ये लक्षण बताते हैं कि आने वाला है घर में एक नया मेहमान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 03, 2012
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • गर्भधारण होने पर होते हैं कई शारीरिक और मानसिक बदलाव।
  • सहवास के बाद मासिक धर्म बंद हो जाना भी है एक बड़ा संकेत।
  • गर्भधारण होने पर गर्भाशय में ऐठन का हो सकता है अनुभव।
  • गर्भधारण कर लेने के बाद महिलाओं को कई-कई बार आता है पेशाब।

अगर आपने हाल के कुछ दिनों में ही सहवास किया है ताकि आप गर्भवती हो सकें। और आप यह जानना चाहती हैं कि आपके गर्भाशय में गर्भ ठहरा या नहीं तो आपको कुछ लक्षणों को पहचानना होगा। गर्भधारण के कुछ लक्षण होते हैं जिनको पहचान कर आप पचा कर सकती हैं कि आप गर्भवती हुई हैं या नहीं। तो आइये जानते हैं कि कौंन से हैं  गर्भवती होने लक्षण।

Symptoms Of Getting Pregnantगर्भधारण करने पर कई शारीरिक और मानसिक बदलाव देखने को मिलते हैं। जो आपको यह अहसास कराते हैं कि आप एक नए जीवन को दुनिया में लाने जा रही हैं। इन संकेतों में गर्भाशय में ऐठन, मासिक धर्म बंद होना, मोर्निंग सिकनेस, अधिक थकान तथा स्तनों मे बदलाव आदि शामिल हैं। आइये इन बदलावों के बारे में तफ्सील से बात करते हैं।

 

मासिक धर्म का बंद होना

यूँ तो मासिक धर्म कई कारणों से बंद हो सकता है जैसे तनाव, रजोनिवृति, ज्यादा वजन बढ़ जाने की वजह से या वजन बहुत कम हो जाने की वजह से, या कोई बीमारी के कारण लेकिन अगर ये सब कुछ न हो यानि की आप बिलकुल स्वस्थ हों और अगर सहवास के बाद आपका मासिक धर्म बंद हो गया हो तो यह इस बात का संकेत देता है कि आप गर्भवती हो गई हैं। ऐसे में यदि आपके चाहने से आप गर्भवती हुई हैं तो आपको खुश होने की जरुरत है। लेकिन पूरी तरह से आश्वस्त होने के लिए आप कुछ जांच भी करवा लें।

 

असामान्य मासिक स्राव

अगर आपको आपके मासिक धर्म में कुछ असामान्य बात नजर आती हो तो वो भी गर्भधारण का संकेत दे सकता है। इस तरह का रक्त स्राव कभी भी हो सकता है (जो आपने सोचा न हो) और सामान्य मासिक धर्म की तरह नहीं बल्कि उससे अलग किस्म का हो सकता है।

गर्भाशय में ऐठन

गर्भावस्था के शुरूआती दिनों में कई महिलाओं को गर्भाशय में ऐठन का अनुभव हो सकता है। यह आपके लिए चिंता की बात हो सकती है अगर आपको ये न पता हो की आप गर्भवती हो गई हैं। हो सकता है कि  जिस तरह की पीड़ा आप मासिक धर्म के दौरान महसूस करती हैं कुछ उसी तरह की पीड़ा का अनुभव इस मामले में भी हो। इसमें आप एकतरफा पीड़ा भी महसूस कर सकती हैं।

आम तौर पर जब महिलाओं को गर्भाशय में ऐठन का अनुभव हो तो ऐसा समझा जाता है आपका गर्भाशय बढ़ रहा है। इस तरह की पीड़ा सामान्य समझी जाती है और इसे स्वस्थ गर्भावस्था की निशानी भी समझी जाती है। लेकिन अगर गर्भाशय में ऐठन के साथ साथ रक्त स्राव भी होने लगे तो अपने डॉक्टर को दिखलायें। अगर आप एकतरफा पीड़ा महसूस करने लगें तो यह इकोप्टिक प्रेग्नेन्सी का भी संकेत दे सकता है। 

 

मोर्निंग सिकनेस

मोर्निंग सिकनेस गर्भवती होने का एक बहुत हीं महत्वपूर्ण लक्षण माना जाता है। आम तौर पर जब महिलाएं गर्भवती हो जाती हैं तो उन्हें मोर्निंग सिकनेस से गुजरना पड़ता है। जैसे हीं महिलाएं गर्भावस्था की जांच में पोजिटिव पाई जाती हैं उन्हें मोर्निंग सिकनेस का अनुभव होने लगता है। कुछ महिलाओं में यह लक्षण छठे सप्ताह में देखने को मिल सकता है।  मोर्निंग सिकनेस में मितली और उल्टी हो सकती है। कुछ महिलाएं बदहजमी या उबकाई की शिकायत कर सकती हैं। उलटी हो जाने पर कई महिलाएं अच्छा महसूस करती हैं।  कोई जरुरी नहीं है की मोर्निंग सिकनेस का अनुभव सिर्फ सुबह में हीं हो। यह दिन के किसी भी वक्त हो सकता है।

सेक्स की चाहत में बदलाव

गर्भधारण करने के पश्चात कुछ हफ़्तों तक यानि पहली तिमाही के भीतर गर्भवती महिलाओं के यौन क्रिया (सेक्स) की चाहत बढ़ जाती है। चूँकि भारत में महिलाएं सेक्स की चर्चा  करने में शर्म महसूस करती हैं इसलिए पुरुषों को उनकी चाहत का पता बहुत कम चल  पाता है।  जबकि विदेशों में या बड़े शहर की महिलाएं उस दौरान सेक्स में खुलकर भाग और आनंद लेती हैं। लेकिन गर्भावस्था में कैसे करें सेक्स इसकी जानकारी होना जरूरी है।

 

स्तनों में परिवर्तन

गर्भावस्था का यह भी महत्वपूर्ण लक्षण होता है। गर्भावस्था के शुरूआती दिनों में आपके स्तन कोमल हो जाते है या उनमें सूजन का आभास होने लगता है। जब आप ब्रा पहनती हैं या आपके पति उन्हें हाथ से या मुंह से छूते हैं तो आपको पीड़ा का अनुभव हो सकता है।  इसी डर से कई महिलाएं इस अवस्था में सेक्स से दूर रहने की कोशिश करती हैं। जबकि गर्भावस्था के प्रथम तिमाही में सेक्स करना सुरक्षित एवं आनंदकारक  रहता है बशर्ते कि  आपके पति आपके स्तनों को न दबाएँ।

निपल में भी बदलाव

जैसे जैसे गर्भावस्था के दिन बीतते जाते हैं आपके निपल में भी बदलाव आने लगता है। वे फैलने लगते हैं और गहरे स्याही, भूरे या काले रंग  के होने लगते है। पहली तिमाही के ख़त्म होते होते या दूसरे तिमाही के शुरू होने पर आपके स्तन बढ़ने लगते हैं।

 

बार बार पेशाब करने की इच्छा

गर्भधारण कर लेने के बाद महिलाओं को बार बार पेशाब (मूत्र त्याग) के लिए जाना पड़ता है। ऐसा तीसरी तिमाही के शुरूआती दिनों तक चल सकता है।

चटकदार, खट्टे पदार्थ खाने की इच्छा का बढ़ना

गर्भवती महिलाओं में चटकदार एवं खट्टे पदार्थ खाने की इच्छा बहुत बढ़ जाती है। आचार या आइस क्रीम जैसे खाद्य पदार्थ देखते हीं वे उन्हें खाने को मचल जाती हैं।

थकान

गर्भावस्था के दौरान आपको थकान होने लगती है और आपका मन आराम करने को करता है। ऐसे में आराम कर लेना बेहतर होता है।

स्तनों से दूध का रिसाव

कुछ महिलाओं के स्तन से गर्भावस्था के दौरान कोलेस्ट्रम यानि दूध यानि खीस का रिसाव भी होता है। यह इस बात को दर्शाता है कि  आपके स्तन आपके बच्चे को दूध पिलाने की तैयारी कर रहे हैं।

 

आमतौर पर यह बदलाव गर्भधारण करने पर सामान्य ही होते हैं लेकिन यदि शरीर में कोई बड़ा बदलाव दिखाई दे, जो आपको सामान्य न लग रहा हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। यही नहीं गर्भधारण की पुष्टी होते ही आपको अपने स्वास्थ्य और खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।

 

Read More Article on Getting Pregnant in hindi.

 

 

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES469 Votes 98547 Views 7 Comments
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर