क्‍या हैं मूत्र असंयम और इसके प्रकार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 22, 2015
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Quick Bites

  • श्रोणि क्षेत्र की कमजोर मांसपेशियों के कारण हो सकता है मूत्र असंयम। 
  • महिलाओं में गर्भावस्‍था के बाद बढ़ सकती है यह समस्‍या।
  • खांसी, छींक और हंसने के कारण भी पीडि़त को नहीं रहता संयम।
  • समस्‍या होने पर बिना देर किये डॉक्‍टर से संपर्क करना होता है जरूरी।

मूत्र असंयम कई लोगों के लिए भावनात्मक रूप से दर्द पहुंचाने वाला हो सकता है। आम बोलचाल की भाषा में कहें तो यह वह स्थिति होती है, जब किसी व्यक्ति को अपने मूत्र पर नियंत्रण नहीं रहता। दुनिया भर में करोड़ों लोग इस समस्या से ग्रस्त हैं। ऐसा माना जाता है कि महिलाओं में यह समस्या अधिक होती है।

washroom in hindi

मूत्र असंयम कई प्रकार का हो सकता है –

 

तनाव असंयम

पेट की निचली मांसपेशियों पर अत्‍यधिक दबाव बनने की सूरत में कई व्याक्ति को अपने मूत्र पर नियंत्रण नहीं रहता। ऐसा व्यायाम, छीकने, हंसने अथवा खांसने के दौरान हो सकता है। तनाव असंयम आमतौर पर तब होता है जब किसी व्यक्ति के पेल्विक उत्तक और मांसपेशियां कमजोर होते हैं।
 
इसका एक कारण गर्भावस्था और शिशु का जन्म भी हो सकता है। इन परिस्थितियों में तनाव तो होता ही है साथ ही श्रोणि क्षेत्र की मांसपेशियों पर अधिक दबाव भी पड़ता है। कुछ अन्य कारण जो तनाव असंयम को बढ़ा सकते हैं, उनमें अधिक वजन होना, कुछ दवायें और प्रोस्टेट सर्जरी भी शामिल हैं।

washroom sign in hindi

ओवरफ्लो असंयम

अगर कोई व्यक्ति अपना मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं कर पाता है, तो यह इस बात का संकेत है कि वह ओवरफ्लो असंयम से जूझ रहा है। इस परिस्थिति में मूत्राशय पूरा भरने के बाद व्यक्ति को मूत्र लीक होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यह परिस्थिति पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा अधिक देखी जाती है। इसके मुख्य कारण मूत्राशय की कमजोर मांसपेशियां, ट्यूमर जैसी चिकित्सीय परिस्थितियां जिसके कारण मूत्र पूरी तरह प्रवाहित नहीं हो पाता। मूत्रमार्ग में रुकावट और कब्ज आदि के कारण यह समस्या हो सकती है।

तीव्र असंयम

अति सक्रिय मूत्राशय के कारण ऐसी समस्या होती है। इस परिस्थिति में व्यक्ति को शौचालय तक पहुंचने की बहुत जल्‍दी होती है, लेकिन वहां तक पहुंचने तक भी वह अपने मूत्र पर नियंत्रण नहीं रख पाता। अति सक्रिय मूत्राशय कई कारणों से हो सकता है –

  • नर्वस सिस्टम को नुकसान
  • मूत्राशय के नर्वस सिस्टम को नुकसान 
  • श्रोणिक क्षेत्र की मांसपेशियों का क्षतिग्रस्त होना

कुछ अन्य चिकित्सीय समस्यायें भी इसका कारण बन सकती हैं। इसमें सिलेरोसिस, मूत्राशय की पथरी और मूत्राशय संक्रमण आदि प्रमुख हैं। कुछ प्रकार की दवायें भी मूत्र असंयम का कारण बन सकता है।

 

कार्यात्मक असंयम

यह उस परिस्थिति को कहते हैं, जब व्यक्ति समय पर मूत्र कर पाने में असक्षम होता है। अर्थराइटिस और डिमेंशिया जैसी चिकित्सीय समस्याओं के कारण भी यह परिस्थिति उत्पन्न हो सकती है।

 

कैसे किया जाता है मूत्र असंयम का इलाज

जीवनशैली में कुछ बदलाव लाकर आप मूत्र असंयम की शिकायत को कम कर सकते हैं। इसके साथ ही श्रोणि क्षेत्र के कुछ व्यायामों के जरिये भी इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। बॉयोफीडबैक के जरिये मूत्राशय पर अधिक नियं‍त्रण हासिल कर भी मूत्र असंयम को कम किया जा सकता है। इसके अलावा इंजेक्‍शन, डिवाइस, सर्जरी, ब्लै‍डर ट्रेनिंग, दवाओं और बिजली के उपयोग से इस समस्या को काबू किया जा सकता है।

 

Image Source - Getty Images

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