जानें कैसे अपामार्ग है बेहद गुणकारी औषधि

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 18, 2012
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Quick Bites

  • पाचनशक्ति बढ़ाने के लिए अपामार्ग का यह पौधा बहुत फायदेमंद होता है।
  • अपामार्ग क्वाथा एवं कुटकी चूर्ण सेवन करने से जलोदर में लाभ होता है।
  • सांस रोग जैसे दमा आदि होने पर इस पौधे का सेवन करना फायदेमंद होता है। 
  • अपामार्ग को पीस कर स्तनों पर लेप करने से दूध अधिक उतरता है।

अपार्माग (एकीरेंथिस एस्‍परा) का पौधा सर्दी के मौसम में खुले स्‍थानों पर होता है। इसके गुणों से लोग आमतौर पर अनजान होते हैं। इसमें पोटैशियम, सोड़ा, आयरन, गंधक और साल्‍ट पाया जाता है। अपामार्ग तीखा, कडुवा तथा प्रकृति में गर्म होता है। यह पाचन शक्ति को बढ़ता है। यह कई रोगों के लिए बहुत फायदेमंद है। पथरी, बुखार, गर्भावस्‍था के दौरान होने वाला दर्द, विष के प्रभाव को कम करने वाला, रक्‍तशोधक औषधि है। सांस रोग जैसे दमा होने पर इस पौधे का सेवन करना चाहिए। अपामार्ग आसानी से सभी जगह उपलब्‍ध है। आइए जानते हैं इसके कितने गुण हैं। 
 
 


अपामार्ग के गुण


  • एकीरेंथि‍स एस्‍परा खाने से शरीर तंदरुस्‍त होता है, पाचनशक्ति बढ़ाने के लिए यह पौधा बहुत फायदेमंद है। इस पौधे का सेवन करने से अपच की समस्‍या दूर होती है।

 

 

  • शरीर में होने वाले दर्द को दूर करने के लिए इस पैधे का इस्‍तेमाल कीजिए। जोड़ों में दर्द होने पर इसकी बीजों को पीसकर गरम कर लीजिए, फिर उसे दर्द होने वाली जगह पर लगाइए दर्द से आराम मिलेगा। 
  • बुखार होने पर इसका प्रयोग करना चाहिए। बुखार होने पर इसे रस को शहद के साथ मिलाकर खाने से फायदा होता है। 
  • अपामार्ग मूल चूर्ण 6 ग्राम रात में सोने से पहले लगातार 3 दिन जल के साथ पीने से रतौंधी में लाभ होता है।
  • जलोदर (पेट फूलने की समस्‍या) में अपामार्ग क्वाथा एवं कुटकी चूर्ण सेवन करने से जलोदर में लाभ होता है।
  • सांप के काटने पर अपामार्ग को पानी के साथ पीसकर पिलाइए, इससे विष का असर कम हो जाता है। 
  • अपामार्ग को दूध के साथ सेवन करने से गर्भधारण करने की संभावना बढ़ जाती है। 
  • अपामार्ग चूर्ण 10 ग्राम जल में पीस कर छानकर 3 ग्राम शहद और 250 मिली दूध के साथ पीने से स्तम्भन (शीघ्रपतन) नही होता। 
  • अपामार्ग बीज, पुनर्नवा मूल, शुद्ध हरताल को अपामार्ग पत्र स्वरस में पीसकर लेप करने से गिल्टी (ग्रन्थि) शीघ्र बैठ जाती है।

 

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  • इसके बीजों की खीर बनाकर खाने से कई दिन तक भूख नहीं लगती एवं शरीर कमजोर नही होता है। ऊर्जा शरीर में बनी रहती है। 
  • अपामार्ग चूर्ण, काली मिर्च  को मधु के साथ मिलाकर चाटने से सांस की बीमारियों में फायदा होता है। 
  • अपामार्ग, गूलर पत्र, काली मिर्च को पीसकर चावल के मांड़ के साथ खाने से से श्वेत प्रदर धीरे-धीरे समाप्‍त हो जाता है। 
  • बड़ की दाड़ी, खजूर पत्र एवं अपामार्ग के क्वाथ से कुल्‍ला करने पर सभी प्रकार की दांत की समस्‍यायें समाप्‍त हो जाती हैं। 
  • अपामार्ग को पीस कर स्तनों पर लेप करने से दूध अधिक उतरता है।

 

खुजली होने पर अपामार्ग का काढ़ा बनाकर उससे नहाइए, इससे खुजली दूर होती है। सिरदर्द होने पर अपामार्ग को पानी से घिस कर लेप करने से सिर में होने वाला दर्द समाप्‍त होता है। पथरी होने पर अपामार्ग क्षार को ठंडे पानी के साथ सेवन करने पर पथरी निकल जाती है। हलांकि यह जानकारी विशेषज्ञों के आधार पर जुटाई गई है और इसके सेवन से पहले डॉक्टर से एक बार जरूर बात कर लें।

 

 

Image Source - sriayurveda.wordpress.

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