बच्चों के बाल झड़ने के कारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 02, 2012
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Quick Bites

  • एक व्यक्ति के बाल 1 सेंटीमिटर तक बढ़ते हैं।
  • बच्चों का रोजाना 50 से 100 बाल गिरना सामान्य।
  • इससे अधिक झड़ने पर चिकित्सक की सलाह लें।
  • हेयर ड्रायर बच्चों के बालों पर ना करें इस्तेमाल।

अगर आप अपने बच्चे के बालों के अपेक्षा से अधिक तेज़ी से झड़ने से चिंतिंत हैं, तो विश्वास करें कि इस समस्या को झेलने वाले आप अकेले नहीं हैं। और  सबसे बड़ी बात जो आपको चिंता से मुक्त कर सकती है, वो ये  है कि यह बालों के झड़ने की एक अस्थायी और ठीक होने वाली अवस्था होती है। करीबन 90 प्रतिशत  बाल बढ़ने की अवस्था में होते हैं जबकि बाकी 10 प्रतिशत बढ़ चुके होते हैं और विश्राम की अवस्था में होते हैं। दो तीन वर्षों तक हर महीने एक व्यक्ति के बाल 1 सेंटीमिटर की लम्बाई में बढ़ते रहते हैं, और उसके बाद वे विश्राम की अवस्था में आ जाते हैं। विश्राम की अवस्था में आने के बाद, बाल गिरने लगते हैं ताकि नए बालों की उपज हो सके। तो आपके बच्चे के रोजाना 50 से 100 बालों का गिरना एक आम बात है, उसके बावजूद अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे के बाल अपेक्षा से अधिक झड़ रहे हैं तो अपने चिकित्सक की सलाह लें।  

Hair fall in kids


कुछ बच्चों के बाल झड़ने के कारण हैं, बच्चे के बालों को रंगना, ब्लीच करना, या सीधे और घुंघराले करना। बालों की डाई जो कि बालों के रंगने के लिए प्रयोग की जाती है, उसमे रसायन मिले होते हैं और वे बालों पर हानिकारक प्रभाव छोड़ते हैं। और बालों को सीधा करने या  घुंघराले करने की बालों की मशीन जिसे हेयर ड्रायर कहते हैं, उसके प्रयोग से भी आपके बच्चे के बालों पर बुरा असर पड़ता है।      

बच्चों में बालों के झड़ने के कुछ अन्य कारण:

अलोपेसिया:  बच्चों में बालों के झड़ने का मुख्य कारण होता है अलोपेसिया। अमरीका में करीबन 20 लाख बच्चे अलोपेसिया से ग्रसित होते हैं। हालांकि, काफी बच्चों के बालों की समस्याओं का उपचार सफलतापूर्वक हो जाता है, फिर भी समय पर या सही इलाज न करने से कई बच्चों में दोबारा बाल पैदा नहीं होते, और ऐसे बच्चों को जीवन भर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।।

बच्चों में टेलोजन एफ्लूवीअम:

  • आकस्मिक सदमा या आघात, भावनात्मक परेशानियां वगैरह भी बालों के झड़ने का कारण बन सकते हैं। तेज़ बुखार भी इस रोग का एक कारण होता है।
  • हालांकि बालों की पुटिकाएं लचीली होती हैं, पर जब ‘टेलोजन एफ्लूवीअम’ आक्रमण करता है तो बालों के दोबारा पैदा करने की पुटिकाओं की योग्यता पर स्थायी रूप से असर पड़ता है।     


त्रिकोटिलोमेनिया:

  • बच्चों में आंशिक रूप से बालों के झड़ने की अवस्था को त्रिकोटिलोमेनिया के नाम से जाना जाता है। इस अवस्था में बाल असमान रूप से झड़ते हैं, और गंभीर मामलों में यह अवस्था आँखों की भौहों पर भी असर कर सकती है।
  • यह एक ऐसी अवस्था है जिसमे, किसी डर के कारण, बच्चे में अपने ही बाल नोचने की उत्तेजना पैदा होती है।
  • इस तरह के बालों के झड़ने की अवस्था को स्थायी रूप से इलाज करने के लिए इसे जड़ से उखाड़ने की आवश्यकता होती है।  

टीनिया कैपिटास  

  • इस अवस्था में खोपड़ी पर दाद के फंफूदे होने की अवस्था मानी जाती है। दाद के फंफूदे बालों के झड़ने के मुख्य कारण होते हैं।
  • टीनिया कैपिटास एक संक्रामक रोग होता है, इसलिए इसका तुरंत इलाज करना आवश्यक होता है।
  • इस अवस्था से पीड़ित बच्चों को इसका पता तब तक नहीं चलता जब तक यह समस्या गंभीर नहीं हो जाती। तो अगर आपके बच्चे में आवश्यकता से अधिक बाल झड़ने लगे हैं तो किसी अच्छे त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें।  


बालों के झड़ने से रोकने की चिकित्सा:

बालों के झड़ने की चिकित्साएँ एक सी नहीं होतीं। कभी बालों की स्टाइलिंग को रोकने की और गलत खान पान का सेवन न करने की सलाह दी जाती है, और कभी आपका चिकित्सक आपके बच्चे में बालों की उपज को तेज़ गति से बढ़ने के लिए सालों की दवा, मिनोक्सीडिल लेने की सलाह दे सकता है।


अपने बच्चे को संतुलित आहार दिया करें ताकि शरीर के साथ साथ उसके बाल भी स्वस्थ रहे।

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