डायबिटीज का दिमाग पर होता है बुरा असर, ये है वजह

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 26, 2017
Quick Bites

  • यह रोग ज्यादातर मोटे लोगों में होता है
  • भोजन में ज्यादा मात्रा में मीठा सेवन करने से भी होता है
  • कभी-कभी जीवन भर भी इलाज करना पड़ सकता है

 

डायबिटीज एक भयानक बीमारी है क्योंकि इससे शरीर के कई भाग प्रभावित होते हैं जिसमें दिमाग भी शामिल है। जब ब्लड शुगर निंयत्रित नहीं होता है, तो शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगती हैं। यह समस्याएं उचित इलाज लेने से कुछ समय में ठीक भी हो सकती हैं और कभी-कभी जीवन भर भी इलाज करना पड़ सकता है। डायबिटीज वह रोग है जिसमें ग्लूकोज की मात्रा का शरीर में सही तरीके से प्रयोग नहीं हो पाता है। यह रोग ज्यादातर मोटे व कम शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों में होता है। भोजन में ज्यादा मात्रा में मीठा, दूध, दही और मांस-मछली, नये चावल, आलू, चीनी आदि का ज्यादा सेवन करने से या कफ वाली चीजों का सेवन करने से भी मधुमेह (डायबटीज) का रोग हो जाता है।

इसे भी पढ़ें: सिर्फ इन 5 बातों का रखें ध्यान, डायबिटीज रहेगी दूर

डायबटीज से दिमाग पर क्‍यों होता है असर


कीटोएसिडोसिस
कीटोएसिडोसिस (ketoacidosis) में इंसुलिन के साथ रक्त शर्करा के उच्च स्तर व कार्बनिक अम्ल जिसे किटोन्स कहते हैं की कमी से रोगी में डिहाईड्रेशन की समस्या हो जाती है। कीटोएसिडोसिस (ketoacidosis) में दिमाग पर असर हो सकता है। इसमें रोगी बीमार हो जाता है और सिर दर्द की समस्या होती है। कीटोएसिडोसिस सामान्यत: टाइप 1 मधुमेह रोगियों में पाया जाता है लेकिन यह किसी भी मधुमेह रोगी में विकसित हो सकता है। पुरुष व महिला दोनों ही बराबर मात्रा में कीटोएसिडोसिस प्रभावित होते हैं।

हृदयघात
डायबिटीज में हृदयाघात का खतरा बहुत ज्यादा होता है, क्योंकि शरीर ग्लूकोज की ज्यादा मात्रा होने से कोलोस्ट्रोल का स्तर बढ़ जाता है जो कि हृदयाघात का मुख्य कारण है। साथ ब्लड में शुगर की मात्रा से रक्त धमनियां क्षतिग्रस्त हो सकती है। ऐसा पाया गया है कि मधुमेह रोगियों में हृदय रोग का खतरा दुगना होता है। मधुमेह में रक्त धमनियों में रुकावट, व्लड क्लॉट व शिराओं का संकुचन की समस्याएं होने का खतरा बना रहता है। अगर रक्त धमनियां दिमाग में किसी बाधा के कारण रक्त का प्रवाह नहीं कर पा रहीं हैं तो इसे दिमाग की क्रियाएं नहीं होगीं और मृत्यु भी हो सकती है।

हाइपोग्लाइसीमिया
हाइपोग्लाइसीमिया के विकसित होने का कारण मधुमेह हो सकता है। मधुमेह रोगियों में डायबिटीज का  बहुत ज्यादा इलाज लेने से हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या पैदा हो सकती है। यह समस्या तब होती है जब ब्लड शुगर (ग्लूकोज) काफी कम होता है। हाइपोग्लाइसीमिया से दिमाग पर भी गंभीर असर हो सकता है और सिर दर्द, दोहरा दिखाई देना, धुंधला दिखाना, ज्यादा भूख लगना, चक्कर आना व भम्र पैदा होने की शिकायत हो सकती है। ग्लूकोज की पर्याप्त मात्रा लेने से यह लक्षण अपने आप दूर हो जाते हैं।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Diabetes

Loading...
Is it Helpful Article?YES2499 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK