गुस्‍से को काबू करने के लिए अपनायें ये उपाय

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 03, 2014
Quick Bites

  • गुस्‍सा एक स्‍वाभाविक मानवीय स्‍वभाव है।
  • गुस्‍से को जरूरत से अधिक न बढ़ने दें।
  • संगीत और ध्‍यान के जरिये रखें गुस्‍से पर काबू।
  • शारीरिक गतिविधियां भी करती हैं मदद।

गुस्‍सा मानवीय स्‍वभाव का हिस्‍सा है। समय-समय पर व्‍यक्ति अपनी इस भावना का इजहार करता रहता है। लेकिन, अपनी सीमायें तोड़ते ही गुस्‍सा विनाशकारी हो जाता है। कहते हैं न, 'एक पल का क्रोध आपका भविष्‍य बिगाड़ सकता है'। अधिक गुस्‍से से कई समस्‍यायें हो सकती हैं। क्रोध से आपके व्‍यावसायिक और निजी जीवन पर बुरा असर पड़ता है। इतना ही नहीं इससे आपके जीवन की गुणवत्‍ता भी कम हो जाती है। आपका स्वयं पर नियंत्रण नहीं रह जाता और आप महज एक भावना के दास होकर रह जाते हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है कि इस समस्‍या को काबू ही नहीं किया जा सकता। तो, इससे पहले कि गुस्‍से आपके जीवन को बर्बाद करना शुरू करे, आपको चाहिए कि इस पर काबू पाने की कला सीखें-

 

गहरी सांस लें

जब भी आप किसी ऐसी परिस्थिति में फंस जाएं, जहां आपको चिढ़ होने लगे, तो सबसे पहले गहरी सांस लें। ऐसा करने के पीछे गहरा वैज्ञानिक आधार मौजूद है। जब आप गहरी सांस लेते हैं, तो मस्तिष्‍क में स्थित वेगस नर्व शरीर को संकेत देती है कि वह मांसपेशियों को ढीला छोड़े और शांत हो जाए। बेहतर परिणाम के लिए आपको चाहिए कि आप कम से कम दो-तीन बार गहरी सांस लें। गहरी सांस लेने के साथ ही आप दस तक गिनती भी गिन सकते हैं।

 

anger mangement

शारीरिक गतिविधियां

भावनाओं को सही दिशा देने में शारीरिक गतिविधियां काफी कारगर साबित होती हैं। खासतौर पर यदि आपके लिए गुस्‍से को काबू कर पाना मुश्किल हो रहा हो, तो आपके लिए जरूरी है कि आप किसी सकारात्‍मक और सृजनात्‍मक शारीरिक गति‍विधि में जुट जाएं। आप अपने गुस्‍से के उबाल को व्‍यायाम, जॉगिंग, वॉकिंग अथवा अपने पसंदीदा खेल के  जरिये काबू कर सकते हैं। इससे आपको काफी लाभ होगा और आप बेहतर महसूस करेंगे।

खुद से करें बात

कभी-कभी अपने आप से बात करना चाहिए। खासकर जब आपको गुस्‍सा आ रहा हो तब। जरूरी है कि आप अपने से बात करते समय सकारात्‍मक रुख अपनायें। स्‍वयं को यकीन दिलायें कि धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। खुद से कहें कि बात इतनी बड़ी भी नहीं कि इस पर इतना गुस्‍सा हुआ जाए। स्‍वयं पर यकीन रखें कि आप इन परिस्थितियों से पार पा सकते हैं। सकारात्‍मक विचार, आपको शांत और एकाग्र बनाये रखने में मदद करेंगे।

 

वजह पहचानें

इस बात का ध्‍यान रखें कि गुस्‍से को स्‍वयं पर हावी होने का मौका देकर आप जीवन में काफी कुछ खो रहे हैं- अपना मान-सम्‍मान, अपने प्रियजन, दोस्‍त और काफी कुछ इस गुस्‍से की अग्नि में स्‍वाह कर रहे हैं। याद रखें गुस्‍से में कही गई सही बात भी अपना प्रभाव नहीं छोड़ पाती। यदि कोई बात आपको परेशान कर रही है, तो उसे शांत होकर कहें इससे समस्‍या जल्‍द सुलझेगी और उसका असर भी ज्‍यादा होगा।

 

ध्‍यान दिलाये आराम

हकीकत तो यह है कि अधिकतर लोग अपने क्रोध का दमन करते हैं, दहन नहीं। वे अपने गुस्‍से का सामना करने से बचना चाहते हैं। इससे क्रोध समाप्‍त नहीं होता, बल्कि यह अग्नि आपको भीतर ही भीतर जलाने लग जाती है। इससे आपकी सेहत पर दीर्घकालिक विपरीत प्रभाव पड़ते हैं। इससे अच्‍छा उपाय यह है कि आप ध्‍यान का सहारा लें। ध्‍यान आपको मानसिक रूप से शांति प्रदान कर आपकी भावनाओं के प्रवाह को सृजनात्‍मक रूप देता है। रोजाना सुबह केवल बीस मिनट ध्‍यान करने से आपका सारा दिन अच्‍छा जाता है।

 

anger managment

संगीत मन का मीत

गुस्‍से को दूर करने में संगीत से बड़ा साथी दूसरा कोई नहीं। जब कभी भी आपको बहुत अधिक क्रोध आ रहा हो, तो अपना पसंदीदा संगीत सुनें। संगीत किसी भी प्रकार का हो सकता है, शास्‍त्रीय, गजल, सूफी, रॉक, फिल्‍मी गीत कुछ भी। जो भी आपके मन को भाये उस संगीत को सुनें। इससे आपका ध्‍यान क्रोध दिलाने वाली बातों से हटेगा और आप परि‍स्थितियों का बेहतर आंकलन कर पाएंगे।

माफ करना सीखें

कुछ इस तरह मैंने अपनी जिंदगी को आसान कर लिया
कुछ से काफी मांग ली, कुछ को माफ कर दिया।

माफ करना सीखें। जब तक आप बीती बातों का सिरा थामे रहेंगे, आप मानसिक रूप से शांत नहीं हो सकते। शांति के लिए जरूरी है कि बीती बातों को भुलाकर आज में जिया जाए। अपनी गलती से लिए माफी मांगना सीखें और साथी ही दूसरों की गलती को माफ करना भी सीखें। इससे आपको काफी सुकून मिलेगा और आप पहले से बेहतर महसूस करेंगे।

 

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