बच्चों में दांतों से जुड़ी 5 आम समस्याएं और इन्हें ठीक करने के आसान उपाय

बच्चों में दांतों की कई समस्याएं होती हैं, जिन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। जानें दांतों की आम समस्याओं के लिए आसान उपचार।

Monika Agarwal
बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Monika AgarwalPublished at: Jun 05, 2021
 बच्चों में दांतों से जुड़ी 5 आम समस्याएं और इन्हें ठीक करने के आसान उपाय

डॉक्टर सोनम गुप्ता, वैशाली, गाजियाबाद बताती हैं, कि बहुत सी आम दांतों की समस्याओं (Common Dental Problems) की वजह बच्चे का, खासकर  छोटे बच्चे जो 5 या 7 साल के होते हैं,रात को बिना कुल्ला करे सोना हैं। इससे उनके दांत खराब हो सकते हैं यानी टूथ डिके हो सकता है। कुछ बच्चों को अपनी उंगलियां या खास तौर पर अंगूठा मुंह में डालने की बहुत खराब आदत होती है। यह आदत दिखने में बहुत सामान्य लगती है लेकिन इसी आदत के कारण बच्चों के दांत टेढ़े मेढ़े हो जाते हैं और इस वजह से उन्हें आगे चलकर दांतों का इलाज करवाना पड़ता है। जिसमें उनके दांतो में ब्रेसेज भी लग सकते हैं। अगर इन आदतों पर या इन दांतों की समस्याएं  (Dental Problems) पर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह बहुत लंबे समय तक चल कर आपके बच्चे के लिए कुछ गंभीर समस्याओं में तब्दील हो सकती हैं। इसलिए आपको अपने बच्चों की मौखिक सेहत पर ज़रूर ध्यान देना चाहिए और कुछ ऐसे प्रयास करने चाहिए जिससे उनका मुख स्वस्थ रह सके।  बच्चों में पाई जाने वाली कुछ आम दांतों की समस्याएं (Common Dental Problems) निम्न हैं जिनके विषय में जानकर आप उन्हें फिक्स कर सकते हैं।

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1. मसूड़ों की बीमारी (Gums Problem)

यह समस्या वैसे तो बच्चों में बहुत कम ही देखी जाती है लेकिन अगर बच्चे अगर नियमित रूप से ब्रश नहीं करते हैं या अपना ख्याल नहीं रखते हैं तो यह समस्या देखने को मिल सकती है। मसूड़ों में कोई बीमारी तब होती है जब बच्चों के मसूड़ों की लाइनिंग में प्लाक बनने लगती है और उस प्लाक के बैक्टीरिया के कारण मसूड़े सूज सकते हैं या लाल हो सकते हैं। अगर आपके बच्चे को मसूड़ों में कोई समस्या महसूस होती है लेकिन आप उसका पता नहीं लगा पा रहे हैं तो आपको उन्हें डॉक्टर के पास लेकर जाना चाहिए और चेकअप करवाना चाहिए। इससे बचने के लिए आपको अपने बच्चों के मसूड़ों के लिए एक स्वस्थ रूटीन बनाना होगा जिसमें ब्रशिंग जैसी आदतें शामिल हों।

2. अंगूठा चूसने जैसी खराब आदत (Thumb Sucking)

यह आदत वैसे तो बच्चों में बहुत आम होती है लेकिन अगर बच्चे इस आदत को एक समय के बाद भी जारी रखते हैं या इसके साथ अन्य खराब आदतें जैसे जीभ को काटते रहना या दांतों को पीसते रहना तो इससे आपके बच्चे के दांतों और जबड़े पर बुरा असर पड़ सकता है। कुछ केसों में इन आदतों के कारण बच्चों की सर्जरी तक करने की नौबत आ सकती है। आपके बच्चे इन आदतों को छोड़ दें, इस बात का ध्यान रखें और उनके इस प्रकार की आदतों पर एक तीखी नजर रखें। आप कोई ऐसा प्लान भी ले सकते हैं जिसके द्वारा आपके बच्चे इन आदतों को छोड़ सकें।

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3. सेंसिटिव दांत (Sensitivity)

केवल बड़ों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी सेंसिटिव दांत की समस्या झेलनी पड़ती है और इसके कुछ कारण होते हैं दांत में चोट लगना, डीके होना, आपके बच्चे बहुत जोर से ब्रश करते हैं। इन आदतों के कारण आपके बच्चों के दांत सेंसिटिव हो सकते हैं और इसके कारण जब वह कुछ ठंडा या गर्म खाते हैं तो उनके दांत में दर्द हो सकता है। इस समस्या से बचने के लिए अपने बच्चों के लिए थोड़े नर्म ब्रिसल्स वाली ब्रश लाएं और अगर उन्हें टूथ डीके है तो उसे डॉक्टर के पास जाकर निकलवा लें।

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4. बच्चों में टूथ डीके (Tooth Decay)

टूथ डीके की समस्या बहुत ही आम होती है और यह बहुत अधिक बच्चों में देखने को मिलती है। इससे बच्चों को दांत में बहुत अधिक दर्द होता है और उनके मसूड़ों में सूजन आ जाती है। इस समस्या से बचने के लिए अपने बच्चों की नियमित रूप से ओरल हाइजीन का ख्याल रखें, यह ध्यान रखें कि वह हर रोज ब्रश कर रहे हों और इन जैसी समस्याओं के अधिक बढ़ने से बचने के लिए डेंटिस्ट के पास जा कर नियमित रूप से डेंटल चेक अप करवाते रहें।

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5. डैमेज हुआ दांत (Damaged Teeth)

कई बार आपके बच्चों के दांत प्राकृतिक रूप से टूटने से पहले ही किसी चोट या एक्सीडेंट के कारण टूट जाते हैं या डैमेज हो जाते हैं। अगर यह केस आपके बच्चे के साथ है तो आपको उसे तुरंत डेंटिस्ट के पास लेकर जाना चाहिए ताकि उसके परमानेंट आने वाले दांत पर इसका कोई प्रभाव न पड़े।

अगर बच्चों के ओरल हाइजीन पर पहले से ही ध्यान दिया जाए तो बहुत कम चांस होते हैं कि उन्हें किसी प्रकार की डेंटल समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए उन्हें समय पर ब्रश करवाएं और उनकी बुरी आदतें छुटवाएं।

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