ये योग आसन आजमाएं, पाचन क्रिया को दुरुस्त बनाएं

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 08, 2016
Quick Bites

  • अक्सर लोगों को हो जाती हैं पाचन संबंधी दिक्कतें
  • कपालभाति, अग्निसार, वज्रासन से पाएं अच्छा पाचन
  • नियमित करें योग-एक्सरसाइज और रहें फिट

भागदौड़ भरी जिंदगी में पानी कम पीने से या फिर खान पान पर ध्यान न देने से लोगों में पाचन क्रिया से सम्बन्धित समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। जिनमें आम तौर परलोगों में गैस, कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। पाचन क्रिया को सही रखने के लिए वज्रासन, कपालभाति और अग्निसार क्रिया का नियमित अभ्यास करें। इन सभी क्रियाओं को करने की विधि और उनसे होने वाले फायदों के बारे में बता रही हैं एनडीडीवाई की योगा ट्रेनर नेहा गौतम, आइए जानें।

वज्रासन करने की विधि

खाना खाने के बाद चटाई बिछा कर बैठ जाएं। दोनों घुटनों को मोड़ लें और पंजों के बल नीचे बैठ जाएं। ध्यान रहे कि दोनों पैरों के अंगूठे आपस में मिल रहे हों और एड़ियों में थोड़ी दूरी होनी चाहिए। शरीर का पूरा भर आप पैरों पर डालें। वज्रासन करते समय कमर एकदम सीधी रखें।

इसे भी पढ़ें : सेक्स लाइफ के लिए योगा

अब इसी अवस्था में दस मिनट बैठे रहें है और लम्बी-लम्बी सांस लें। वज्रासन के दौरान शरीर के मध्य भाग पर सबसे अधिक दबाव पड़ता है। इस दौरान पेट और आंतों पर हल्का दबाव पड़ता है जिससे कब्ज की दिक्कत दूर होती है और पाचन ठीक रहता है।

वज्रासन के लाभ

यह आमाशय, पेट और गर्भाशय की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है। हार्निया के रोगों के लिए यह आसन बहुत ही उपयोगी है। साइटिका और रीढ़ के निचले भाग तथा पैरों के तनाव को इस आसन के जरिए दूर किया जा सकता है। नियमित तौर पर वज्रासन का अभ्यास वेरिकोज वेन्स, ज्वॉइंट पेन और गठिया जैसे रोगों को दूर रखने में मददगार है। वजन को कम और शरीर को सुडौल बनाने में यह आसन मदद करता है।


yoga

सावधानी

जिन्हें घुटनों में दर्द या कोई समस्या हो वे लोग इस आसन को न करें। इस आसन को खाना खाने के बाद करने से ज्यादा लाभ मिलेगा।

 

इसे भी पढ़ें: करें नौकासन, तुरंत दूर भगाएं टेंशन

 

कपालभाति प्राणायाम की विधि

एक मैट पर सीधे बैठें और फिर पद्मासन की स्थिति में आएं। दोनों घुटनों को मोड लें और बाएं पैर को दाएं पैर पर हाथों को आकाश की तरफ रखते हुए सांस को भरें और फिर पेट को भीतर की ओर संकुचित करते हुए सांस को बाहर की तरफ छोड़ें। इस क्रिया को लगातार करें।

 

कपालभाति में प्रत्येक सेकंड में एक बार सांस को तेजी से बाहर छोड़ने के लिए ही प्रयास करना होता है। सांस को छोड़ने के बाद बिना प्रयास किए सामान्य रूप से सांस को अंदर आने दें। थकान महसूस होने पर बीच-बीच में रुक कर विश्राम अवश्य लेते रहें।


कपालभाति प्राणायाम से लाभ

यह ध्यान शक्ति भी बढ़ा देता है। मानसिक तनाव, दमे की बीमारी कपालभाति करने से दूर हो जाती हैं। कफ की बीमारी कपालभाति करने से दूर हो जाती है। कपालभाति प्राणायाम फेफड़ों की बीमारी को दूर कर देता है तथा यह व्यायाम स्वस्थ फेफड़ों को मजबूत बनाता है।

 

कपालभाति प्राणायाम शरीर से चर्बी और वजन कम करने में सहायक होता है। कपालभाति प्राणायाम मानव शरीर की पाचन शक्ति बढ़ाता है। आंतों की कमजोरी दूर करने के लिए भी लाभदायी है। इससे पेट के सभी प्रकार के रोगों से राहत मिलती है। गैस, कब्ज और खून के विकार की समस्याएं दूर होती हैं।


सावधानी

उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, तेज कमर दर्द की समस्या से पीड़ित लोगों को इसे नहीं करना चाहिए। इसे करते वक्त कमर बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। खाना खाने के तुरंत बाद कपालभाति प्रणायाम न करें। कपालभाति का अभ्यास शुरुआत में 5 बार से 10 बार सांस अंदर बाहर करते हुए करें। फिर धीरे-धीरे अभ्यास के साथ इसे बढ़ाएं। जिन्हें घुटनों में दर्द हो वे लोग पद्मासन की स्थिति में आए बिना साधारण अवस्था में ही बैठ कर करें।


अग्निसार क्रिया

यह क्रिया बैठ कर या खड़े होकर की जा सकती है। सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों के बीच बराबर दूरी बना लें। थोड़ा आगे की तरफ झुकते हुए दोनों हाथों को अपनी जांघों पर रखे और सांस को भर लें। एक साथ सांस को भर लें और फिर उसे तेजी से बाहर छोड़ दें। फिर सांस को रोकते हुए पेट की मांसपेशियों को अंदर की ओर खींचें और फिर बाहर की तरफ ढकेलें। ये क्रिया लगातार करें। सांस को रोकते हुए इस क्रिया को जितना दोहरा सकते हैं, दोहराएं।

 

शुरुआत में 5 बार इस क्रिया को करें फिर क्षमता अनुसार इसे बढ़ाएं। जब थकान महसूस हो तब इस क्रिया को रोकें और सांस लें। कुछ देर बाद इस क्रिया को वापस दोहराएं और पेट को अंदर बाहर करें।


अग्निसार क्रिया के लाभ

इससे पेट की चर्बी कम होगी और पेट संबंधी विकार दूर होंगे।


सावधानी

जिन्हें उच्च रक्त चाप, हृदय की समस्या हो वे लोग इस क्रिया को न करें। खाना खाने के बाद इस क्रिया को नहीं करें।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Inside Image Source : Neha gautam
Read More Articles On Yoga in Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES6 Votes 6467 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK