स्मूदी बनाते समय इन 9 बातों का रखें ध्यान, डायबिटीज से लेकर कब्ज तक कई परेशानियों में मिलेगा झटपट आराम

स्मूदी पीने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये आपके पेट के लिए बहुत अच्छा है। ये फाइबर से भरपूर हैं, जो कि और ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करते हैं।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Jan 07, 2021 17:26 IST
स्मूदी बनाते समय इन 9 बातों का रखें ध्यान, डायबिटीज से लेकर कब्ज तक कई परेशानियों में मिलेगा झटपट आराम

जूस और समूदी दो ऐसे हेल्दी ड्रिंक्स हैं, जिन्हें लिक्विड डाइट में लोग सबसे ज्यादा लेना पसंद करते हैं। पर जूस और स्मूदी एक ही चीज नहीं है। जूस एक फाइन लिक्विड है, जो कि जूसर में डाल कर बनाया जाता है, तो वहीं  स्मूदी दरदरा सा होता है, जिसमें फलों और सब्जियों को फाइन तरीके से नहीं पीसा जाता। स्मूदी को आमतौर पर फलों, सब्जियों, ड्राई फ्रूट्स को दूध और दही आदि के साथ ब्लैंड करके बनाया जाता है। सेहत के लिहाज से देखा जाए, तो स्मूदी ज्यादा नेचुरल है और इनमें न्यूट्रिएंट्स की मात्रा जूस की तुलना में थोड़ा अधिक होती है। पर स्मूदी बनाते समय अगर आप कुछ चीजों की गलती करते हैं, तो इससे स्मूदी नुकसानदेह हो सकती है। तो, आइए हम आपको ऐसे 10 चीजों के बारे में बताते हैं, जिनका ध्यान आपको स्मूदी बनाते समय जरूर रखना चाहिए।

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स्मूदी बनाते समय इन 10 बातों का रखें ध्यान

1.प्रोटीन पाउडर का उपयोग

प्रोटीन पाउडर एक सप्लीमेंट है और नेचुरल चीज नहीं कि आपका जितना मन हो आप उतना उसका इस्तेमाल कर लें। अधिक मात्रा में प्रोटीन खाने से गुर्दे को नुकसान हो सकता है और ये बाकी शरीर के लिए भी सही नहीं है। इसकी जगह आपको स्मूदी बनाते समय अनाज से बनें पाउडर का इस्तेमाल करना चाहिए, जैसे कि हेम्प सीड, फ्लैक्ससीड और ओट्स पाउडर आदि। इससे आपका स्मूदी नेचुरल रहेगा और ये आपके पेट के लिए भी फायदेमंद होगा।

2.खूब सारे फलों का इस्तेमाल न करें

स्मूदी बनाते समय एक बात का ध्यान रखें कि खूब सारे मीठे फलों को इस्तेमाल न करें। ऐसा इसलिए क्योंकि स्मूदी में बहुत सारे फलों का इस्तेमाल करने का मलतब ये है कि आपने इसे मीठा बना दिया है और इसमें शुगर और कैलोरी की मात्रा बढ़ गई है। फिर ऐसे फलों वाले स्मूदी को पीने से आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ (Diabetic Friendly Smoothies)सकता है, जो कि मोटापा और डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के लिए भी बहुत फायदेमंद नहीं है। तो इसलिए स्मूदी बनाते समय आप उन फलों को ही चुनें जिनमें शुगर की मात्रा कम हो या वो फल जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम हो।

3. हरी सब्जियों से स्मूदी बनाएं

हरी सब्जियों से बनी स्मूदी पेट के लिए बहुत फायदेमंद होती है। इनमें माइक्रो न्यूट्रिएंट्स की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसलिए स्मूदी बनाते समय हरे पालक, खीरा और ककड़ी जैसी चीजों का चुनाव करें। ये एक इम्यूनिटी बूस्टर स्मूदी होगा, जो कि एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, फाइबर, मिनरल्स आदि से भरपूर होगा।

4.हेल्दी फैट और फाइबर का रखें ध्यान

अक्सर स्मूदी बनाते समय हम फैट और कैलोरी को भूल जाते हैं। जैसे अगर आप वेट लॉस पर हैं और सुबह-सुबह ब्रेकफास्ट के लिए स्मूदी (smoothies for breakfast) बना रहे हैं, तो एवोकाडो और चिया सीड्स आदि का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही आप स्मूदी को कभी भी पतला करके न बनाएं, जिससे कि स्मूदी का फाइबर क्वालिटी कम हो जाता है। इसके अलावा हर दिन बदल -बदल कर साग-सब्जियों और फलों का इस्तेमाल करें। अलग-अलग चीजों के इस्तेमाल का मतलब ये है कि शरीर को सभी पोषक तत्वों मिलेंगे। 

5. ऊपर से चीनी न मिलाएं

स्मूदी बनाने समय एक बात का ध्यान रखें कि इसमें कभी भी ऊपर से चीनी न मिलाएं। जैसे कि कुछ लोग इसमें शहद मिला लेते हैं, इसमें चीनी मिला लेते हैं तो कुछ लोग इसमें मिठास के लिए  लिक्विड शुगर का इस्तेमाल करते हैं। जो कि आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसके अलावा स्मूदी बनाने के लिए किसी भी आर्टिफिशियल शुगर का इस्तेमाल न करें।

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6.ब्लेंडर में पानी मिलाएं

अक्सर लोग स्मूदी बानते समय उसमें पानी नहीं डालते और इसकी जगह दूध डालते जाते हैं। ये गलत तरीका है। दूध की मात्रा बढ़ा देने से आप स्मूदी को और गाढ़ा और कैलोरी वाला बना देंगे। इसलिए  स्मूदी बनाते समय ब्लैंडर में थोड़ा पानी मिलाएं। इससे आपकी स्मूदी में पानी की मात्रा इसके कुछ न्यूट्रिएंट्स को बैलेंस करने में मदद करेगा।

7. फलों और सब्जियों को सही से धाएं

फलों और सब्जियों को सही न धोने की गलती किसी पर भी भारी पड़ सकती है। खास कर पालक और गोभी जैसी सब्जियों को। कभी भी आप पालक और गोभी जैसे सब्जियों से स्मूदी बनाने के बारे में सोचें, तो इन्हें धो कर और अच्छे से उबाल कर इस्तेमाल करें। दरअसल पत्तेदार साग मिट्टी में उगाए जाते हैं, और जब आप उन्हें ताजा खरीदते हैं तो उन पर मिट्टी पड़ जाती है। उनमें कीड़े -मकोड़े हो सकते हैं भी इसलिए इन्हें धो कर इस्तेमाल करें। आप ब्लेंडर में को भी धो कर इस्तेमाल करें। 

8.स्मूदी को स्टोर करके न रखें

ग्रीन स्मूथी के बारे में सबसे अच्छी चीजों में से एक यह है कि आप उन्हें पहले से बना सकते हैं और दो दिन तक रेफ्रिजरेट करके रख सकते हैं। पर फलों के साथ ऐसा न करें। हां, आप ये कर सकते हैं कि आप अपनी स्मूदी को रात में बना लें और इसे फ्रिज में स्टोर करके रखें। कभी भी स्मूदी को सीसे के बर्तनों में ही स्टोर करके रखें। यह सब तब तक अच्छी तरह से काम करता है जब तक आप वास्तव में इसे पीने से पहले फ्रिज में स्टोर करते हैं। पर फ्रिज से बाहन निकलने के बाद ये खराब हो सकता है।

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9.छिपी हुई फैट और कैलोरी से बचें

नारियल पानी और शाकाहारी दूध जैसे कि चावल का दूध, सोया दूध, या नारियल का दूध आपकी स्मूदी में जोड़ने के लिए स्वस्थ तरल पदार्थ की तरह लग सकता है, पर ये अतिरिक्त वसा और कैलोरी भी जोड़ता है। इसके अलावा आइसक्रीम और दही आदि का भी ज्यादा इस्तेमाल न करें। 

इसके अलावा आपको स्मूदी बनाते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि खूब पके हुए फलों का इस्तेमाल करें। अपने स्मूदी को मीठा बनाने के लिए, अधिक प्राकृतिक रूप से मीठे फल, जैसे कि अनानास, आम, या नारंगी का इस्तेमाल करें। बहुत अधिक मीठे को संतुलित करने के लिए, अधिक साग या गाजर आदि मिला लें। अपने पसंदीदा ड्राईफ्रूट्स को भी आप इनमें डाल सकते हैं, जो कि आपका स्वाद बढ़ा देंगे। साथ ही अपने स्वाद के अनुसार स्मूदी बनाते वक्त शुगर और हाई कैलोरी का ध्यान रखें।

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