कुछ इस प्रकार होता है गले में खराश का पूर्वानुमान व निदान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 17, 2013
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Quick Bites

  • सर्दियों के मौसम में ज्यादा होती है गले में खराश की समस्या।
  • चुभन, खिच-खिच और बोलने में तकलीफ जैसी होती हैं दिक्कतें
  • बुखार, खांसी और सांस में बदबू हैं इस समस्या के प्रमुख लक्षण।
  • मुलहठी, काली मिर्च, तुलसी और मुनक्का होता है इस समस्या में लाभदायक।

यूं तो गले में खराश एक आम समस्या है, लेकिन सर्दियों में यह जरा ज्‍यादा जोर पकड़ लेती है। हालांकि सही उपचार से जल्द ही ठीक भी हो जाती है। लेकिन, फिर भी इसे हल्‍के में नहीं लेना चाहिए। कई बार यह काफी परेशान कर सकती है। अगर यह चार पांच दिनों में ठीक न हो, तो यह आपके लिए बेहद तकलीफदेह हो सकती है। गले की खराश टॉन्सिल या गले का गंभीर संक्रमण भी हो सकता है। इसलिए हम आपको बता रहे हैं कि कैसे गले में खराश का पूर्वानुमान व निदान किया जा सकता है।

Sore Throat

मौसम के बदलने के साथ ही अक्‍सर गले में खराश की समस्या हो जाती है। खराश होने पर गले में कांटे जैसी चुभन, खिचखिच और बोलने में तकलीफ जैसी समस्याएं होती हैं। ये समस्याएं बैक्टीरिया और वायरस के कारण होती हैं। इस समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। एलर्जी और धूम्रपान इसके प्रमुख कारण होते हैं। गले के कुछ संक्रमण तो खुद ही ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में इलाज जरूरी होता है। गले में खराश की समस्या को हमेशा नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कभी-कभी ये समस्या गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है।

 

गले में खराश के कारण व इसका पूर्वानुमान

डॉंक्टर बताते हैं कि ज्यादातर गले का संक्रमण वायरस और बैक्टीरिया के कारण ही होता है। इसके अलावा फंगल इंफेक्शन भी इस समस्या का एक कारण हो सकता है, जिसे ओरल थ्रश भी कहा जाता है। यह संक्रमण किसी खाने की वस्तु, पेय पदार्थ या दवाइयों के इंफेक्शन के कारण हो सकता है। वहीं गले में खराश की समस्या अनुवांशिक भी हो सकती है। खराब खानपान जैसे ठंडे, खट्टे, तले हुए एवं प्रिजर्वेटिव खाद्य पदार्थों के सेवन व मुंह व दांतों की साफ-सफाई न करने पर भी गले में सक्रमण की आशंका बढ़ जाती है।

 

गले में खराश के लक्षण


गले में खराश होने पर कुछ निम्न लक्षण सामने आ सकते हैं।

  • गले में लगातार दर्द रहना और सूजन होना।
  • बुखार आना।
  • बोलने में परेशानी होना।
  • टॉन्सिल्स पर पीले या सफेद दाग हो जाना।
  • खांसी और सांस में बदबू आना।

 

गले में खराश का निदान

ज्यादातर मामलों में गले की खराश कोल्ड और फ्लू के वायरस के कारण होती है। गले के छोटे-मोटे संक्रमण तो कई बार खुद ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन स्ट्रेन्टोकॉक्कस जैसे संक्रमण के लिए एंटीबायोटिक्स और दर्द निवारक दवाएं लेना बहुत जरूरी होता है। इसके अलावा बैक्टीरिया या गुनगुने पानी में नमक मिला कर दिन में दो-तीन बार गरारे करें। गरारे करने के तुरन्त बाद कुछ ठंडा न लें। गुनगुना पानी पिएं जिससे गले को आराम मिलेगा। अगर समस्‍या खुद ठीक न हो, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।

 

एक बार जब डॉक्टर आपके लक्षणों की समीक्षा कर लेगा, तो उसके बाद बाद वह आपसे पूछ सकता है कि कहीं आप हाल ही में किसी गले की खराश या बीमारी या अन्य किसी लक्षणों जैसे खराश, नाक या कान के संक्रमण वाले लोगों के साथ संपर्क में तो नहीं आये हैं।

 

 

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