जूते-चप्पल उतारें घर के बाहर, बीमारियां कभी नहीं आएंगी अंदर!

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 17, 2017
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Quick Bites

  • बीमारियां कभी भी आपके घर के अंदर नहीं आएंगी!
  • हमारे जूतों और चप्पलों में 421 हजार बैक्टीरिया होते हैं।
  • नकारात्मक ऊर्जा जूतों के जरिए घर में प्रवेश कर जाती हैं।

क्‍या आपने कभी ध्‍यान दिया है, बहुत से लोग अपने घर के अंदर जूते-चप्‍पल पहनकर नहीं जाते। हालांकि कुछ लोगों इसे पिछड़ी हुई मानसिकता का परिचायक मानते हैं। लेकिन क्‍या आप इसकी सही वजह जानते हैं? नहीं तो हम आपको इसका कारण बताते हैं। जी हां अगर आप घर के बाहर जूते-चप्पल उतारेगें तो बीमारियां कभी भी आपके घर के अंदर नहीं आएंगी! परिवार के अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है कि घर में पूरी तरह साफ-सफाई रहे, गंदगी न हो, धूल-मिट्टी न हो। गंदगी के कारण हमारे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। इसलिए घर से बाहर जूते चप्‍पल उतारना बहुत जरूरी होता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि यह बात एक शोध से भी साबित हुई हैं।

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क्‍या कहता है शोध

जी हां, इसके पीछे भी वैज्ञानिक कारण है जिसे हम लोग धर्म से जोड़ देते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना की स्टडी के अनुसार, हमारे जूतों और चप्पलों में 421 हजार बैक्टीरिया होते हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत हमारे खाने और पानी के साथ मिल जाते हैं। इस शोध से एक बात ओर सामने आई, कि हमारे जूतों-चप्पलों में 7 अलग-अलग तरह के 27 प्रतिशत बैक्टीरिया होते हैं, जो हमारे पाचन तंत्र से लेकर श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं। जबकि घर के बाहर इन्हें रखने पर हमारा फ्लोर और प्राइवेट रूम इनसे प्रभावित होने से बच जाता है।

 

क्‍यों उतारने चाहिए घर के बाहर जूते-चप्‍पल

इस रिसर्च से यह सामने आया है कि हम जिन पब्लिक टॉयलेट्स का इस्तेमाल करते हैं, उसमें 2 मिलियन बैक्टीरिया प्रति स्क्वायर इंच के हिसाब से पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों कहना है कि आप सड़क पर पड़े कुत्ते की गंध और अन्य गन्दी चीजों से खुद को साफ समझते हैं, पर बारिश और पानी के सम्पर्क में आने पर उनके बैक्टीरिया आपके जूतों तक पहुंच जाते हैं। तो समझ गये न आप कि ऐसे नियम कहीं न कहीं हमारे भले के लिये ही बनाये गये हैं।

 

घर का वातावरण खराब होता है

प्राचीन ऋषि-मुनियों और ज्ञानियों ने भी कभी घर के भीतर गंदे चप्पल-जूते पहनकर जाने की बात नहीं कही। उनका मानना था कि जब भी हम बाहर के गंदे जूते घर के अंदर लेकर जाते हैं तो उससे घर का वातावरण खराब होता है। घर के भीतर गंदगी फैलती है। इसके अलावा हिन्दू मान्यताओं में घर को मंदिर के सामान माना जाता है, इसे एक पवित्र स्थल का दर्जा दिया जाता है। जिस तरह पवित्र स्थलों पर जूते पहनकर जाना सही नहीं है, उसी तरह घर के भीतर चप्पल ले जाना सही नहीं समझते।

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वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार

वास्तुशास्त्र के अनुसार, अगर बाहर पहननने वाली चप्पलों को घर के भीतर पहना जाता है तो बाहर की नकारात्मक ऊर्जा हमारे जूतों के जरिए घर में प्रवेश कर जाती हैं। इसलिए घर में प्रवेश करने से चप्पल बाहर ही उतार देनी चाहिए।  

जूते-चप्पल घर के बाहर या घर के अंदर ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां से गंदगी पूरे घर में न फैले। घर के बाहर भी जूते-चप्पलों को व्यवस्थित ढंग से ही रखा जाना चाहिए। बेतरतीब रखे गए जूते-चप्पल वास्तु दोष उत्पन्न करते हैं। अत: इससे बचना चाहिए। यदि घर में चप्पल पहनना ही पड़े तो घर के अंदर की चप्पल दूसरी रखें, जिसे बाहर पहनकर न जाएं।


Image Source : Getty Shoes & cloudfront.net

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