प्रेगनेंट महिला को कोरोना होने पर जरूर रखें इन 8 बातों का ध्यान, डॉक्टर से जानें जरूरी सावधानियां

गर्भवती महिलाओं में कोरोना के संक्रमण का खतरा अधिक होता है, कोरोना पॉजिटिव होने पर गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Apr 29, 2021Updated at: Apr 29, 2021
प्रेगनेंट महिला को कोरोना होने पर जरूर रखें इन 8 बातों का ध्यान, डॉक्टर से जानें जरूरी सावधानियां

कोरोनावायरस (COVID-19) का कहर पूरी दुनिया में अभी भी तेजी से फैल रहा है। भारत में इस घातक वायरस की चपेट में आकर हजारों लोग अपनी जान गंवा रह हैं और अस्पतालों में कोरोना के मरीजों की लंबी कतार बनी हुई है। बच्चे, जवान, वृद्ध और महिला सभी कोरोनावायरस से संक्रमित हो रहे हैं। डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को कोरोनावायरस संक्रमण (Pregnant Women with Coronavirus) से अधिक खतरा होता है। गर्भवती होने के दौरान कोरोना से संक्रमित होने के विषय को लेकर हुए रिसर्च में इसके खतरे के बारे में बताया गया है। एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स के मुताबिक अगर कोई महिला प्रेगनेंसी के दौरान कोरोना पॉजिटिव होती है तो उसका विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ सोहानी वर्मा से जब हमने गर्भवती महिलाओं के कोरोना पॉजिटिव होने के संदर्भ में बातचीत की तो उन्होंने इस विषय पर हमें कुछ अहम जानकारी दी। आइये जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान कोरोना संक्रमित होने पर गर्भवती महिलाओं का कैसे ध्यान रखना चाहिए और इस दौरान किन जरूरी बातों का पालन करना चाहिए।

कोरोनावायरस संक्रमण और प्रेगनेंसी (Coronavirus and Pregnancy)

डॉ सोहानी ने हमें बताया कि इस विषय को लेकर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में यह जानकारी दी गयी थी कि गर्भावस्था के दौरान कोरोना से संक्रमित होने पर मां और पेट में पल रहे बच्चे को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कोरोना संक्रमित महिला अगर किसी बच्चे को जन्म देती है तो उस नवजात और मां दोनों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। कोरोना पॉजिटिव (SARS-CoV-2) होने के दौरान पैदा होने वाले बच्चों को अधिक जटिलताओं का खतरा होता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को कोरोना से संक्रमित होने पर अधिक सावधान रहना होगा क्योंकि जरा सी भी लापरवाही दो जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कोरोना संक्रमण से बचना चाहिए, डॉक्टर्स दौरान अस्पताल में आवाजाही को काम कर वर्चुअल तरीके से सलाह लेने की सिफारिस करते हैं। कोरोनावायरस की दूसरी लहर में गर्भवती महिलाओं के कोरोना से संक्रमित होने के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इससे पहले पहली लहर में ऐसे मामले काम देखने को मिले थे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह वायरस के नए म्यूटेशन के कारण हो रहा है, कोरोना का नया म्यूटेशन पहले वाले की तुलना में अधिक खतरनाक है। 

covid-and-pregnancy

क्या गर्भवती महिलाओं को कोरोना से अधिक खतरा है (Pregnant Women and Risk of Covid-19)

जो महिलाएं गर्भवती हैं या कुछ समय पहले गर्भवती हुई हैं उनमें कोरोना संक्रमण जल्द होने का खतरा होता है। हालांकि सभी मामलों में ऐसा नहीं है, गर्भवती महिलाएं जो अधिक उम्र की हैं और मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि से पीड़ित हैं उनमें यह वायरस जल्दी फैलता है। ऐसी गर्भवती महिलाओं को सामान्य गर्भवती महिलाओं की तुलना में अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है। महिलाएं जो पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और गर्भवती हैं उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से वायरस का अटैक जल्दी होने का खतरा होता है। ऐसे में यह जरूरी है कि प्रेगनेंट महिलाओं को COVID -19 से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए और कोरोना से सम्बंधित किसी भी लक्षण के दिखने पर अपने डॉक्टर को सूचित करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें : क्या कोरोना से ठीक होने के बाद होती है बाल झड़ने की समस्या? एक्सपर्ट से जानें क्या है सच्चाई

coronavirus-in-pregnancy

क्या गर्भवती और कोरोना पॉजिटिव महिलाओं से संक्रमण पेट में पल रहे बच्चे तक पहुँच सकता है? (Covid-19 Transmission from Mother to Baby)

गर्भवती और कोरोना पॉजिटिव महिलाओं के द्वारा उनके पेट में पल रहे बच्चों में कोरोना के संक्रमण के होने की बात के बारे में अभी भी शोध चल रहे हैं। इस बात का अभी तक  प्रमाण नहीं मिल पाया है कि मां के जरिये बच्चों में भी संक्रमण फैल सकता है। अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार गर्भ में पल रहे बच्चे के आसपास अगर वायरस की सक्रियता नहीं होती है तो उसके संक्रमित होने का खतरा कम होता है।

इसे भी पढ़ें : ऑक्सीजन लेवल कम होने पर शरीर में दिखते हैं ये 4 संकेत, जानें कब होती है हॉस्पिटल जाने की जरूरत

precautions-during-pregnancy-from-covid

प्रेगनेंट महिलाएं खुद को कोरोना संक्रमण से बचाने के  इन बातों का ध्यान (How Can Pregnant Women Protect Herself Against Coronavirus)

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कोरोनावायरस संक्रमण से बचने के लिए अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। गर्भवती महिलाएं खुद को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए इन बातों का ध्यान रख सकती हैं।

1.अल्कोहल की 70 प्रतिशत से अधिक मात्रा वाले हैंड सैनिटाइजर या साबुन के इस्तेमाल से हाथों को समय-समय पर धोते रहें।

2. भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, ऐसी जगहों पर जाते समय शारीरिक दूरी का ध्यान रखें।

3. नॉन-मेडिकल, फैब्रिक वाले फेस मास्क का इस्तेमाल करें। 

4. बार बार अपनी आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।

5. नियमित रूप से स्वस्थ और संतुलित आहार का सेवन करें और शरीर को पर्याप्त आराम दें।

6. खुद से किसी भी प्रकार की दवा का सेवन करने से बचें, जब तक डॉक्टर किसी दवा का सेवन करने की सलाह नहीं देते तब तक ऐसा बिल्कुल भी न करें।

7. कोरोना से जुड़े किसी भी लक्षण जैसे खांसी, छींक, बुखार, गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत अपनी जांच कराएं।

8. कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने  घबराएं नहीं, डॉक्टर की निगरानी में इसका इलाज जारी रखें।

कब होती है तुरंत हॉस्पिटल जाने की जरूरत (When You Need Immediate Medical Help)

गर्भवती महिलाओं के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अगर 4 दिनों तक बुखार कम नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत होती है। अगर आप कोरोना पॉजिटिव हैं और दवाओं का सेवन नियमित रूप से कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति बहुत काम उत्पन्न होती है। कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं को  दी जाती है कि वे  का तापमान और ऑक्सीजन के स्तर की समय - समय पर निगरानी करते रहें। अगर ऑक्सीजन का लेवल 94 से कम होता है तो ऐसे में अपने डॉक्टर को इस बारे में जानकारी जरूर दें। कोई भी महिला जो गर्भवती और कोरोना संक्रमित है उन्हें तेज खांसी या बुखार, सीने में दर्द, जबरदस्त बदनदर्द की शिकायत होती है तो ऐसी स्थितियों में चिकित्सक उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह देते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला को तीसरी तिमाही के दौरान अधिक सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि ऐसे समय में गर्भवती महिलाओं को सांस लेने में दिक्कत होती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है।

इसे भी पढ़ें : कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद क्यों जरूरी है दूसरी डोज लेना, डॉक्टर से जानें

हमें उम्मीद है कि कोरोना संक्रमण और गर्भवती महिलाओं में इसके खतरे और सावधानियों को लेकर इस आर्टिकल में दी गयी जानकारी आपको पसंद आयी होगी। गर्भवती महिलाओं को किसी भी परिस्थिति में अपने मन से किसी भी दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बाहर निकलने से बचना चाहिए और कोरोना से बचाव के लिए लागू सभी नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। कोरोना से जुड़े लक्षण दिखने पर अपने डॉक्टर को इसके बारे में जानकारी जरूर देनी चाहिए। 

Read more articles on Miscellaneous in Hindi

Disclaimer