बच्चों को इन अंगों पर चोट लग जाए तो पेरेंट्स बरतें सावधानी, जानें प्राथमिक उपचार का सही तरीका

बच्चों को चोट लगने पर पेरेंट्स को पैनिक होने की वजह उनका प्राथमिक इलाज करना चाहिए, अगर बच्चों को इन अंगों पर चोट लगती है तो रखें इन बातों का ध्यान।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Mar 31, 2022Updated at: Mar 31, 2022
बच्चों को इन अंगों पर चोट लग जाए तो पेरेंट्स बरतें सावधानी, जानें प्राथमिक उपचार का सही तरीका

बचपन में बच्चे बहुत शरारती और नटखट होते हैं। इन्हीं शरारतों और बदमाशियों के कारण कई बार बच्चों को चोट लग जाती है। बच्चों को चोट लगने पर अक्सर माता-पिता घबरा जाते हैं और इस स्थिति में वे समझ नहीं पाते हैं कि किस तरीके से बच्चे को शुरूआती इलाज दिया जाए। छोटे बच्चे जब चलना शुरू करते हैं तो उन्हें चोट लगने का खतरा रहता है। इसके अलावा कई बार बच्चे खेलते समय, साइकिल चलाते समय या घरों में एक जगह से दूसरी जगह जाते समय चोटिल हो जाते हैं। कई बार बच्चों को गंभीर चोट लग जाती है जिसमें आपको डॉक्टर के पास जाने से पहले प्राथमिक ट्रीटमेंट देना जरूरी होता है। बच्चों को चोट लगने पर घबराने के बजे पेरेंट्स को जरूरी कदम उठाने चाहिए जिससे आपके बच्चे को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। छोटे बच्चे को शरीर के अलग-अलग अंगों में अलग-अलग तरह से चोट लगने का खतरा रहता है। ऐसे में आप उसके बचाव के लिए इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

बच्चों के इन अंगों पर चोट लगने पर पेरेंट्स अपनाए ये उपाय (First Aid Treatment for Minor Injuries in Children in Hindi)

ज्यादातर बच्चे नटखट स्वभाव के होते हैं और अक्सर उन्हें खेलते-कूदते समय चोट लग जाती है। बच्चों में सबसे ज्यादा सिर पर लगने वाली चोट का खतरा रहता है। ऐसे में आपको बच्चों को चोट लगने पर प्राथमिक इलाज कैसे करना है और इस दौरान किन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए? इसके बारे में जानकारी होना चाहिए। बच्चों के शरीर के इन अंगों पर चोट लगने आप इस तरह से प्राथमिक उपचार करें और इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

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1. सिर पर चोट लगना

बच्चों में सबसे ज्यादा सिर पर चोट या हेड इंजरी का खतरा रहता है। अक्सर बच्चे साइकिल चलाते समय या खेलकूद के दौरान हेड इंजरी का शिकार हो सकते हैं। बच्चों में हेड इंजरी होने पर उन्हें ब्लीडिंग हो सकती है। हेड इंजरी कई तरह की होती है। ऐसे में आपको सबसे पहले डॉक्टर के पास जाना चाहिए लेकिन अगर आप तुरंत डॉक्टर के पास नहीं पहुंच सकते हैं तो उसका इलाज करते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

  • सबसे पहले बच्चे को किसी आरामदायक जगह पर ले जाएं।
  • इसके बाद ब्लीडिंग को रोकने के लिए पहले घाव को साफ करके उसकी पट्टी करें।
  • अगर घर में पट्टी मौजूद नहीं है तो इसके लिए आप किसी साफ सूती कपड़े का प्रयोग कर सकते हैं।
  • सिर की अंदरूनी चोट होने पर आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • बच्चा अगर होश में नहीं है तो उसे होश में लाने की कोशिश करें।
  • अगर बच्चे को उल्टियां हो रही हैं तो उसे चोकिंग से बचने के लिए बाई करवट सुलाएं।

2. अगर बच्चा जल जाए तो क्या करें?

कई बार बच्चे गलती किसी ऐसी चीज के संपर्क में आ जाते हैं जो बहुत गर्म होती है। घरों में आग, चूल्हे या गाड़ियों के संपर्क में आने से बच्चे जल जाते हैं। ऐसे में आपको इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

  • सबसे पहले बच्चे को आरामदायक जगह पर ले जाएं।
  • इसके बाद बच्चे की जलने वाली जगह पर कोई मलहम लगाएं।
  • अगर आपके घर में छोटा बच्चा है तो जलने पर इस्तेमाल होने वाला मलहम घर में जरूर रखें।
  • पैनिक होने की बजे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

घर में बच्चों को जलने से बचाने के लिए ऐसी चीजें जिनसे बच्चों को जलने का खतरा है दूर रखें। घर में स्मोक अलार्म लगाने से आप इस बच्चे को जलने से बचा सकते हैं। किचन में खाना बनाने के बाद गर्म बर्तन बच्चों की पहुंच से दूर रखें और घर में कैंडल या दीपक जलाने के बाद बच्चे को अकेला न छोड़ें।

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2. हाथ में चोट लगना

बच्चे खेलते समय या साइकिल चलाते समय अक्सर हाथ में चोटिल हो जाते हैं। हाथ में लगने वाली चोट कई तरह की होती है। अगर आपके बच्चे को हाथ में चोट लगती है तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

  • अगर बच्चे के हाथ में चोट लगने से कट गया है तो उस पर मलहम लगाएं।
  • जरूरत है तो ब्लीडिंग रोकने के लिए पट्टी जरूर बांधें।
  • हाथ में चोट लगने पर हाथ में फ्रैक्चर या हड्डियों के टूटने का खतरा रहता है।
  • इसलिए बच्चे को चोट लगने पर उसके हाथ की सही ढंग से जांच करें।
  • अगर बच्चे की हड्डियों में फ्रैक्चर है या हड्डियां टूट गयी हैं तो प्रभावित क्षेत्र को हिलने न दें और तुरंत अस्पताल जाएं।
  • बच्चों को चोट लगने से बचाने के लिए साइकिल चलाते समय या खेलकूद के समय उसकी देखरेख जरूर करें।

3. दांत में चोट लगना

खेलकूद करते समय अक्सर बच्चों को मुहं या दांत पर चोट लग जाती है। कई बार दांत में लगने वाली चोट गंभीर होती है जिसकी वजह से मुहं के अंदर कई जगह पर नुकसान होता है। बच्चों को दांत में चोट लगने पर इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

  • सबसे पहले उसके मुहं की जांच करें।
  • अगर चोट गंभीर है तो तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचे।
  • इस दौरान अगर कट लगने की वजह से ब्लीडिंग हो रही है तो ब्लीडिंग तो रोकने के लिए पट्टी का इस्तेमाल करें।
  • दांत पर लगने वाली चोट बहुत संवेदनशील होती है इसलिए तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

4. आंख में चोट लगना

बच्चों की आंख में चोट लगना एक कॉमन समस्या है और ये कई कारणों से हो सकती है। कई बार ये स्थिति बहुत गंभीर होती है जिसमें बच्चे की आंख को गंभीर नुकसान हुआ होता है। आंख में चोट लगने पर आपको इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

  • अगर आंख में गंभीर चोट लगी है तो उसे खोलने का प्रयास न करें।
  • तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचे।
  • अगर आंख खुली है और चोट अधिक गंभीर नहीं है तो इसे साफ पानी से धुलें।
  • कभी भी चोट लगने के बाद बच्चे को आंख न मलने दें।
  • आंख पर पट्टी न बाधें और जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर के पास जाएं।

ऊपर बताई गयी बातों का ध्यान रखने से आप बच्चों को चोट लगने पर उन्हें गंभीर समस्या होने से बचा सकते हैं। कई बार बच्चों को लगने वाली चोट काफी गंभीर होती है जिसकी वजह से उन्हें तुरंत प्राथमिक इलाज की जरूरत होती है। ऐसी स्थिति में बच्चे को सावधानीपूर्वक प्राथमिक इलाज देकर डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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