प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है बिना छिल्के वाले बादाम, इन 2 रोगों को भी करता है खत्म

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 09, 2018
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • बादाम स्मरण शक्ति बढ़ाने व मस्तिष्क के विकास के लिए अच्छे होते हैं।
  • बादाम में इसमें मैग्नीशियम भी होता है, जो दिल के दौरे को रोकता है।
  • बादाम एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।

बादाम एक ऐसी चीज है जिसके सेवन से व्यक्ति स्वस्थ होने के साथ ही बीमारी मुक्त भी रहता है। प्रतिदिन 7-8 बादाम सेवन कर सकते हैं। अनेक शोधों से यह ज्ञात हुआ है कि रोज उपरोक्त मात्रा में बादाम खाने से मोटापा नहीं होता, लेकिन भुना हुआ व नमक के साथ या नमक के बिना खाना अधिक फायदेमंद होता है। बादाम गर्मी या सर्दी दोनों में उपयोगी है। शरीर में नया खून पैदा करता है। रक्त को शुद्ध करता है। इसे भूनकर खाने से आमाशय की सक्रियता बढ़ती है। आइए जानते हैं कैसे खाने चाहिए बादाम और कैसे मिलता है अधिक लाभ—


  • लोग मानते हैं कि भीगे हुए बादाम के छिलके निकालकर इनका सेवन सुबह खाली पेट करना चाहिए, लेकिन रिसर्च से पता चला है कि इसका सेवन छिलकों सहित करना चाहिए, ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढे। अगर बादाम का सेवन रोज किया जाए तो दिनभर ताजगी और ऊर्जा बनी रहेगी।

इसे भी पढ़ें:- कब्ज से छुटकारा ही नहीं कई बीमारियों से भी बचाती है स्ट्राबेरी

  • बादाम में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्मरण शक्ति बढ़ाने व मस्तिष्क के विकास के लिए अच्छे होते हैं। ये बढते हुए बच्चों के लिए बहुत लाभदायक है। बादाम में मोनो सैचुरेटेड वसा-प्रोटीन और पोटैशियम होते हैं, जो हृदय के लिए बहुत अच्छे होते हैं। इसमें मैग्नीशियम भी होता है, जो दिल के दौरे को रोकने में मददगार होता है।
  • बादाम खाने से शरीर को वायरल संक्रमण जैसे जुकाम और फ्लू से लडने में मदद मिलती है। इटली में मैस्सिना के इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड पॉलिक्लिनिको यूनिवर्सिटी में कार्यरत वैज्ञानिकों ने यह खोज की है कि बादाम के छिलके में प्राकृतिक रूप से ऐसे रसायन पाए जाते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाते हैं। बादाम के छिलके से श्वेत रक्त कणिकाओं के कीटाणुओं को खोजने की क्षमता बढ जाती है।
  • बादाम एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। इसमें मौजूद मोनोसैचुरेटेड फैट्स हृदय रोग के खतरे को कम करते हैं। ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार बादाम में मौजूद विटमिन ई के एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण इसे खाने से एलडीएल कॉलेस्ट्रॉल का स्तर घटता है और हृदय रोग का खतरा कम होता है।

इसे भी पढ़ें:- मोटापा घटाकर इम्यूनिटी बढ़ाता है ये तेल, कई गंभीर रोगों में है फायदेमंद

  • यह रक्त में शर्करा के स्तर को कम करता है। क्लिनिकल शोध बताते हैं कि बादाम खाने से भोजन के बाद बढे हुए रक्त शर्करा स्तर में कमी आती है। साथ ही मधुमेह (डायबिटीज) और हृदय रोग के उपचार में मदद मिलती है। मधुमेह से ग्रस्त लोग रोजाना 2-3 बादाम खा सकते हैं।
  • अमेरिका के कृषि विभाग के खाद्य वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक नई खोज प्रकाशित की है। खोज के अनुसार पहले शोध की तुलना में अब बादाम में 20 प्रतिशत कम कैलरी पाई गईं है। भरपूर पोषक शक्ति के बावजूद बादाम में अन्य प्रोटीन के स्त्रोतों की तुलना में कम कैलरीज होती है।
  • इंटरनेशनल जरनल ऑफ ओबेसिटी एंड रिलेटेड मेटाबॉलिक डिस ऑर्डर्स में प्रकाशित एक स्टडी में अधिक वजन वाले मोटापा ग्रस्त 65 वयस्कों को शामिल किया गया था। इसमें मिलें परिणाम के अनुसार बादाम युक्त कम कैलरी वाला भोजन मोटापे को ज्यादा प्रभावी ढंग से कम करता है।
  • बादाम में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। इसके एक चौथाई कप में 7.62 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि एक अंडे में केवल 5.54 ग्राम। 20 ग्राम कच्चे बादाम में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है, जो कि अनिवार्य अमीनो एसिड्स में से तीसरा आवश्यक अमीनो एसिड है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Healthy Eating in Hindi

Loading...
Write Comment Read ReviewDisclaimer
Is it Helpful Article?YES1192 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर