क्‍या है आस्टियोपोरोसिस

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 07, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • आस्टियोपोरोसिस एक खतरनाक बीमारी है।
  • आस्टियोपोरोसिस को साइलेंट किलर भी कहते है।
  • बीमारी के दौरान हड्डियां मुलायम हो जाती है।
  • कमजोर शरीर और कद का छोटा होना।

आस्टियोपोरोसिस एक खतरनाक बीमारी है। हड्डियों से संबंधित इस बीमारी का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि जब तक हड्डियां मुलायम होकर टूटने नहीं लगतीं, तब तक इसके लक्षणों का पता ही नहीं चलता। यह बीमारी चुपके से आती है और जब तक मरीज को इस बीमारी के बारे में पता चलता है तब तक कई बार बहुत देर हो जाती है। इसी वजह से इसे साइलेंट किलर भी कहते है। ऑस्टियोपोरोसिस कई अन्य बीमारियों से मेल खाती है लेकिन इसकी पहचान हो पाना फिर भी मुश्किल होता है।
osteoporosis in hindi

साइलेंट बीमारी आस्टियोपोरोसिस के बारे में-

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में हर आठ पुरुषों में से एक पुरुष को और तीन महिलाओं में से एक महिला को ओस्टियोपोरोसिस की समस्या है। यह आंकड़ा ही इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
  • यह तो सभी जानते हैं बढती उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होती चली जाती है। ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती है और उनमें शक्ति नहीं रह जाती, नतीजन वे टूटने लगती हैं। ऐसे में हड्डियां छोटी-मोटी चोट या गिरने के दौरान भी टूटने लगती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी के दौरान हड्डियां मुलायम हो जाती है।
  • हड्डियां प्रोटीन, कोलेजन और कैल्शियम से मिलकर बनी होती हैं। इन्हीं तत्वों से हड्डियों को मजबूती मिलती है, ऐसे में ऑस्टियोपोरोसिस होने पर हड्डियों को नुकसान पहुंचने लगता है।
  • ऑस्टियोपोरोसिस के दौरान रीढ़ की हड्डी, नितंब, पसली और कलाई की हड्डियों में फ्रेक्चर होना आम बात हो जाती है। इसके अलावा भी शरीर की बाकी हड्डियों में भी फ्रैक्चर होने की आशंका बढ़ जाती है। आमतौर पर 35 साल की उम्र के आस-पास हड्डियां कमजोर होनी शुरू हो जाती है और ऐसे में कैल्शियम की कम खुराक हड्डियों के घनत्व को और भी कम कर देती हैं। जिससे ये कमजोर होने लगती हैं।

 

ऑस्टिपोरोसिस होने के कुछ आम कारण-  

  • कमजोर शरीर और कद का छोटा होना।
  • जरूरत से ज्यादा धूम्रपान करना और शराब का सेवन।
  • दिनचर्या में व्यायाम और योगा इत्यादि को शामिल न करना।
  • खाने में विडामिन डी की मात्रा कम लेना और कैल्शियम युक्त पदार्थ न लेना।
  • संतुलित आहार न लेना।
  • मासिक धर्म नियमित न होना या जल्दी मीनोपोज हो जाना।
  • आर्थराइटिस, टीबी जैसी कोई बीमारी पहले होना।

 

कैसे करें बचाव-

अगर आस्टियोपोरोसिस का जल्दी पता चल जाए और समय पर इसका इलाज शुरू कर दिया जाए, तो भविष्य में होने वाले फ्रेक्चर के जोखिम को कम किया जा सकता है। हालांकि अब तक ओस्टियोपोरोसिस को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता। इसलिए यदि समय रहते आस्टियोपोरोसिस के इलाज में ध्यान दिया जाए तो इस बीमारी के होने की आशंका को टाला जा सकता है। वैसे ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए डॉक्टर शुरू से ही यानी 30 की उम्र के बाद खाने में कैल्शियम और विटामिन डी मात्रा अधिक बढ़ाने की सलाह देते हैं।

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते हैं।

Image Source : Getty
Read More Articles on Osteoporsis in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES4 Votes 12015 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर