चेहरे को गोरा बनाने वाली क्रीम ही आपके चेहरे की बिगाड़ रही रंगत, शोधकर्ताओं ने बताया कारण

अपनी त्वचा को सुंदर व आकर्षक बनाने के लिए हम कई तरह की स्किन क्रीम का इस्तेमाल करते हैं जानें इनका इस्तेमाल आपकी त्वचा के लिए कितना सेफ है!

सम्‍पादकीय विभाग
त्‍वचा की देखभालWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Jan 01, 2020
चेहरे को गोरा बनाने वाली क्रीम ही आपके चेहरे की बिगाड़ रही रंगत, शोधकर्ताओं ने बताया कारण

मैक्सिकन की एक स्किन लाइटनिंग क्रीम में पाया गाया है उसमें मौजूद टॉक्सिक मर्करी के उच्च स्तर की वजह से यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) पर विनाशकारी प्रभाव डालता है जैसा कि यूसी सैन फ्रांसिस्को ने रोगी की लेड जांच में बताया है। क्रीम के इस्तेमाल से कैलिफोर्निया की एक महिला रोगी के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) को बहुत नुकसान पहुंचा और उत्पाद इस्तेमाल बंद करने के बाद भी कई महीनों तक वह खुद की देखभाल करने में असमर्थ रहीं। एक केस स्टडी में बताया गया है कि महिला ने पहली बार मासपेशियों हलचल, कंधों और बाजुओं में कमजोरी के लिए डॉक्टरी मदद मांगी। दो सप्ताह तक आउट पेशेंट देखभाल के बाद उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। क्योंकि उनमें नजर कमजोर होना, चाल में अस्थिरता और बोलने में कठिनाई  जैसी समस्याएं भी हो रही थी। खून और यूरीन की जांच में शरीर में मर्करी पोइजनिंग की पुष्टि हुई।

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क्रीम में एक जैविक मर्करी के रूप में मिथेस मर्करी पाया गया था। यूएस (United states) के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) मोरबिटी और मोरिलिटी की 19 दिसंबर 2019 में प्रकाशित एक साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार यूनाइटिड स्टेट में लगभग 50 सालों यह पहला मामला है जिसमें ऐसा जहर देखने को मिला है। यह लगभग 50 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र में मिथेलमर्करी के शिकार का पहला ज्ञात मामला है।

UCSF डिवीजन ऑफ ऑक्यूपेशनल एंड एनवायरनमेंटल मेडिसिन और कैलिफोर्निया पॉइज़न कंट्रोल सिस्टम और सैन फ्रांसिस्को डिवीजन के वरिष्ठ लेखक पॉल ब्लैंक ( एमडी, एमएसपीएच) ने कहा कि इस हानिकारक स्किन लाइटनिंग क्रीम को बनाने के लिए जानबूझकर अकार्बनिक मर्करी का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इस मामले में रोगी ने कार्बनिक मर्करी युक्त त्वचा को निखारने वाले एक उत्पाद का इस्तेमाल किया। जो अधिक जहरीला होता है। मर्करी के इस रूप से केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) को बहुत नुकसान पहुँचता है।

लेखक यह ब्योरा देता है कि मरीज ने शुरुआत में मांसपेशियों के हिलने-डुलने और उसकी ऊपरी छोर की कमजोरी के लिए चिकित्सा सहायता मांगी थी। आउट पेशेंट देखभाल के दो सप्ताह के बाद रोगी की हालत खराब हो गई थी। उसे आंखों में धूंधला पन, अस्थिर चाल और बोलने में कठिनाई होने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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इस मामले में जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र टोक्सिटी पाई गई है वह कार्बनिक मर्करी की पहचान है। यह अक्सर कुछ हफ़्तों या महीनों के बाद दिखाई देता है। ब्लैंक ने UCSF की न्यूज रिलीज में कहा कि किसी भी जोखिम को हटाने के बावजूद यह तेजी से फैलता है और आगे बढ़ता है। दुर्भाग्य से चेलैशन थैरेपी जो अजैव मर्करी पोइजनिंग में बहुत फायदेमंद है वह मेथिली मर्करी के लिए कुछ खास प्रभावकारी सिद्ध नहीं हुोती है।

UCSF के आपातकालीन विभाग और कैलिफोर्निया पॉइसन कंट्रोल सिस्टम, सैन फ्रांसिस्को डिवीजन के मेडिकल डायरेक्टर की स्टडी के सह-लेखक डॉ. क्रेग स्मॉलिन ने कहा है कि वे अपने आप को इससे सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठा सकते हैं।

समॉलिन ने सलाह दी कि त्वचा क्रीम खरीदते समय यह जरूर जांच लें कि उत्पाद में ढक्कन के नीचे एक सुरक्षात्मक पन्नी की सील मौजूद है। सिर्फ जाने-माने स्टोर्स से क्रीम खरीदें और हाथ से बने लेबल या बिना लेबल वाले उत्पादों को खरीदने से बचें। साथ ही उन्होंने न्यूज रिलीज में कहा कि उत्पाद के लेबल पर उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री की लिस्ट जरूर होनी चाहिए। इसके अलावा उसे इस्तेमाल करने संबंधि दिशा निर्देश और चेतावनी अंग्रेजी में होनी चाहिए।

Written By: Vineet

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