Cross-Eyes (Strabismus): भेंगापन के पीछे हो सकते हैं ये 10 कारण, जानें लक्षण, प्रकार और उपचार

भेंगापन को बढ़ने से रोकने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि इसके लक्षण और कारण क्या है। जानते हैं भेंगापन के प्रकार, लक्षण, कारण और उपचार

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Apr 13, 2021Updated at: Apr 13, 2021
Cross-Eyes (Strabismus): भेंगापन के पीछे हो सकते हैं ये 10 कारण, जानें लक्षण, प्रकार और उपचार

जब आप की दोनों आंखें एक बिंदु को एक साथ नहीं देख पाती तो उस स्थिति को भेंगापन कहते हैं। यह आंखों की आम समस्या होती है, जिसमें आंखें अलग-अलग दिशाओं की तरफ देखती हैं। आमतौर पर हर व्यक्ति की आंख एक मांसपेशियों से जुड़ी होती हैं। ये मांसपेशियां दोनों को एक साथ ले जाने का काम करती हैं। लेकिन मांसपेशियां ठीक से काम नहीं करती और आंखें अलग-अलग दिशा में देखना शुरु कर देती हैं। आमतौर पर यह समस्या बच्चों में देखी जाती है। लेकिन बड़ों में भी इसके लक्षण देखने को मिलते हैं। ऐसा तब जब व्यक्ति मानसिक समस्या या स्ट्रोक की समस्या से ग्रस्त हो जाता है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि भेंगापन कितने प्रकार का होता है साथ ही लक्षण, कारण और उपचार भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

 

भेंगापन के प्रकार

बता दें कि भेंगापन मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है। ऐसोट्रोपिया, एक्सट्रोपिया और हाइपरट्रोपिया। अगर ऐसोट्रोपिया की बात करें तो इसमें भेंगापन के शुरुआती लक्षण नजर आते हैं। जब आंख सीधे देखने की वजह नाक की तरफ देखती हैं। मुख्य तौर पर यह समस्या बच्चों में होती है। वहीं अगर ऐक्सोट्रोपिया की बात करें तो इस अवस्था में व्यक्ति सीधे देखने की बजाय आम तौर पर बाहर की तरफ देखने शुरू कर देता है। यह समस्या भी बच्चों में देखी जाती है। अगर हाइपरट्रॉपिया की बात करें तो इस अवस्था में आंखें बाहर की तरफ देखती हैं। यह बेहद कठिन प्रकार होता है इसे ठीक करना थोड़ा मुश्किल होता है।

इसे भी पढ़ें- आंख और सिर में दर्द जैसे लक्षणों से शुरू होता है 'आंखों का लकवा', डॉक्टर से जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

भेंगापन के कारण

भेंगापन होने के पीछे निम्न कारण हो सकते हैं-

1 - ब्रेन ट्यूमर या मस्तिष्क में किसी प्रकार की समस्या होने के कारण।

2 - परिवार में किसी भी व्यक्ति को भेंगापन होने के कारण।

3 - दिमाग की छोटे स्ट्रोक होने के कारण।

4 - रेटिना के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण।

5 - मधुमेह की समस्या होने के कारण।

6 - आंखों का ट्यूमर होने के कारण।

7 - नेत्र खो जाने के कारण।

8 - ग्रेव्स बीमारी के कारण।

9 - मोतियाबिंद हो जाने के कारण।

10 - रेटिना में नुकसान हो जाने के कारण।

इससे अलग भेंगापन और भी कई समस्या के कारण हो सकता है जैसे- आंखों में खराबी या कभी-कभी इसका कारण ज्ञात नहीं हो पाता है।

इसे भी पढ़ें- आंखों की जांच के लिए डॉक्‍टर के पास कब जाएं? पढ़ें नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह

भेंगापन होने के लक्षण

1 - सूरज की रोशनी में आंखों का बंद हो जाना या फिर आंखों का टेढ़ी हो जाना।

2 - किसी वस्तु को ना देख पाना या उसे अच्छे से देखने के लिए अपने सिर को झुकाना या पूरी तरह से मोड़ना।

3 - एक दिशा में अपने दोनों आंखों को ना देख पाना।

4 - आंखों का तिरछी हो जाना।

5 - दोनों आंखों का अलग-अलग दिशा में चलना।

बता दे भेंगापन के कारण व्यक्ति एक वस्तु पर ध्यान नहीं लगा पाता, जिसके कारण वे बार-बार टकराता रहता है। यह भी भेंगापन के लक्षणों में से एक है। ऐसे में देख कर चलें।

इसे भी पढ़ें- Eye Health: आंख से जुड़ी इन 5 गंभीर बीमारियों का कारण कहीं आपका 'कॉन्टेक्ट लेंस' तो नहीं?

भेंगापन से बचाव

बता दें कि भेंगापन का कोई इलाज नहीं है। अगर किसी व्यक्ति को यह समस्या है तो इसके लिए उसे अपने दृष्टि की हानि को बचाना होगा। साथ ही समय-समय पर अपनी आंखों की जांच करानी होगी। इसके लिए वे नेत्र विशेषज्ञ की सलाह भी ले सकता है। साथ ही इस चीज की भी जांच करवाएं कि कहीं आपको रेटिना से संबंधित कोई समस्या तो नहीं है इसके कारण भी भेंगापन हो सकता है।

भेंगापन डायग्नोसिस

बता दें कि डॉक्टर भेंगापन से बचाने के लिए कुछ परीक्षण करने की सलाह देते हैं। वे कॉर्नियल लाइट रिफ्लेक्स टेस्ट (corneal light reflex test) की सलाह देते हैं। इसके अलावा वे विजुअल एक्युइटी टेस्ट की सलाह देते हैं। इसके साती ही कुछ लोगों को कवर या अनकवर टेस्ट की भी सलाह देते हैं। साथ ही वह रेटिना टेस्ट की भी जांच कराने के लिए कहते हैं। इसके अलावा यदि व्यक्ति को आंखों की समस्या के साथ-साथ कोई शारीरिक समस्या भी है तो डॉक्टर मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र की जांच के लिए भी सलाह देते हैं।

इसे भी पढ़ें- लंबी पलक के लिए आईलैश एक्‍सटेंशन का इस्‍तेमाल पड़ सकता है आंखों पर भारी, कंजंक्टिवाइटिस का बढ़ता है खतरा

भेंगापन से उपचार

बता दें कि भेंगापन से लड़ने के लिए डॉक्टर कुछ थेरेपी, सर्जरी या चश्मा की सलाह देते हैं। अगर व्यक्ति को ऐसोटरोपिया है तो वह दूर की वस्तु पर ध्यान केंद्रित करने के प्रभाव के कारण आंखों का अंदर की तरफ मोड़ लेता है। ऐसे में उस व्यक्ति को डॉक्टर द्वारा कांटेक्ट लेंस दिए जाते हैं। अगर सर्जरी की बात करें तो सर्जरी में मांसपेशियों जो गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं उन्हें संरेखिक करने की कोशिश की जाती है। यह प्रक्रिया में लगभग एक घंटा लगता है और व्यक्ति 6 से 7 अवकाश में ठीक हो जाता है।

नोट - कुछ दवाई भी होती हैं, जिसके माध्यम से भेंगापन दूर किया जाता है। Botulinum toxin (बोटुलिनम टॉक्सिन) के माध्यम से भी समस्या को दूर किया जाता है। इस प्रक्रिया में मांसपेशियों को इंजेक्शन दिया जाता है और भेंगापन समस्या को हल किया जाता है। बता दें कि भेंगापन की समस्या आम तौर पर बच्चों में देखी जाती है लेकिन लगातार लैपटॉप के सामने बैठे हैं या मांसपेशियों की क्षति के कारण ही यह समस्या वयस्कों को होने लगती है ऐसे में इससे लड़ने के लिए तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

ये लेख विजन आई सेंटर के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर तुषार ग्रोवर द्वारा दिए गए इनपुट्स पर बनाया गया है।

Read More Articles on Other Diseases in Hindi

Disclaimer