भारी सामान उठाने व गलत तरीके से बैठने से रीढ़ पर पड़ता है असर, डॉक्टर से जानें इससे होने वाली समस्याएं

जानें किन-किन कारणों से रीढ़ की हड्डी पर असर पड़ता है। डॉक्टर हमें क्या करने व क्या नहीं करने की सलाह देते हैं, जिससे रीढ़ की हड्डी में गैप न हो।

Satish Singh
Written by: Satish SinghPublished at: Aug 12, 2021Updated at: Aug 12, 2021
भारी सामान उठाने व गलत तरीके से बैठने से रीढ़ पर पड़ता है असर, डॉक्टर से जानें इससे होने वाली समस्याएं

भारी सामान उठाने और गलत तरीके से बैठने से रीढ़ पर काफी असर पड़ता है। बता दें कि रीढ़ की हड्डी में कभी गैप नहीं आता है। इसका गैप कम होता है। जमशेदपुर के बाराद्वारी एपेक्स अस्पताल में सेवा देने वाले हड्डी के डॉक्टर (सीनियर आर्थोपेडिक सर्जन) सौरव चौधरी ने बताया कि बोलचाल की भाषा में लोग कहते हैं कि हड्डी में गैप बढ़ गया है। ज्यादातर डॉक्टर इसे बोलते हैं कि हड्डी में गैप आ गया है लेकिन हड्डी में गैप नहीं आता है, बल्कि गैप कम होता है। हड्डी में गैप की बीमारी पहले ज्यादातर बुजुर्गों में देखने को मिलती थी। लेकिन आज कल भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग 48 घंटे का काम 24 घंटे में निपटाने की कोशिश करते हैं, जिसके कारण गलत तरीके से उठने बैठने की वजह से युवाओं में भी रीढ़ की हड्डी में गैप होने की समस्या देखी जा रही है। तो आइए इस आर्टिकल में हम एक्सपर्ट के हवाले से जानते हैं कि रीढ़ की हड्डी में गैप क्यों आता है और किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल। 

जानें रीढ़ की हड्डी में गैप क्यों कम होता है

ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सौरव बताते हैं कि हर रीढ़ की हड्डी के बीच में डिस्क होता है, जो शॉक ऑब्जर्वर का काम करती है। शॉक ऑब्जर्वर एक तरह का बॉडी का शॉकर होता है। जिस तरह किसी गाड़ी के लिए शॉकर जरूरी है। उसी तरह हमारी बॉडी में भी शॉकर जरूरी है। यह रीढ़ की हड्डी के बीच में रहता है। जब हमारा शरीर मूव करता है तो यह काम करता है। इसमें 90 प्रतिशत पानी भरा होता है। इसमें पानी कम होने से डिस्क कम होते जाता है, जिसके कारण रीढ़ की हड्डी में गैप कम हो जाता है। डिस्क हमारे शरीर में रीढ़ की हड्डी को सहारा देने के लिए व उसे किसी भी तरह के झटके और चोट से बचाने के लिए होता है। यह गद्देदार होता है। जो हड्डी को लचीला बना कर रखती है।

बढ़ती उम्र, चोट और लापरवाही से बैठने या किसी चींज को उठाने से ये छोटी-छोटी डिस्क सूज जाती है या टूट जाती है तो  रीढ़ की हड्डी में गेप आने लगता है। डिस्क अपनी जगह से फिसल जाती है, उनमें मौजूद पानी का रिसाव रीढ़ की हड्डी में होने लगता है। स्पाइन टीबी होने से भी रीढ़ की हड्डी आपस में चिपक जाती है। चोट लगने से भी इसकी समस्या होती है। हड्डियों के बीच डिस्क छोटी-छोटी होती है। यह बहुत ही मुलायम होती हैं। जिसके कारण रीढ़ की हड्डी आराम से अपना काम कर पाती है। डिस्क रीढ़ की हड्डियों के बीच में मौजूद गैप को बनाकर रखती है। कई बार चोट या रीढ़ की हड्डियों के चारों तरफ़ मौजूद मांसपेशियों में कमजोरी आने से डिस्क अपनी जगह से हटकर बाहर निकल जाती है इस कारण डिस्क के आसपास मौजूद नसों पर प्रेशर पड़ता है। रीढ़ की हड्डी में गैप को स्पांडिलाइसिस कहा जाता है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति परेशान करता है। रीढ़ की हड्डी में गैप होने के कारण इसमें दर्द की समस्या आती है। भारी सामान को उठाने में पीठ दर्द करता है। झुकते समय पीठ में दर्द की समस्या आती है।  पीठ से कट कट की आवाज आती है।  इससे पीठ सीधा नहीं रहता है और टेढ़ापन शिकार हो जाता है।

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रीढ़ की हड्डियों में गैप होने का कारण

  1. बढ़ती उम्र : जैसा कि एक्सपर्ट ने बताया कि रीढ़ की हड्डी में डिस्क होते हैं, जो रीढ़ में शॉकर के रूप में काम करती है। इसी के कारण रीढ़ की हड्डी शरीर के ज्यादातर भार को बांटने का काम करती है। भार बांटने के लिए रीढ़ के डिस्क मदद करते हैं। समय के साथ यह डिस्क कमजोर हो जाते हैं। उम्र बढ़ने के कारण बूढ़े लोगों में यह समस्या आती है। डिस्क की बाहरी परत कमजोर होने लगती है और उभार आने लगता है, जिसे रीढ़ की हड्डी में गैप कम हो जाती है। इसके बाद लोगों को बीमारी व दर्द की शिकायत होती है।
  2. भारी सामान उठाने से :  हड्डी में गैप का कारण चोट लगना भी होता है। आप ज्यादा भारी सामान उठा रहे हैं जो आपकी क्षमता से ज्यादा है, या गलत तरीके से उठते बैठते हैं तो रीढ़ की हड्डी में गैप आ सकता है। ऐसे में यह भारी सामान उठाने के साथ ट्रामा की वजह से भी रीढ़ की हड्डी में गैप आ सकता है।
  3. झटके से चीज को उठाने के कारण : अचानक झटका लगने, चोट लगने व किसी वस्तु को गलत ढंग से उठाने पर डिस्क के ऊपर दबाव पड़ता है, जिसके कारण भी रीढ़ की हड्डियों में गैप आ जाता है। इसलिए यदि आप किसी सामान को उठा भी रहे हैं तो सावधानीपूर्वक उठाना चाहिए। नहीं तो समस्या बन सकती है।

Gap In Spinal Cord

जानें कैसे किया जाता है इलाज

ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर सौरव बताते हैं कि रीढ़ की हड्डी के गैप की बीमारी का इलाज अलग-अलग केस में अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। यदि किसी मरीज को इस समस्या की वजह से ज्यादा दिक्कत हो रही है तो उसका उपचार ऑपरेशन करके या फिर किसी को माइनर दर्द हो रहा है तो उसका उपचार मालिश करवाने की सलाह देकर व दवा देकर किया जाता है। लेकिन इलाज मरीज के हेल्थ कंडीशन पर निर्भर करता है।

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एक्सरसाइज से इसे खत्म किया जा सकता है

डॉ. सौरव बताते हैं कि एक्सरसाइज और योगा से इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है। इससे डिस्क और आसपास की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। कुछ लोग डॉक्टरों की सलाह पर एक्सरसाइज करते हैं। लेकिन किसे एक्सरसाइज करना और किसे नहीं उसके लिए आपको डॉक्टरी सलाह की आवश्यकता है। यदि आप भी इस बीामरी से ग्रसित हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लेकर एक्सरसाइज कर सकते हैं।

Back Pain

दवा का सेवन है बेहतर विकल्प

डॉक्टर बताते हैं कि अगर एक्सरसाइज से राहत नहीं मिली तो दवा खाकर इसके दर्द पर काबू पाया जा सकता है और इसे ठीक किया जा सकता है। लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के दवा का सेवन कभी भी नहीं करना चाहिए।  ही कोई डॉक्टर आपको बिना परामर्श के दवा का सेवन करने की सलाह देता है। दवा से भी दर्द से आराम पाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप डॉक्टर की सलाह लें। 

रीढ़ की हड्डी में गैप होने पर लक्षणों पर नजर

  • डिस्क के हिस्सों में झनझनाहट व जलन महसूस होना
  • रात होते ही दर्द का अचानक बढ़ जाना
  • खड़े होने पर या चलने पर दर्द का अधिक बढ़ जाना
  • रीढ़ की हड्डी में गैप होने से रीढ़ की हड्डी के किसी में हिस्से में दर्द हो सकता है
  • गर्दन से लेकर पीठ के हिस्सा में भी दर्द हो सकता है
  • मांसपेशियों में कमजोरी
  • शरीर के एक हिस्से में लगातार दर्द रहना

अच्छी लाइफस्टाइल अपनाने के साथ रोजमर्रा के काम पर दें ध्यान

यदि आप भी चाहते हैं कि आपको इस प्रकार की बीमारी न हो तो इसके लिए आपको अपने लाइफस्टाइल पर खास ध्यान देने की आवश्कता है। आप नियमित तौर पर एक्सरसाइज करें। रोजमर्रा के काम यदि कर भी रहे हैं तो ध्यान पूर्वक करें, जैसे कि कोई भी भारी सामान को न उठाएं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जा रही है वैसे वैसे शरीर पर ध्यान दें। यदि पीठ में  दर्द हो रहा है तो डॉक्टरी सलाह लें, बिना डॉक्टरी सलाह के दवा का सेवन न करें। इसके अलावा कौन-कौन सी एक्सरसाइज करनी है इसको लेकर भी आप परामर्श ले सकते हैं।

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