जा सकता है। आप चाहें तो इसके पराठे बनाकर भी खा सकते हैं। पोई साग को आप जैसे चाहें वैसे इस्तेमाल में ला सकते हैं। पोई के फल मकोय के जैसे दिखते हैं। इसके फलों की भी सब्जी बनाई जाती है। तो आप फल और पत्तियों दोनों का सेवन कर सकते हैं। 

पोई साग (uses of malabar spinach) दिखने में बिल्कुल पालक जैसा होता है, पर उसमें थोड़ा अंतर होता है। पोई एक बेल है और पालक जमीन में रहता है। इस वजह से जलभराव की स्थिति में पालक पर किटाणु आ सकते हैं, लेकिन पोई साग में ऐसा नहीं है, क्योंकि यह बेल की तरह ऊपर की तरफ होती है। पोई साग (Health benefits of poi saag in hindi) खाने से आपका दिल, दिमाग, शरीर सभी दुरुस्त रहते हैं। इसके सेवन से आपके शरीर को जरूरी मिनरल्स मिल जाते हैं। जिस तरह पोई दिखने में हरा होता है, उसी तरह इसके सेवन से शरीर में हरियाली आती है। 

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Meena Prajapati

Meena Prajapati

Sub Editor

पत्रकारिता में आए तीन साल से अधिक समय हो गया है। कुछ महीने डिजिटल में इंटर्नशिप करने के बाद औपचारिक रूप से पत्रकारिता की शुरुआत प्रिंट से की। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की। दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी पत्रकारिता में सर्वश्रेष्ठ अंक आने की वजह से देश के उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू द्वारा विश्वविद्यालय पदक दिया गया। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन हरियाणा से किया। महिला मुद्दों पर लिखने में विशेष रुचि रही, यही वजह थी कि साल 2020 में लाडली मीडिया अवार्ड दिया गया। इसके अलावा 18 कहानियां 18 कहानीकार कहानी संग्रह (पुस्तक) में एक कहानी भी प्रकाशित हो चुकी है। समसामयिक मुद्दों पर विभिन्न लेख पत्रिकाओं और अखबारों में लिखती रही हूं।

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    Jul 08, 2021 00:00 IST

    Published By : Meena Prajapati

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