प्रोटीन युक्त दाल के फायदे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 15, 2014
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Quick Bites

  • प्रोटीनयुक्त दाल पचने में आसान भी होती है।
  • छिलके वाली दालों का सेवन भी फायदेमंद होता है।
  • इससे शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकते हैं।
  • हर तरह की दाल की की अपने अलग गुण होते हैं।

प्रोटीनयुक्त दाल हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है लेकिन साबुत व छिलके वाली दालें खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। इनमें साबुत मूंग, मसूर, मोंठ, राजमा, चना, रोंगी और छिलके वाला मूंग आता है। अंकुरित दालें उनसे भी अच्छी होती हैं क्योंकि उनमें भारी मात्रा में विटामिन, खनिज लवण, एंजाइम्स तथा फोक मिलते हैं। ये पचाने में आसान होते हैं।

 

दालों की सर्वप्रमुख विशेषता यह होती है कि आँच पर पकने के बाद भी उनके पौष्टिक तत्व सुरक्षित रहते हैं। इनमें प्रोटीन और विटामिन्स बहुतायत में पाए जाते हैं। आइए जानें प्रोटीन से भरपूर दालों के बारे में।

benefits of lentils

अरहर

इसे तुवर की दाल भी कहा जाता है। इसमें प्रोटीन के साथ कार्बोहाइड्रेट, आयरन, कैल्शियम आदि पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह सुगमता से पचने वाली दाल है, अतः रोगी को भी दी जा सकती है, परंतु गैस, कब्ज एवं सांस के रोगियों को इसका सेवन कम ही करना चाहिए।

मूँग

मूँग साबुत हो या धुली, पोषक तत्वों से भरपूर होती है। अंकुरित होने के बाद तो इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन की मात्रा दोगुनी हो जाती है।

चना

चना और चने की दाल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य और सौंदर्य में लाभकारी होती है, बल्कि अनेक रोगों की चिकित्सा करने में भी सहायक होती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, चिकनाई, रेशे, कैल्शियम, आयरन व विटामिन्स पाए जाते हैं। रक्ताल्पता, कब्ज, डायबिटिज और पीलिया जैसे रोगों में चने का प्रयोग लाभकारी होता है। बालों और त्वचा की सौंदर्य वृद्धि के लिए चने के आटे का प्रयोग हितकारी होता है।

eating lentils

उड़द

उड़द की तासीर ठंडी होती है, अतः इसका सेवन करते समय शुद्ध घी में हींग का बघार लगा लेना चाहिए। इसमें भी कार्बोहाइड्रेट, विटामिन्स, कैल्शियम व प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। बवासीर, गठिया, दमा एवं लकवा के रोगियों को इसका सेवन कम करना चाहिए।

मसूर

इसकी प्रकृति गर्म, शुष्क, रक्तवर्द्धक एवं रक्त में गाढ़ापन लाने वाली होती है। दस्त, बहुमूत्र, प्रदर, कब्ज व अनियमित पाचन क्रिया में मसूर की दाल का सेवन लाभकारी होता है।

 

 

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