लिवर कैंसर के मरीजों को कौन से योगासन करने चाहिए? योग एक्सपर्ट से जानें सही तरीका और मिलने वाले फायदे

लिवर कैंसर की बीमारी में लिवर को मजबूत रखने के लिए कुछ योगासन हैं, जिन्हें कर लिवर को मजबूत रख सकते हैं। एक्सपर्ट से जानने के लिए पढ़ें ये आर्टिकल।

Satish Singh
Written by: Satish SinghPublished at: Sep 20, 2021
लिवर कैंसर के मरीजों को कौन से योगासन करने चाहिए? योग एक्सपर्ट से जानें सही तरीका और मिलने वाले फायदे

कैंसर बेहद खतरनाक बीमारी है। यह किसी भी अंग में हो तो यह नुकसान पहुंचाती है। अगर शुरुआती स्टेज में कैंसर का पता चल जाए तो हम कैंसर से बच सकते हैं। लfवर के कमजोर होने के कारण लfवर कैंसर होती है। अगर शुरुआती स्टेज हमें इसका पता चल गया तो हम इसे योग के माध्यम से भी खत्म कर सकते हैं। जमशेदपुर के जाने माने योग प्रशिक्षक मगन लाल शर्मा से जानते हैं लिवर कैंसर में हमें कौन- कौन से योगासन करनी चाहिए, जो फायदेमंद हो।

कैंसर में लिवर को हेल्दी रखने के लिए योग जरूरी

लिवर कैंसर में लिवर कमजोर हो जाता है। इसके कारण लिवर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। अगर हम नौकासन, भुजंगासन, कपालभाति और उष्ट्रासन योग आसन करेंगे तो यह लिवर को मजबूत बनाएगी। लिवर कैंसर में लिवर को मजबूत रखना काफी ज्यादा जरूरी होता है। क्योंकि लिवर के माध्यम से हमारे शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं। लिवर कैंसर में अगर यह प्रभावित हुई तो हमारा बॉडी काम नहीं कर पाएगा। अगर लिवर कमजोर रहेगा तो हम जल्दी बीमार जल्दी होंगे। कैंसर की दवा या इलाज भी इसपर असर नहीं करेगा। जमशेदपुर के डिमना में सर्जन डॉ. एन सिंह बताते हैं कि बीमारियों से बचाव में योगा व एक्सरसाइज लाभदायक होते हैं। लेकिन उन्हें करने के पूर्व हर मरीज को अपने स्तर से डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।

Bhunjangasana

भुजंगासन को करने से लिवर होता है मजबूत

योग प्रशिक्षक बताते हैं कि भुजंगासन से लिवर मजबूत होता है। अगर आपका लिवर कमजोर है तो भुजंगासन कर लिवर को मजबूत कर सकते हैं। भुजंगासन लिवर की समस्याओं को ठीक करने में भी असरदार हो सकता है। कैंसर के समय भुजंगासन करने से लिवर का फंक्शन ठीक रहता है।

भुजंगासन करने की विधि

  • पेट के बल लेट जाएं
  • इस अवस्था में पैर तने रखें, इसमें थोड़ा गैप रखें
  • दोनों हाथों को छाती के पास लाकर हथेली को नीचे टिकाएं
  • गहरी सांस लेते हुए नाभि तक के हिस्सों को उठाएं और ऊपर देखने की कोशिश करें
  • कुछ समय तक इसी मुद्रा बने रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें
  • अब सांस छोड़ते हुए पहले वाली मुद्रा में आ जाएं
  • इसे तीन से चार बार कर सकते हैं

नौकासन कर लिवर को रख सकते हैं फिट

एक्सपर्ट के अनुसार लिवर कैंसर में लिवर को हेल्दी बनाए रखना जरूरी रहता है। इसके लिए हमें नौकासन करना चाहिए। इस आसन में आपका शरीर नौका की तरह बन जाता है। इसलिए इस आसन को नौकासन कहते हैं। ऐसा कर लिवर को हेल्दी रख सकते हैं। लिवर कैंसर के मरीज इसे करने के पूर्व डॉक्टर की परामर्श जरूर ले लें साथ ही योग प्रशिक्षक की निगरानी में इसे करें तो काफी फायदा होगा।

नौकासन करे की विधि

  • इस आसन को करने के लिए शवासन की मुद्रा में आ जाएं
  • धीरे-धीरे पैर की एड़ी और पंजे को मिलाएं, इसके बाद दोनों हाथ को कमर से सटा लें
  • गर्दन और हथेली को सीधा रखें
  • दोनों पैर के साथ गर्दन और हाथ को ऊपर उठाएं
  • इस आसन की प्रक्रिया में आपके शरीर का पूरा वजन हिप्स पर रहेगा
  • तीस सेकंड तक इस योग को करें, फिर वापस शवासन की मुद्रा में आ जाएं

कपालभाति नियमित तौर पर करने से लिवर हेल्दी और मजबूत रहता है

एक्सपर्ट बताते हैं कि इस योगासन को करने से लिवर हेल्दी और मजबूत रहता है। लिवर कैंसर के दौरान कपालभाति करने काफी राहत मिलती है। इससे स्ट्रेस भी कम होता है। पेट की समस्याओं को भी दूर करती है। तीन तरह के कपालभाति होते हैं जो चंद्र कपालभाति, सूर्य कपालभाति और सामान्य कपालभाति। इसमें से कोई एक कपालभाति का आसन करने से लिवर के स्वास्थ्य के लिए ठीक रहता है। कपालभाति में कंधा, छाती हिलना नहीं चाहिए। पेट बस अंदर बाहर होगा। इसे सात से 10 मिनट तक करना चाहिए।

कपालभाति करने की विधि

  • सबसे पहले पलथी मारकर बैठ जाएं
  • दोनों हाथों से चित्त मुद्रा बनाएं और इसे अपने दोनों घुटनों पर रखें
  • इस आसन में नाक से सांस को छोड़ना नहीं है, सांस को तेजी से फेंकना है (तेजी से छोड़ना, इसे कह सकते हैं )
  • इस आसान  को करते समय बहुत लोग से लोग सांस फेंकते समय छाती में झटका देते हैं, लेकिन आपको छाती में झटका नहीं देना है
  • कपालभाति में कंधा, छाती हिलना नहीं चाहिए, पेट बस अंदर बाहर होगा
  • ऐसा कुछ मिनट तक लगातार करते रहें, इसे सात से 10 मिनट तक करना चाहिए
Ushtratasana

उष्ट्रासन करने से लिवर रहता है हेल्दी

योग प्रशिक्षक मगन बताते हैं कि उष्ट्रासन को करने से लिवर हेल्दी होती है। इसे करने से लिवर अच्छे से काम करता है। उष्ट्रासन कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए फायदेमंद होता है। लिवर की कार्यप्रणाली अच्छी बनती है। अगर लीवर कैंसर है तो इस आसन को रोजाना करना चाहिए। लेकिन इसे करने के पहले आपको अपने डॉक्टर से परामर्श लेने के साथ योग प्रशिक्षक से बात करनी चाहिए। उनके दिशा निर्देश के अनुसार ही इस योगासन को करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।

उष्ट्रासन करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिए वज्रसासन की मुद्रा में बैठ जाएं
  • इसके बाद घुटने का सहारा लेकर खड़े हो जाएं
  • अब गहरी सांस लेते हुए पीछे की तरफ झुकें, इस दौरान झुकते हुए बाएं हाथ से बाएं पैर की एड़ी और दाएं हाथ से दाएं पैर एड़ी को पकड़ लें
  • इस क्रम आपका मुंह ऊपर की तरफ होगा
  • इस स्थिति में अपने शरीर का पूरा भार हाथ और पैर पर दें
  • कुछ देर तक इस मुद्रा में रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें
  • कुछ देर बाद वापस पहले की मुद्रा में आ जाएं
  • इस आसन को पांच से छह बार करें

डॉक्टर और योग प्रशिक्षक की सलाह है जरूरी

आर्टिकल में बताई गई बातें सिर्फ जानकारी के लिए हैं। अगर आपको लिवर कैंसर है तो योग प्रशिक्षक और डॉक्टर से राय लेकर ही इन आसन को करें। क्योंकि हर आसन हर शरीर के अनुरूप नहीं होता है। आपके स्वास्थ्य की जानकारी लेकर एक्सपर्ट आपको योग कैसे करना है उसकी जानकारी दे सकते हैं।

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