बुजुर्ग डायबिटीज में कैसे करें पैरों की देखभाल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 27, 2014
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Quick Bites

  • अधिकतर अधिक उम्र के डायबिटीज मरीज नहीं रख पाते पैरों का ध्‍यान।
  • अंग-विच्‍छेदन से बचने के लिए पैरों की सही देखभाल करते रहना है जरूरी।
  • पैरों को साफ रखें और कट व अन्‍य खतरों से बचने के लिए नाखून छोटे रखें।
  • किसी भी प्रकार की समस्‍या होने पर बिना देर किये अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें।

डायबिटीज में पैरों की देखभाल काफी जरूरी होता है। इससे पैरों को होने वाली अन्य गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। डायबिटीज के मरीज अपने पैरों की सही देखभाल करें, तो वे अंग-विच्छेदन से भी बच सकते हैं।

foot care for elderly diabetes
अधिक उम्र में पैरों की देखभाल करना कई बार मुश्किलों भरा हो सकता है और ऐसे में उन्हें अन्य लोगों की मदद लेनी पड़ सकती है। 1992 में इस विषय पर हुए एक विशेष शोध में यह बात सामने आई कि 86 प्रतिशत प्रतिभागी स्वयं से अपने पैरों की देखभाल करने में सक्षम नहीं थे।


ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस में छपा यह शोध डायबिटीज से पीडि़त बुजुर्गों में पैरों की होने वाली समस्याओं की एक बड़ी तस्वीर पेश करता है। इस शोध में यह भी बताया गया था कि कैसे पीडि़त के परिजन अथवा उनकी देखभाल करने वाले उन्हें पैरों में होने वाली समस्याओं से बचा सकते हैं। इसके लिए उन्हें उनके पैरों का नियमित परीक्षण करना चाहिए। आइए जानें डायबिटीज से पीडि़त बुजुर्गों में पैरों की देखभाल कैसे की जा सकती है।

ब्लड ग्लूकोज का स्तर

सबसे जरूरी बात है कि अपने रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य बनाए रखने का प्रयास करें। इसके लिए सही समय पर दवाओं का सेवन करना भी जरूरी है। इसके साथ ही अपने आहार को भी नियंत्रित रखें। इससे आप पैरों की मांसपेशियों और उत्तकों को होने वाले नुकसान से बच सकते हैं। डायबिटीज के मरीज यदि अपने रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य बनाये रखें, तो वह स्वयं को कई प्रकार की परेशानियों से बचाये रख सकते हैं।

रोजाना करें पैरों की देखभाल

डायबिटीज के मरीज के पैरों का रोजाना परीक्षण किया जाना जरूरी है। अल्सर, फफोले, घावों, कट और सूजन होने के किसी भी लक्षण पर पूरी नजर रखी जानी चाहिए। पैरों की सफाई का समय परीक्षण के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। पैरों को रोज साफ करें। इसके लिए गुनगुना पानी और माइल्ड सोप का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा। पानी का तापमान अधिक गर्म न हो। आमतौर पर डायबिटीज के कारण पैरों में असंवेदनशीलता पैदा हो जाती है, जिसके कारण मरीज को तापमान का सही अंदाजा नहीं लग पाता। लेकिन, अधिक गर्म पानी पैरों को नुकसान जरूर पहुंचा सकता है। पैरों को धोने के बाद साफ और सूखे तौलिये से उन्हें अच्छी तरह साफ कर लें। इसके बाद पैरों पर लोशन लगायें। याद रखिये, आपको पैरों की उंगलियों के बीच लोशन नहीं लगाना है, क्योंकि इससे फंगल इंफेक्शेन होने का खतरा बढ़ जाता है।

पैरों की उंगलियों के नाखून

अपने पैरों की उंगलियों के नाखूनों को छोटा ही रखें। बड़े नाखून कट अथवा किसी अन्य समस्या का कारण भी बन सकते हैं। नाखूनों को सीधा ही काटें। टेढ़ा-मेढ़ा काटने से आसपास का मांस भी कट सकता है, जिसके कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आपको अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। नाखूनों को काटने के बाद उन्हें स्मूथ भी कर दें।


जूते-चप्प‍ल हो सही

डायबिटीज के मरीजों को अपने पैरों को गर्म और सुरक्षित रखने की जरूरत होती है। ऐसे लोगों को चाहिए कि अपने पैरों में हमेशा जुराबें पहनकर रखें। बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शजन से बचने के लिए जुराबों को रोजाना बदलना जरूरी है। घर से बाहर जाते समय डायबिटीज के मरीजों को जूते पहनना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि आप किस प्रकार के जूते पहनते हैं। जूते आरामदेह और‍ फिट होने चाहिए। उसमें आपके पैरों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ना चाहिए। अपने पास कम से कम दो जोड़ी ऐसे जूते अवश्य रखें। ताकि आपको रोजाना एक ही जोड़ी जूते न पहनने पड़ें।

जूतों को वैकल्पिक दिनों में पहनने से उन्हें पूरी तरह सूखने का वक्त मिल जाएगा और ऐसे में जूतों में फंगस होने की आशंका भी खत्म हो जाएगी। जूतों में पैर डालते समय एक बार उसे जांच लें कि कहीं गलती से उनके भीतर कोई कंकड़ अथवा पैरों को नुकसान पहुंचाने वाली कोई अन्य  चीज न हो। कई बार असंवेदनशीलता के कारण डायबिटीज के मरीजों को पैर में कुछ चुभने का अहसास ही नहीं हो पाता। और ऐसे में उनके पैरों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।

नियमित मेडिकल जांच

डायबिटीज के मरीजों को नियमित रूप से डॉक्टर के पास जांच के लिए जाना चाहिए। यह जांच पैरों को किसी भी प्रकार के संभावित खतरे से बचाने में मददगार हो सकती है। इसके साथ ही अल्सर, पैरों की उंगलियों के नाखूनों का अंदर की ओर बढ़ना अथवा पैरों में दर्द आदि की समस्या होने पर भी बिना देर किये डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए। समय रहते अगर पैरों की समस्या का पता लगाया जा सके, तो अंग-विच्छेदन से बचा जा सकता है।

इन सब बातों का खयाल कर अधिक उम्र के डायबिटीज पीडि़त लोग अपने पैरों की उचित देखभाल कर सकते हैं।

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