क्या है गॉलब्लैडर (पित्ताशय) का मुख्य काम? जानें इस अंग में होने वाली बीमारियों, लक्षणों और इलाज के बारे में

पित्त की थैली में पथरी के बारे में आपने सुना ही होगा, लेकि क्या आप इसके बारे में जानते हैं। अगर नहीं, तो चलिए आज जानते हैं इस बारे में।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jan 26, 2021
क्या है गॉलब्लैडर (पित्ताशय) का मुख्य काम? जानें इस अंग में होने वाली बीमारियों, लक्षणों और इलाज के बारे में

मानव शरीर में पित्तरस भंडारण का कार्य पित्ताशय की थैली (गॉलब्लेडर) करती है। इसके साथ ही यह भोजन को पचाने के लिए छोटी आंत को प्रभावित करती है। आधुनिक समय में पित्ताशय (गॉलब्लेडर) से संबिधित कई सारी समस्याएं हो रही हैं। जिसमें गैल्स्टोन, कोहलेनजिटिस (cholangitis), अग्नाशयशोथ  (pancreatitis) जैसी कई समस्याएं शामिल हैं। हालांकि, पित्ताशय मानव के लिए इतना महत्वपूर्ण नहीं होता है, जितना अन्य अंग। क्योंकि पित्त अन्य तरीकों से भी छोटी आंत तक पहुंच सकता है। यानि की बिना पित्त की थैली के भी मनुष्य जीवित रह सकता है। आज हम आपको इस लेख के जरिए बताने जा रहे हैं कि आखिर यह पित्ताशय की थैली क्या है, जिसके रोग और इन लोगों के लक्षण और कारण क्या हैं। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से- 

क्या है पित्ताशय की थैली? (What is gallbladder)

पित्ताशय की थैली का (gallbladder) आकार नाशपति के समान होता है। यह पेट के ऊपरी हिस्से के दाएं और लिवर (liver) के नीचले हिस्से में होता है। यह पित्त प्रणाली का बी हिस्सा होता है, जो शरीर में पित्तरस (bile) के भंडारण, उत्पादन और परिवहन में अहम भूमिका निभाता है। पित्ताशय छोटी आंत तक पित्त रस पहुंचाने का कार्य करता है। वहीं, छोटी आंत इसमें मौजूद फैट को पचाने और तो़ड़ने का कार्य करती है। जब हम खाना नहीं खाते हैं, तो पित्त की थैली भरी होती है। वहीं खाना खाने के बाद पित्त की थैली खाली रहती है।  

पित्ताशय के कार्य (Gall bladder functions)

पित्त की थैली मानव शरीर में निम्न कार्य करती है-

  • पित्त का भंडारण करना 
  • डुओडेनम (Duodenum) या छोटी आंत तक पित्त नली के माध्यम से पित्तरस को जारी करना
  • फैट को पचाने में सहायक। 
  • पित्त मुख्यत: पानी और नमक से मना होता है। इसी कारण यह शरीर से बिलीरुबिन को कम करने में हमारी मदद कर सकता है। 

पित्ताशय रोग और उनके लक्षण (Gall bladder disease and symptoms)

पित्ताशय थैली को प्रभावित करने वाली समस्याओं या स्थितियों को पित्ताशय रोग कहते हैं। पित्त की थैली में सूजन (Inflammation) पित्ताशय रोग का प्रमुख कारण होता है, जिसे कोलीसिस्टाइटिस (cholecystitis) का रूप कहा जाता है। पित्ताशय में सूजन के कारण छोटी आंत की ओर खूलने वाली पित्त नलिकाओं में अवरुद्ध उत्पन्न होता है, जिसके कारण नेक्रोसिस (Necrosis) (ऊतक विनाश) या गैंग्रीन (Gangrene) जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। पित्ताशय रोग कई प्रकार के होते हैं-

पित्ताशय में सूजन (गॉलब्लैडर की सूजन) (Cholecystitis) - इस बीमारी से पीड़ित मरीजों में उल्टी होना, पीलिया, बुखार आना, जी मिचलाना जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

पित्ताशय की थैली के कैंसर (Gallbladder cancer) - पित्ताशय कैंसर का इलाज काफी मुश्किल है। इस समस्या में कैंसर की कोशिकाएं आन्तरिक परतों से लेकर बाहरी परतों, लिवर, लिम्फ नोड्स (lymph nodes) और शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने लगती हैं। 

पित्ताशय की थैली के रोग गॉलब्लैडर गैंग्रीन (Gangrene of the gallbladder)- यह बीमारी डायबिटीज और अधिक उम्र के पुरुषों को अधिक प्रभावित करता है। इसमें मरीजों को पित्ताशय में दर्द होना, बुखार आना, उलटी होना, कम रक्त दबाव की समस्या उत्पन्न होना इत्यादि लक्षण नजर आते हैं। इसके अलावा अन्य बीमारियां इस तरह हैं-

  • पित्ताशय की थैली का रोग बिलीरी डिस्केनेसिया (Biliary dyskinesia)
  • पित्ताशय की थैली का रोग गैल्स्टोन (Gallstones)
  • पित्ताशय रोग गॉलब्लैडर पोलिप्स (Gallbladder polyps)
  • पित्ताशय के रोग कोलेडोकोलिथियासिस (Choledocholithiasis) 

पित्ताशय रोग का इलाज (Gallbladder Disease Treatment ) 

पित्ताशय जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का निम्न तरह से इलाज करने की कोशिश की जाती है। -

जीवन शैली में परिवर्तन (Lifestyle changes)

पित्त रोग के लक्षणों को कम करने के लिए डॉक्टर पहले मरीजों को अपने जीवन शैली में परिवर्तन करने की सलाह देते हैं। स्वस्थ जीवनशैली से कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। पित्ताशय रोग से पीड़ित मरीजों के लिए भी स्वस्थ जीवन शैली जरूरी होता है। मोटापा और डायबिटीज जैसी परेशानिया गैल्स्टोन की संभावना को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में वजन और डायबिटीज को कंट्रोल में रखना बहुत ही जरूरी होता है। इसके लिए नियमित रूप से व्यायाम और स्वस्थ डाइट जरूरी होता है। साथ ही अगर आप सिगरेट, शराब का सेवन करते हैं, तो आज ही इन चीजों का त्याग करें। 

चिकित्सा उपचार (Medical treatment)

पित्ताशय में सूजन (gallbladder inflammation) होने पर डॉक्टर मरीजों को एंटी-इन्फ्लामेट्री (anti-inflammatories) जैसी दवाएं देते हैं। इसके अलावा समस्या गंभीर होने पर चिकित्सकीय दवाओं का सहारा लिया जाता है। 

गॉलब्लेडर सर्जरी या पित्ताशय की थैली की सर्जरी (Gallbladder surgery)

गॉलब्लेडर सर्जरी, पित्ताशय की बीमारी का सबसे प्रभावी इलाज है। पित्ताशय की समस्या बढ़ने पर डॉक्टर मरीजों को सर्जरी के द्वारा पित्ताशय की थैली (Gallbladder) हटाने की सलाह देते हैं। अगर मरीज को गैल्स्टोन की समस्या नहीं होती है, जो उन्हें एंटीबायोटिक्स दवाईयां दी जाती है। 

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