पित्ताशय (gallbladder) में सूजन किन कारणों से आती है? डॉक्टर से जानें कारण, लक्षण और बचाव

पित्ताशय में सूजन के कई कारण होते हैं। लेकिन सही समय पर लक्षणों की पहचान करके इलाज किया जा सकता है। 

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Jul 29, 2021Updated at: Jul 29, 2021
पित्ताशय (gallbladder) में सूजन किन कारणों से आती है? डॉक्टर से जानें कारण, लक्षण और बचाव

पित्ताशय शरीर में बहुत जरूरी अंग है। यह लिवर के पीछे वाले हिस्से में होता है और पेट यानी आमाश्य से जुड़ा होता है। यह शरीर में आने वाले फैट को पचाने में मदद करता है। पित्ताशय में सूजन के कई कारण हो सकते हैं, जिसके बारे में कोलंबिया एशिया अस्पताल में जनरल फिजिशियन डॉ. मंजीता नाथ दास ने बताया। उन्होंने बताया कि पित्ताशय में सूजन को मेडिकली भाषा में कोलीसिस्टाइटिस (Cholecystitis) कहते हैं। यह स्थिति तब आती है जब पित्ताशय में पित्तरस फंसने लग जाता है। इसके फंसने का मुख्य कारण पित्ताशय में पथरी (gallbladder) बन जाना है। पथरी बनने पर पित्ताशय पर दबाव पड़ता है और सूजन हो जाती है। पित्ताशय में सूजन के कई अन्य कारण हैं जो हमें डॉ. मंजीता से जानें। साथ ही यह भी जाना कि इस पित्ताशय की सूजन की समस्या से बाहर कैसे निकल सकते हैं।

inside6_Cholecystitis

पित्ताशय में सूजन के कारण

पित्ताशय में पथरी

पित्ताशय पथरी बनने पर पित्तरस अंदर बाहर होना बंद हो जाते हैं। जिस वजह से पित्ताशय में मौजूद पाचक रस ठोस बन जाते हैं। वे ही ठोस बनकर पत्थर का आकार ले लेते हैं। इस तरह पित्ताशय पर दबाव पड़ता है पित्ताशय में सूजन होने लगती है। इसके अलावा गॉलब्लेडर में किसी तरह का इंफेक्शन भी सूजन का कारण बनता है। पित्ताशय में पथरी के लक्षणों को पहचान  कर इस परेशानी से बचा सकता है। 

वायरल इंफेक्शन

डॉ. मंजीता का कहना है कि गॉलब्लेडर में वायरल इंफेक्शन जैसे वायरल हैपेटाइटिस, वायरल डेंगू, चिकनगुनिया, टाइफायड आदि में में पित्ताशय सूजन आती है। इसके अलावा अधिक एंटीबायोटिक दवाओँ के सेवन से भी पित्ताशय में सूजन आती है। 

इसे भी पढ़ें : पित्ताशय की पथरी (गॉलब्लैडर स्टोन) होने पर क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज, एक्सपर्ट से जानें पूरी डाइट

सर्जरी

अगर कभी आपने किसी प्रकार की सर्जरी करवाई है तो उस वजह से भी पित्ताशय में सूजन आ सकती है। 

पित्ताशय में रक्त की आपूर्ति

कुछ गंभीर बीमारियों में रक्त वाहिकाओं के खराब होने से पित्ताशय में रक्त ठीक से नहीं पहुंच पाता है। या कहें कि पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता है, जिस कारण पित्ताशय में सूजन आ जाती है। पित्ताशय में रक्त की आपूर्ति के अलावा पित्ताशय में ट्यूमर के बनने से भी वहां सूजन हो जाती है। तो वहीं, अगर आपने बहुत तेजी से वजन कम किया है तो ऐसी स्थिति में पित्ताशय के अंदर फ्लुड गाढ़ा हो जाता है और सूजन हो जाती है।

इसे भी पढ़ें : क्या है गॉलब्लैडर (पित्ताशय) का मुख्य काम? जानें इस अंग में होने वाली बीमारियों, लक्षणों और इलाज के बारे में

inside5_Cholecystitis

पित्ताशय की सूजन को कैसे पहचानें

  • पेट की दाईं तरफ तेज दर्द होना
  • पित्ताशय का दर्द कंधे तक पहुंचना 
  • उल्टी आना
  • भूख नहीं लगना
  • तेज बुखार आना
  • पेट में खाना खाने के बाद दर्द होना

पित्ताशय में सूजन से बचाव

ऊपर जो कारण बताए गए हैं उन्हीं को पहचानकर सूजन का इलाज किया जाता है। पित्ताशय का इलाज करने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग किया जाता है। विकट परिस्थितियों में ऑपरेशन करके गॉलब्लेडर को बाहर निकाल दिया जाता है। 

  • डॉ. मंजीता का कहना है कि कई बार एंटीबायोटिक दवाओं के खाने से भी पित्ताशय पर सूजन आ जाती है। जब आप उन एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन बंद करते हैं तो सूजन चली जाती है। 
  • पित्ताशय में पथरी होने पर पथरी की सर्जरी की जाती है। वे स्टोन बाहर निकाले जाते हैं। इस तरह पथरी निकलने से सूजन भी दूर हो जाती है। 
  • ऐसा खाना जो ऑयली है, उसे नहीं खाएं। ऑयली फूड से सूजन बढ़ती है। 
  • लंबे समय तक खुद को भूखा न रखें। हर 3 घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें। भूखे पेट नहीं रहें। पानी खूब पीएं। 
  • नियमित तौर पर एक्सरसाइज करें। हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाएं।

पित्ताशय में सूजन के कई कारण होते हैं। लेकिन सही समय पर लक्षणों की पहचान करके इलाज किया जा सकता है। जो लोग लंबे समय तक पित्ताशय की सूजन को नजरअंदाज करते हैं उन्हें ठीक होने में भी समय लगता है। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं आदि में पित्ताशय में सूजन का खतरा बढ़ जाता है। 

Read more articles on Other Diseases

Disclaimer