त्रिकोणासन करें, गर्दन को मजबूत बनाएं और अच्छी सेहत पाएं!

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 26, 2016
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • त्रिकोणासन योग करते समय शरीर का आकार त्रिकोण जैसा बन जाता है।
  • इस आसन के नियमित अभ्यास से रीड़ की हड्डी व गर्दन मज़बूत बनते हैं।
  • मोटापे से ग्रस्त लोगो के लिए यह काफी उपयोगी आसन साबित होता है।

आज-कल की दिनचर्या में बड़े बदलाव आए हैं, लोगों को पूरा दिन टकटकी लगाए कुर्सी पर बैठे हुए काम करना होता है और जब काम नहीं होता है तब भी वहीं बैठकर कंप्यूटर को घूरना पड़ता है, ताकी बॉस को अच्छा लगता रहे। इसके ऊपर से ऑफिस आने-जाने में लगने वाले कई घंटे और भागदौड़ में एक्सरसाइज करने का समय न मिलना।

इसे भी पढ़ें : करें नौकासन, तुरंत दूर भगाएं टेंशन

Triangle-Pose

लंबे समय तक ऐसा रहने पर गर्दन में दर्द की समस्या शुरू हो जाती है और शरीर भी कमज़ोर होता जाता है। लेकिन इस समस्या से आपको एक आसन बचा सकता है, जिसे आप दफ्तर में भी कर सकते हैं, वो भी मिनटों के अंदर। आज हम आपको त्रिकोणासन अर्थात ट्रायंगल पोज़ के बारे में बता रहे हैं, जिससे न सिर्फ गर्दन मजबूत बनती है, बल्कि इससे पूरे शरीर को फायदा होता है।


त्रिकोणासन (Triangle Pose)

त्रिकोणासन योग करते समय शरीर का आकार त्रिकोण (ट्रायंगल) की तरह बन जाता है और इसके चलते ही इस आसन को त्रिकोणासन पुकारा जाता है। मोटापे से परेशान लोगो के लिए यह सबसे सरल और उपयोगी आसन साबित होता है। त्रिकोणासन का नियमित अभ्यास करने से आपके पेट, कमर, जांघ और नितंब पर जमी अतिरिक्त चर्बी को भी आसानी से कम किया जाता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से रीड़ की हड्डी व गर्दन मज़बूत बनते हैं।


त्रिकोणासन कैसे करें

- सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और अपने पैरों के बीच सुविधाजनक दूरी बना लें (तकरीबन 3 से 4 फिट की)।
- अब अपने दाहिने पंजे को 90 डिग्री तथा बाएं पंजे को 15 डिग्री तक घुमाएं।
- फिर अपनी दाहिनी एड़ी के केंद्र को अपने बाएं पैर से बन रहे घुमाव के केंद्र की सीध में लेकर आएं।
- अब सुनिश्चित करें की आपके पंजे जमीन को दबा रहे हों और शरीर का भार दोनों पैरों पर समान रूप से हो।
- इसके बाद एक गहरी सांस भीतर लें, सांस बाहर छोड़ते समय अपने शरीर को दाहिने तरफ मोड़ें, कूल्हों से नीचे की तरफ जाएं, कमर को सीधा रखते हुए अपने बाएं हाथ - फिर को ऊपर हवा में उठाएं और दाहिने हाथ को नीचे ज़मीन की ओर लाएं। इस प्रकार अपने दोनों हाथों को एक सीध में रहेंगे।
- अब अपने दाहिने हाथ को एड़ी या जमीन पर बाहर की तरफ रखें या फिर अपनी कमर को बिना मोड़े  जहां तक संभव हो रख सकते हैं। अपने बाएं हाथ को छत की ओर खींचे और कंधो की सीध में लाएं।
- इसके बाद शरीर में अधिकतम खिंचाव बनाए रखें और स्थिर भी रहें। साथ ही गहरी सांसें भी लेते रहें।
- जब भी सांस लें, ऊपर की ओर उठें, अपने हाथों को नीचे की तरफ लाएं और पैरों को सीधा करें। इस प्रक्रिया को अपनी दूसरी तरफ से भी करें।


त्रिकोणासन करते समय सावधानियां

उच्च रक्तचाप, निम्न रक्तचाप, जुलाब, गर्दन और पीठ की चोट लगने पर यह आसन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा जितना इस आसन को करते समय जितना आराम से कमर को आगे झुकाकर मोड़ सके उतना ही करें। जल्दबाजी और झटके से बचें। माईग्रेन, हाईपर एसिडिटी व हाई ब्लड प्रेशर में भी इस आसन का अभ्यास न करें।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Image Source : Getty

Read More Articales on Yoga In Hindi

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES2572 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर