बचपन से रखें इन 3 बातों का ध्यान, तेज होगा बच्चे का आईक्यू लेवल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 08, 2018
Quick Bites

  • दिमाग का 90% विकास 4 साल की उम्र तक हो जाता है।
  • बच्चों का आईक्यू लेवल बढ़ाने के लिए शुरुआत से करें प्रयास।
  • बच्चों को उसके आस-पास की चीजों के बारे में बताएं और समझाएं।

हर मां-बाप चाहते हैं कि उनका बच्चा बुद्धिमान हो और जीवन में हर क्षेत्र में सफलता पाए। बच्चों का आईक्यू लेवल बढ़ाने के लिए वो अच्छा खाना, पढ़ने के लिए अच्छा स्कूल और अच्छा माहौल उसे देते हैं। ऐसा माना जाता है कि जिसका आईक्यू लेवल जितना ज्यादा होता है, वो उतना ही बुद्धिमान होता है। इतने प्रयासों के बावजूद कई बार बच्चे उतने बुद्धिमान नहीं हो पाते हैं, जितना उन्हें होना चाहिए। ये बात सच है कि बुद्धि बहुत कुछ माता-पिता और परिवार के जींस पर निर्भर करती है मगर कई शोधों में ये पाया गया है कि अगर बचपन से कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो बच्चों का आईक्यू लेवल बढ़ाया जा सकता है। आइये आपको बताते हैं किस तरह आप भी बढ़ा सकते हैं अपने बच्चों का आई्कयू लेवल।

बचपन से करें प्रयास

अगर आपको अपने बच्चों को बुद्धिमान बनाना है तो इसके लिए बचपन से ही आपको प्रयास करना चाहिए। मनुष्य के दिमाग का 90 प्रतिशत विकास पैदा होने के 4 साल के भीतर हो जाता है, यानि शेष पूरी जिंदगी में हमारा दिमाग केवल 10 प्रतिशत विकसित होता है। अगर घर पर आप कुछ बातों का शुरू से ही ध्यान रखेंगे तो आपके बच्चे जरूर बुद्धिमान होंगे।

  • शिशु भले आपकी बातें न समझे और आपको कम पहचाने मगर आप उससे खूब बातें करें।
  • हमेशा बच्चों की आंखों में देखकर उनसे बात करें और कोशिश करें कि वो जब आपसे बात करे, तो वो भी आपकी आंखों में देख रहा हो।

इसे भी पढ़ें:- शिशु को स्तनपान करवाने से पहले नई मां को जान लेनी चाहिए ये बातें

  • बच्चा जब 1 साल का हो जाए, तो उसे उसके आसपास की चीजों के बारे में बताएं और ढेर सारी बातें करें।
  • बच्चा जब सवाल पूछना शुरू कर दे, तब उसके हर सवाल का सही और वैज्ञानिक जवाब दें।
  • बच्चे को कभी भी भूत, जानवर, रहस्मयी व्यक्ति या किसी अन्य चीज से न डराएं बल्कि उसे इन चीजों की सत्यता के बारे में बताएं।
  • बच्चों को प्यार और सम्मान दें। उनके सामने कभी भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल न करें और न ही उन्हें मारें-पीटें।
  • बच्चों को प्राकृतिक चीजों और नियमों के बारे में बताएं और उन्हें ज्यादा से ज्यादा प्रकृति के बीच समय बिताने दें।

बात करने का आईक्यू पर प्रभाव

दरअसल आईक्यू इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने दिमाग का कितना और कैसा इस्तेमाल करते हैं। जब आप बच्चे से बात करते हैं, उसे कुछ बताते हैं या उसके किसी सवाल का जबाव देते हैं, तो बच्चा उन बातों को समझने का प्रयास करता है, वो अपने दिमाग पर जोर डालता है। नई चीजों के बारे में जानने और उन्हें देखने से दिमाग के अलग-अलग सेल्स एक्टिव होते हैं। ऐसे में अगर आप अपने बच्चे से हर तरह की चीजों से जुड़ी ढेर सारी बातें करते हैं, तो उनके दिमाग की ज्यादातर सेल्स बचपन में ही एक्टिव हो जाती हैं और वो अपने दिमाग का बेहतर इस्तेमाल करना सीख जाता है।

इसे भी पढ़ें:- घुटनों के बल चलना शिशुओें के विकास के लिए है जरूरी, मिलते हैं ये 5 लाभ

खान-पान का भी पड़ता है असर

हमारे दिमाग पर हमारे खान-पान का भी बहुत असर पड़ता है। इसलिए बच्चों को बचपन में ढेर सारे पौष्टिक आहार खिलाने चाहिए जिससे उनके ब्रेन को ताकत मिले और वो अच्छे से विकसित हो सके। जन्म के बाद बच्चों के लिए मां का दूध बहुत जरूरी है और ये दिमाग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 6 माह बाद बच्चों को दाल का पानी जरूर पिलाएं। दाल के पानी में ढेर सारे प्रोटीन्स होते हैं। बच्चा जब खाना शुरू कर दे तब उसे हरी सब्जियां, टमाटर, कद्दू, जामुन और मछली खिलाएं। मछली का तेल दिमाग के लिए सबसे अच्छा आहार है। इसलिए बच्चों के खान-पान पर ध्यान देकर भी आप उनके आईक्यू लेवल को बढ़ा सकते हैं।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Newborn Care In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES2118 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK