
आज के मॉडर्न समय में मेडिकल टेक्नोलॉजी इतनी विकसित हो चुकी है कि मां के गर्भ में ही शिशु के स्वास्थ्य से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां मिल सकती हैं। डॉक्टर अल्ट्रासाउंड और अन्य तकनीकों के जरिए यह पता लगा सकते हैं कि बच्चे के शरीर में कोई विकृति तो नहीं है। फिर भी, कई शिशु जन्मजात हड्डी विकृति (Congenital Bone Deformity) की समस्या के साथ पैदा होते हैं, जिससे उनके शारीरिक विकास में रुकावट आ सकती है। अगर इस समस्या की पहचान सही समय पर न हो और इलाज में देरी की जाए, तो यह विकृति और अधिक जटिल हो सकती है। इस लेख में आकाश हेल्थ केयर के डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट, आर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट के हेड और प्रमुख डॉ.आशीष चौधरी (Dr. Aashish Chaudhry,Director & Head, Department of Orthopaedics & Joint Replacement, Aakash Healthcare) से जानिए, क्या जन्मजात टेढ़ी-मेढ़ी हड्डी ठीक की जा सकती है?
क्या हड्डी की विकृति ठीक हो सकती है? - Can Bone Deformity By Birth Be Treatment
डॉ. आशीष चौधरी, इस बात पर जोर देते हैं कि हड्डियों की विकृति का इलाज संभव है, लेकिन इसके लिए सही समय पर इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है। यह समस्या चाहे किसी भी प्रकार की हो, जैसे कि क्लबफुट, हिप डिसप्लेसिया या अन्य जन्मजात हड्डी विकृतियां, इन्हें सही तरीके से ठीक किया जा सकता है, बशर्ते इलाज में कोई देरी न हो।
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जन्मजात हड्डी विकृतियों का इलाज एक जटिल प्रक्रिया हो सकती है, इसलिए यह बहुत जरूरी है कि इलाज एक अच्छे अस्पताल और योग्य डॉक्टर की निगरानी में किया जाए। सही डॉक्टर की निगरानी में उपचार से इलाज का असर ज्यादा प्रभावी होता है और उपचार के बाद की देखभाल भी ठीक तरीके से की जाती है। इसके अलावा, इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा दी गई निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। डॉ. आशीष चौधरी के अनुसार, इलाज के बाद की देखभाल का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है जितना कि इलाज का सही तरीके से किया जाना। अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग इलाज के बाद की देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या फिर से उत्पन्न हो जाती है।

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1. क्लबफुट - Clubfoot
क्लबफुट एक जन्मजात विकृति है, जिसमें शिशु के पैरों की हड्डियां असामान्य दिशा में मुड़ी होती हैं। इस समस्या का इलाज जल्दी शुरू करने पर अधिक प्रभावी होता है। अगर समय रहते इसका इलाज किया जाए तो शिशु सामान्य तरीके से चल सकता है।
2. हिप डिसप्लेसिया - Hip Dysplasia
हिप डिसप्लेसिया एक विकृति है, जिसमें शिशु का हिप जोड़ सामान्य स्थिति में नहीं होता। इस विकृति का इलाज अक्सर फिजिकल थेरेपी, ब्रेसेस और कुछ मामलों में सर्जरी द्वारा किया जाता है। यदि इसका इलाज जल्दी शुरू किया जाए तो यह स्थिति पूरी तरह से ठीक हो सकती है।
3. पैरों की अन्य विकृतियां - Other Limb Deformities
कभी-कभी शिशु के पैरों, हाथों या अन्य अंगों में जन्मजात विकृतियां पाई जाती हैं। इन विकृतियों का इलाज हड्डी के सर्जन द्वारा किया जाता है।
जन्मजात हड्डी विकृति के कारण - What Causes Bone Deformity
1. जेनेटिक कारण
अगर परिवार में किसी को हड्डियों की समस्या रही हो, तो यह अगली पीढ़ी में भी आ सकती है।
2. गर्भावस्था के दौरान पोषण की कमी
गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम, विटामिन D और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने पर हड्डियों की सही संरचना नहीं बन पाती।
3. गर्भ में बच्चे की स्थिति
गर्भ में बच्चे का सही विकास न होने या संकुचित स्थिति में रहने से हड्डियों की विकृति हो सकती है।
4. जन्म के समय आई चोट
डिलीवरी के दौरान आई किसी चोट के कारण भी हड्डियों की संरचना प्रभावित हो सकती है।
निष्कर्ष
जन्म से होने वाली हड्डी विकृतियों का इलाज संभव है, बशर्ते इलाज समय पर और सही तरीके से किया जाए। अगर उपचार में देरी की जाती है तो विकृति स्थायी हो सकती है, जिससे भविष्य में शिशु को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, माता-पिता को शिशु में हड्डी विकृति के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
All Images Credit- Freepik
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