मैमोग्राफी के लिए डाक्‍टर को कब सम्पर्क करें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 17, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • मैमोग्राफी ब्रेस्‍ट कैंसर के निदान के लिए की जाती है।
  • स्‍तनों में गांठ दिखने पर मैमोग्राफी कराना चाहिए।
  • ब्रेस्‍ट कैंसर के लिए स्क्रीनिंग परीक्षण किया जाता है।
  • शीशे के सामने खड़े होकर दोनों स्‍तनों का टेस्‍ट कीजिए।

मैमोग्राफी मुख्‍यतया ब्रेस्‍ट कैंसर के निदान के लिए किया जाता है। यदि ब्रेस्‍ट कैंसर की आशंका है और आपको अपने स्‍तनों किसी प्रकार का कसाव या गांठ दिखे तो मैमोग्राफी कराना चाहिए। यह बहुत ही साधारण प्रक्रिया है जिसमें दर्द नही होता। जो महिलाएं स्‍तन कैंसर से प्रभावित हैं उनको मैमोग्राफी की जरूरत होती है। सामान्‍यतया यह उम्रदराज महिलाओं के लिए है लेकि‍न अनियमित लाइफस्‍टाइल और खान-पान के कारण के कारण 40 साल से भी कम उम्र की महिलाएं इसका शिकार हो रही हैं।

मैमोग्राफी ब्रेस्‍ट कैंसर के लिए स्क्रीनिंग परीक्षण किया जाता है। हर स्क्रीनिंग में कैंसर की पुष्टि होना निश्चित नहीं है। स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए हर महीने अपने स्तनों की जांच करवाएं। मैमोग्राफी की मदद से स्पष्ट कर सकते हैं कि ब्रेस्‍ट में कैंसर है या नही। लेकिन यदि आप अपने स्‍तनों में गांठ महसूस कर रहे हैं तो निश्चित नही है कि वह ट्यूमर ही हो।

mammography in hindi

डॉक्‍टर को कब संपर्क करें -

  • यदि आपको अपने स्‍तनों में कोई दिक्‍कत या परेशानी महसूस हो रही है तो डॉक्‍टर से संपर्क कर सकते हैं।
  • ब्रेस्‍ट में गांठ होने का आभास हो तो चिकित्‍सक से संपर्क करें, हो सेकता है यह ट्यूमर हो।
  • स्‍तन अगर संकुचित हो रहे हों चिकित्‍सक से संपर्क कीजिए।
  • चिकित्‍सक से संपर्क करने से पहले खुद से स्‍तनों की जांच कीजिए।
  • इसके लिए शीशे के सामने खड़े होकर दोनों स्‍तनों का टेस्‍ट कीजिए।
  • अगर दोनों स्‍तनों में असमानता हो तो चिकित्‍सक को इस बारे में बताइए।
  • ब्रेस्‍ट में गांठ या तरल पदार्थ का एहसास हो तो मैमोग्राम के लिए चिकित्‍सक से संपर्क कीजिए।
  • 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मैमोग्राफी बहुत जरूरी है क्योंकि उनमें स्तन कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।
  • जो महिलाएं मोटी होती हैं या जो महिलाएं चिकनाई युक्त आहार का सेवन करती हैं, उन्हें खासतौर पर मैमोग्राफी करानी चाहिए।

 

मैमोग्राफी के फायदे -

मैमोग्राफी उम्रदराज महिलाओं को नियमित रूप से कराना चाहिए। इससे ब्रेस्‍ट कैंसर का पता चलता है। अगर स्‍तनों में छोटी से छोटी गांठ है तो मैमोग्राम के जरिए डिटेक्‍ट हो जाता है। मैमोग्राफी कराने से स्‍तन कैंसर होने से बचा जा सकता है। इसके अलावा अगर आप ब्रेस्‍ट कैंसर के शुरूआती अवस्‍था में हैं तो अन्‍य टेस्‍ट की तुलना में इससे ब्रेस्‍ट कैंसर का पता चल जाता है।

आजकल लाइफस्‍टाइल और खान-पान के कारण कम उम्र की महिलाएं भी स्‍तन कैंसर का शिकार हो रही हैं। इसलिए मैमोग्राफी केवल उम्रदराज महिलाओं के लिए नही है। अगर आपके स्‍तनों में असमानता है तो मैमोग्राफी अवश्‍य करायें।

Image Source : Getty

Read more articles on Mammography in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES11460 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर