मॉडर्ना वैक्सीन को मिली भारत में इमरजेंसी प्रयोग की मंजूरी, और अब गर्भवती महिलाएं भी लगवा सकेंगी कोविड का टीका

केंद्र सरकार ने मॉडर्ना वैक्सीन को भारत में आपातकालीन यूज की मंजूरी दे दी है। साथ ही प्रेग्नेंट महिला के लिए वैक्सीन लगवाने की नई गाइडलाइंस जारी की है

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jun 30, 2021Updated at: Jun 30, 2021
मॉडर्ना वैक्सीन को मिली भारत में इमरजेंसी प्रयोग की मंजूरी, और अब गर्भवती महिलाएं भी लगवा सकेंगी कोविड का टीका

मुंबई की फार्मास्युटिकल कंपनी सिपला को भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए माडर्ना की कोविड वैक्सीन के आयात की मंजूरी मिल गई है।  भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने मंगलवार को सिपला कंपनी को इसके आयात और बेचने की मंजूरी दी है। भारत में कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिक के बाद माडर्ना चौथी वैक्सीन होगी। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, माडर्ना वैक्सीन कोविड के खिलाफ 90 फीसदी प्रभावी ढंग से काम करता है। बता दें कि भारत में अमेरिका के मॉडर्ना दवाई कंपनी ने अपनी कोविड वैक्सीन के आयात की मंजूरी देने के लिए अनुरोध किया था। भारत में इसे सिपला कंपनी द्वारा आयात व बेचा जाएगा। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार पूरे देश में बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन अभियान चलाना चाहती है। जिसके तहत यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना वैक्सीन लगवाने की मंजूरी मिल गई है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

किन लोगों को लगेगी वैक्सीन?

DCGI से अमेरिकी फार्मा कंपनी माडर्ना ने वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मांगी थी। जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द ही माडर्ना वैक्सीन को भारत में मंजूरी मिल जाएगी। मंगलवार को DCGI ने इस वैक्सीन को 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में सीमित आपातकालीन इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा, "कोरोना के खिलाफ अंतराष्ट्रीय स्तर पर विकसित मॉडर्ना की वैक्सीन को भारत में सीमित इस्तेमाल करने की मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद भारत को एक और वैक्सीन मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि माडर्ना की इस वैक्सीन की दो खुराकें लोगों को दी जाएगी। जल्दी ही इस वैक्सीन को लेकर विस्तृत गाडइलांस जारी की जाएगी।

गर्भवती महिला भी लगा सकती हैं कोरोना वैक्सीन

केंद्र सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए सभी को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए कहा है। बता दें कि अब गर्भवती महिलाएं भी कोरोना की वैक्सीन लगवा सकती हैं। इससे पहले गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन न लगवाने की सलाह दी जा रही थी, लेकिन सरदार द्वारा सोमवार को गर्भवती महिलाओं के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाने की नई गाइडलाइंस जारी की गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंडस में बताया गया है कि कोरोना वैक्सीन गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्णत: सुरक्षित है। यह वैक्सीन अन्य लोगों की तरह ही गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करती है। सोमवार को जारी नई गाइडलाइन में गर्भवती महिलाओं को कोरोना का टीका लगवाने की सलाह दी गई है। 

इसे भी पढ़ें - कोरोना मरीजों में अब दिखे 'साइटोमेगालोवायरस' के गंभीर लक्षण, जानें क्या है ये इंफेक्शन और कितना खतरनाक है

क्यों लगवाएं गर्भवती महिला कोरोना टीका?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि गर्भवती महिलाओं अगर कोरोना से संक्रमित हो जाती हैं, तो इसका असर उनके पेट में पल रहे बच्चे पर भी पड़ सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि वह खुद के साथ बच्चे को बचाने के लिए भी कोरोना का टीका लगवाएं।

गाइडलाइंस में कहा गया है कि 95 फीसदी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है, लेकिन कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिसमें बच्चे की स्थिति खराब हुई है। या फिर प्री-मैच्योर डिलीवरी की स्थिति हुई है। वहीं, कुछ बच्चों की जन्म से पहले या बाद में जान भी गई है। 

इसे भी पढ़ें - मंदिरा बेदी के पति राज कौशल का दिल के दौरे से हुआ निधन, डायरेक्‍टर ओनिर ने ट्वीट पर दी जानकारी

किन गर्भवती महिला को है ज्यादा खतरा?

केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस में बताया गया है कि कुछ गर्भवती महिलाओं को कोरोना का संक्रमण ज्यादा हो सकता है। साथ ही इनके बच्चों को भी अन्य की तुलना में कोरोना से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। 

  • 35 साल से अधिक उम्र की गर्भवती महिला।
  • वजन अधिक होना वाली महिला।
  • डायबिटीज और ब्लड प्रेशर से ग्रसित गर्भवती महिला।

इसके अलावा गाइडलाइंस में बताया गया है कि अगर गर्भवती महिला कोरोना की चपेट में आकर रिकवर हो चुकी हैं, तो थोड़ा इंतजार करके, डिलीवरी के तुरंत बाद टीका लगवा सकती हैं।

Read More Articles on health news in hindi

Disclaimer