जांघ के स्‍ट्रेच मार्क्‍स को कम करने के लिए करें ये 3 योगासन, मिलेगा फायदा

प्रेगनेंसी के दौरान जांघ पर मौजूद स्ट्रेच मार्क्स को कम करने के लिए इन योगासनों का अभ्यास बहुत उपयोगी माना जाता है, जानें अभ्यास का तरीका।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Feb 10, 2022Updated at: Feb 10, 2022
जांघ के स्‍ट्रेच मार्क्‍स को कम करने के लिए करें ये 3 योगासन, मिलेगा फायदा

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कई समस्याओं से गुजरना पड़ता है, इस दौरान वजन बढ़ने के कारण महिलाओं को स्ट्रेच मार्क्स का भी सामना करना पड़ता है। स्ट्रेच मार्क्स स्किन पर दिखाई देने वाली धारियां होती हैं जो स्किन के ज्यादा खिंच जाने के कारण शरीर पर दिखाई देती हैं। प्रेगनेंसी के दौरान अक्सर महिलाओं को इस समस्या से गुजरना पड़ता है। जांघ पर मौजूद स्ट्रेच मार्क्स (Stretch Marks on Thighs) देखने में बुरे लगते हैं और इनको कम करने या मिटाने के लिए महिलाएं तमाम उपायों को अपनाती हैं। जांघ और पैर पर मौजूद स्ट्रेच मार्क्स को हटाने के लिए नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। महिलाओं में यह स्ट्रेच मार्क्स प्रेगनेंसी के दौरान दिखाई देने शुरू होते हैं। इसका सबसे प्रमुख कारण प्रेगनेंसी के दौरान वजन बढ़ना है। स्ट्रेच मार्क्स प्रेगनेंसी के अलावा जिम करने या खेलकूद में अधिक मेहनत करने के कारण भी हो सकते हैं। जांघ के स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने के लिए आप इन 4 योगासनों का नियमित अभ्यास कर सकती हैं।

जांघ के स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने के लिए योग (Yoga To Reduce Stretch Marks on Thighs)

प्रेगनेंसी के दौरान या कई अन्य कारणों की वजह से जांघ पर स्ट्रेच मार्क्स देखने में बहुत बुरे लग सकते हैं। हालांकि इनकी वजह से कोई समस्या नहीं होती है और न ही इनके कारण आपको किसी प्रकार का दर्द होता है। वजन बढ़ने के कारण जब आपकी स्किन जरूरत से ज्यादा खिंच जाती है तो स्किन पर ये धारियां दिखाई देती हैं। जांघ के स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने के लिए नियमित योग का अभ्यास फायदेमंद माना जाता है। नियमित रूप से योगाभ्यास करने से आपका शरीर स्वस्थ होता है और शरीर में सही ढंग से पोषक तत्वों का अवशोषण होता है। स्किन में फटे कोलेजन, इलास्टिन फाइबर को ठीक करने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास बहुत उपयोगी माना जाता है। आइये जानते है इनके बारे में।

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1. शीर्षासन (Shirshasana Or Yoga Headstand)

जांघ के स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने के लिए शीर्षासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। हठ योग में इसे आसन और मुद्रा के रूप में जाना जाता है। शीर्षासन को सभी योग आसनों का राजा भी माना जाता है। नियमित रूप से शीर्षासन का अभ्यास करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है और शरीर के आंतरिक अंगों को फायदा मिलता है। शीर्षासन एक कठिन योगासन है इसलिए शुरुआत में इसका अभ्यास बिना एक्सपर्ट की देखरेख में नहीं करना चाहिए। 

शीर्षासन करने का तरीका 

  • शीर्षासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं।
  • इसके बाद अपनी दोनों कोहनियों को जमीन पर रखते हुए सिर को जमीन पर रखें।
  • इसके बाद फर्श से घुटनों को ऊपर की तरफ उठाएं।
  • शुरुआत में आप इसका अभ्यास करने के लिए दीवार का सहारा ले सकते हैं।
  • इसके बाद धी-धीरे सिर के बल खड़े होने की कोशिश करें।
  • इस दौरान आप किसी की मदद भी ले सकती हैं।
  • शीर्षासन का अभ्यास शुरुआत में अकेले नहीं करना चाहिए।

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2. हलासन (Halasana Or Plough Pose)

हलासन को भी हठ मुद्रा योग का आसन माना जाता है। हलासन एक कठिन योगासन है जिसका शुरुआत में अभ्यास कठिन होता है। शुरुआत में हलासन का अभ्यास करने के लिए आपको एक्सपर्ट की सहायता जरूर लेनी चाहिए। प्रेगनेंसी के बाद जांघ के स्ट्रेच मार्क्स को हटाने के लिए इस योगासन का अभ्यास करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इसका अभ्यास शरीर में ब्लड सर्कुलेशन से लेकर आंतरिक अंगों की कार्यप्रणाली को सुधारने में उपयोगी माना जाता है।

हलासन के अभ्यास का तरीका 

  • हलासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं।
  • इसके बाद अपनी दोनों हथेलियों को शरीर के बगल में रखते हुए पेट की मांसपेशियों को टाइट करें।
  • इसके बाद अब अपने दोनों पैरों को 90 डिग्री तक ऊपर की तरफ ले जाएं।
  • हथेलियों को फर्श पर दबाते हुए पैरों को सिर के पीछे की तरफ करें।
  • शरीर के मध्य और निचले हिस्से को थोड़ा ऊपर उठाएं।
  • अपनी छाती को चिन के पास लाने की कोशिश करें।
  • इस मुद्रा में कुछ देर रहें उसके बाद सामान्य स्थिति में लौटें।

3. सर्वांगासन (Sarvangasana Or Shoulder Stand)

सर्वांगासन जिसे अंग्रेजी में शोल्डर स्टैंड के नाम से जाना जाता है आधुनिक योगासन है। हाथ योग में इसे एक मुद्रा के रूप में अभ्यास किया जाता है। इसके अलग-अलग वेरिएशन भी हैं। सर्वांगासन का अभ्यास शरीर के सभी अंगों के लिए उपयोगी माना जाता है। चूंकि यह एक कठिन योगासन है इसलिए शुरुआत में इसका अभ्यास एक्सपर्ट की देखरेख में ही किया जाना चाहिए। इसका अभ्यास शीर्षासन से मिलता-जुलता है। प्रेगनेंसी के बाद जांघ पर मौजूद स्ट्रेच मार्क्स को हटाने या कम करने के लिए इस योगासन का अभ्यास फायदेमंद है लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए।

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सर्वांगासन का अभ्यास करने का तरीका

  • सर्वांगासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट या चटाई पर पीठ के बल लेटें।
  • इसके बाद दोनों हाथों को शरीर के बगल में रखें।
  • अब अपने पैरों को जमीन से ऊपर की तरफ उठायें और सीधा करें।
  • इसके बाद अपने पेल्विक को जमीन से ऊपर की तरफ उठाएं।
  • कंधे, सिर, पेल्विक और पैरों को एक सीधी रेखा में रखें।
  • शोल्डर यानी कंधे के सहारे उल्टा जमीन पर खड़े होने की मुद्रा में रहें।

जांघ के स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने के लिए ये योगासन काफी फायदेमंद माने जाते हैं। इन योगासनों का रोजाना अभ्यास करने ही आपको फायदा मिलेगा। शुरुआत में इन योगासनों का अभ्यास एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें। इसके अलावा स्किन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पिएं।

(All Image Source - Freepik.com)

 
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