Women's Health: मेटाबोलिक और हार्मोनल बदलावों को ऐसे करें बैलेंस, डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें

डाइट में कुछ खाद्य पदार्थों को शामिल करें, तो ये शरीर में हार्मोनल परिवर्तनों और चयापचय से जुड़े बदलावों को ठीक करने में आपकी मदद कर सकते हैं।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: May 19, 2020 11:33 IST
Women's Health: मेटाबोलिक और हार्मोनल बदलावों को ऐसे करें बैलेंस, डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें

महिलाओं के स्वास्थ्य (Women Health) की बात करें, तो उनके हेल्थ के तमाम बारीकियों को समझते हुए आप पाएंगे कि होर्मोन्स का उनके स्वास्थ्य के पीछे एक बड़ा हाथ होता है। महिलाएं जीवन भर होर्मोनल बदलाव से गुजरती हैं, जिसका उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर एक गहरा असर पड़ता है। बचपन से ही जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती जाती है, महिलाओं के होर्मोन्स में लगातार बदलाव आता रहता है। इसी के नतीजे के रूप में वो पीरियड्स (Periods), प्रेग्नेंसी (Pregnancy) और मेनोपॉज (Menopause) जैसे बदलावों से वो गुजरती हैं। इन सबका असर उनके शरीर और खास तौर पर उनके चयापचय (Metabolism) पर भी पड़ता है। वहीं चयापचय (Metabolism) के साथ हार्मोनल परिवर्तनों (Hormonal Changes) को ठीक करने के आपको अपने डाइट और दिनचर्या में कुछ बदलाव करना होगा। वहीं खाने की कुछ चीजें में हार्मोनल परिवर्तनों के साथ चपापचय को बैलेंस रखने में आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं इनके चीजों के बारे में।

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हार्मोनल परिवर्तनों और चपापचय को बैलेंस करने के तरीके 

ओट्स (Oats)

इस सुपरफूड को अपने आहार में शामिल करने से आपके चयापचय और प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। ओट्स घुलनशील फाइबर का एक बड़ा स्रोत है जिसे बीटा ग्लूकन के रूप में जाना जाता है, जो एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, जो आपके हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके अलावा, ओट्स में पाए जाने वाले फाइबर की उच्च मात्रा एक प्राकृतिक अव्ययों के रूप में काम करती है, जो चिकनी आंत्र आंदोलन में मदद करती है। ये धीरे-धीरे एक मजबूत चयापचय बनाने में मदद करती है। इसके अलावा, ओट्स कुछ और चीजों के लिए जैसे कि मैंगनीज, फास्फोरस, तांबा, विटामिन बी 1, लोहा, सेलेनियम, मैग्नीशियम, जस्ता का एक बड़ा स्रोत हैं। अपने दैनिक आहार में ओट्स को शामिल करने से एक मजबूत पाचन तंत्र के निर्माण में मदद मिलेगी और दिल की सेहत में सुधार होगा, जो कि महिलाओं की बढ़ती हुई उम्र के साथ सबसे बड़ा खतरा होता है।

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बेरीज (berries) 

क्रैनबेरी, ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, गोजी बेरी जैसे बैरीज को डाइट में जोड़ना न केवल आपके भोजन को स्वादिष्ट बना देगा, बल्कि ये एक पावरहाउस भी है। अपने आहार में बैरीज को जोड़ने से शरीर को  एंटीऑक्सिडेंट मिलता है, जो त्वचा में सुधार कर सकता है और प्रतिरक्षा का निर्माण करता है। एंटीऑक्सिडेंट पॉलीफेनोल्स से समृद्ध जिसे एन्थोकायनिन कहा जाता है, ब्लूबेरी जैसे बैरीज आपके चयापचय और समग्र स्वास्थ्य के लिए अच्छा हैं। इसके अलावा, इनमें विटामिन सी, के, मैंगनीज आदि, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और ब्लड शुगर को बैलेंस करता है। वहीं पीरियड्स के दर्द को भी कम करने में मदद करता है।

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बीन्स (Beans)

बीन्स पोषण का एक बड़ा स्रोत हैं, चाहे आप उन्हें ताजा या पका हुआ खाना क्यों न पसंद करते हों। बीन्स में कई पोषक तत्व होते हैं जो चयापचय के लिए बहुत अच्छा है। साथ ही आयरन, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, कार्बोहाइड्रेट, वसा, सोडियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर, जो महिलाओं में होर्मोनल बदलाव के वक्त शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। उदहारण के लिए पीरियड्स और मेनोपॉज। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दैनिक आधार पर बीन्स खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल एलडीएल को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह जीवनशैली संबंधी विकारों जैसे मधुमेह और रक्तचाप से भी बचने में मदद करता है। अंत में, आयरन की उपस्थिति शरीर में हीमोग्लोबिन स्तर का प्रबंधन में खास भूमिका निभाती है, जो कि महिलाओं के लिए जरूरी माना जाता है।

सेब (Apple)

एक सेब, एक दिन में आपके शरीर को आपकी उम्र के अनुसार फिट और स्वस्थ रहने के लिए बहुत आवश्यक पोषण देता है। ये फाइबर, विटामिन सी, के, ए, बी-1, बी -2, और बी-6 से भरा हुआ होता है। साथ ही सेब मैंगनीज, तांबा और पोटेशियम आदि का एक बड़ा स्रोत हैं। अध्ययनों के अनुसार, एक सेब एक दिन प्रभावी रूप से दिल के दौरे के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। पीरियड्स के दौरान इसे खाना स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी है। साथ ही हर रात एक सेब खाना आपके चपाचय को अच्छा रखता है।

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मेवे (Nuts)

मुट्ठी भर मेवे पोषण का एक पावरहाउस हो सकते हैं। ये प्रोटीन, वसा, कार्ब्स, फाइबर, विटामिन-ई, मैग्नीशियम, फास्फोरस, तांबा, मैंगनीज, सेलेनियम की अच्छाई से भरा होता है। नट्स में पॉलीफेनोल नामक एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो आपकी कोशिकाओं को मुक्त कणों के कारण होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। अपने आहार में नट्स को शामिल करने से हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने और एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) को कम करने में मदद मिल सकती है। नट्स चयापचय में काफी सुधार कर सकते हैं और रक्त शर्करा के स्तर को प्रबंधित करने में मदद कर सकते हैं।

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