क्यों बेटियां कभी-कभी मां से बना लेती हैं दूरियां, जानें क्या हैं इसके पीछे का कारण

कई बार ऐसा भी होता है कि बेटियाँ अपनी माँ से दूरी बना लेती है तो ऐसा क्यों होता है कि बेटियाँ अपनी माँ से इतना दूर हो जाती है? 

Naina Chauhan
Written by: Naina ChauhanPublished at: Nov 13, 2020Updated at: Nov 13, 2020
क्यों बेटियां कभी-कभी मां से बना लेती हैं दूरियां, जानें क्या हैं इसके पीछे का कारण

कहा जाता है बेटियाँ सबसे ज्यादा करीब अपनी माँ से होती हैं और माँ अपनी बेटियों की सबसे अच्छी दोस्त भी होती हैं। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि बेटियाँ अपनी माँ से दूरी बना लेती है तो ऐसा क्यों होता है कि बेटियाँ अपनी माँ से इतना दूर हो जाती है? इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। बेटियाँ वैसे तो बहुत भावनात्मक होती है लेकिन कई कारण और कई ऐसी चीज़ें हो जाती है जिससे बच्चे अपने माता-पिता से दूरियाँ बनाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। चलिए जानते हैं इसका कारण।

 insidefamily

माँ से क्यों  दूर हो जाती है बेटियाँ?:

उम्र के पहले जिम्मेदारियों का अहसास करवाना:

इसे भी पढ़ें : दांपत्य जीवन और करियर के बीच ऐसे बैठाएं सही तालमेल, यह तरीके आएंगे काम

बेटियों को हमेशा उनके बचपन में ही जिम्मेदारियों का अहसास करवा दिया जाता है और उन्हें बोला जाता है कि पराये घर जाना है ये काम करो या वो काम करो। कई बार इन जिम्मेदारियों के अहसास की वजह से बेटियाँ अपना बचपन खो देती हैं। और इसी वजह से वे अपनी माँ से दूरियाँ बना लेती हैं।

रोक टोक:

बेटियों को रोकना टोकना हर घर की बात है। और इसी रोक टोक की वजह से कई बार बेटियाँ अपनी माँ से दूर होती जाती हैं। बेटियों की मन की बात अगर माँ ही न समझ पाए तो ये दूरियाँ जायज है। इसलिए अत्यधिक रोक टोक पर बेटियाँ अपनी माँ से थोड़ी दूरी बना लेती हैं।

बेटी पर विश्वास न करना:

कई बार घर वाले बेटियों पर विश्वास नहीं करते लेकिन जब माँ अपनी बेटी पर विश्वास नहीं करती तो बेटियाँ दूरी बना ही लेती हैं। बेटियाँ भी चाहती हैं कि घर के लोग उन पर भरोसा करें और सबसे ज्यादा माँ उन पर भरोसा करें लेकिन अगर ऐसा नहीं होता तो बेटियों का मनोबल टूट जाता है। और ये एक बहुत अहम् वजह है कि बेटियाँ अपनी माँ से दूर हो जाती हैं।

insidemom

बात-बात पर कमियाँ निकलना:

कई जगह अपने देखा होगा कि बेटी के हर काम पर उसकी कमियाँ गिनवाई जाती हैं या दूसरों से उसकी तुलना की जाती है। यही व्यवहार बार-बार दोहराने से बेटियों का मन ख़राब हो जाता है और बेटी के मन में माँ के लिए और परिजनों के लिए नफरत जगह लेने लगती है। इस दौरान माँ और बेटी के बीच की दूरियाँ बढ़ जाती है।

बेटी और बेटे के बीच तुलना करना:

ये अधिकतर घर की कहानी होती है कि बेटे और बेटियों के बीच में तुलना की जाती है और बेटियों को बेटों से कम माना जाता है। और इसी के चलते बेटी के मन में हीनभावना जन्म लेने लगती  है। ये वो दौर होता है जब बेटी के मन में अपनी माँ के लिए प्यार नहीं बचता क्योंकि माँ भी इस तुलनात्मक प्रक्रिया में अपनी बेटी का साथ नहीं देती।

इसे भी पढ़ें : आपकी शादीशुदा जिंदगी और रिश्ते में खतरे का संकेत हो सकती हैं ये 5 बातें

ये कुछ ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से माँ और बेटी के बीच दूरियाँ पनपने लगती हैं। वैसे इन दूरियों को कम किया जाना संभव है। लेकिन कभी-कभी इन दूरियों को कम नहीं किया जा सकता क्योंकि बेटियों के मन में हीन भावना बहुत ज्यादा घर कर चुकी होती है । इसलिए बेटियों को घर में प्यार मिलना चाहिए ताकि वे ख़ुशी का अनुभव कर सकें। 

Read More Article On Relationship In Hindi

Disclaimer